मथुरा/वृंदावन: उत्तर प्रदेश के वृंदावन से संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है, जिनका मूल नाम दीपक बताया जा रहा है और वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। घटना वृंदावन कोतवाली क्षेत्र के गुरु कृपा कुंज से जुड़ी है, जहां प्रेमानंद महाराज से जुड़े कई शिष्य रहते हैं। रसिक दुलारी शरण इमारत की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
चौथी मंजिल से गिरने के बाद अस्पताल में मौत
जानकारी के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे। शुक्रवार को वह इमारत की चौथी मंजिल की छत पर गए थे। कुछ समय बाद वह नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आश्रम से जुड़े लोग उन्हें इलाज के लिए सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पुलिस के अनुसार अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब घटनास्थल, कमरे और आसपास मौजूद परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है।
शरीर पर चोटों ने बढ़ाया मामला का रहस्य
इस घटना ने इसलिए भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं क्योंकि रसिक दुलारी शरण के शरीर पर कई गंभीर चोटें मिलने की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उनके निजी अंग पर भी गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। उनके कमरे से एक ग्राइंडर मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जिस पर पुलिस की नजर है। हालांकि, इन परिस्थितियों को लेकर अभी पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है और यह स्पष्ट नहीं है कि चोटें किस परिस्थिति में आईं।
पुलिस इन सभी पहलुओं को जांच का हिस्सा बना रही है। यही वजह है कि मामले को केवल आत्महत्या मानकर जांच को सीमित नहीं किया जा रहा है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
जबलपुर के रहने वाले थे रसिक दुलारी शरण
पुलिस और सामने आई जानकारी के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण का मूल नाम दीपक था और वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। दीक्षा लेने के बाद उन्होंने रसिक दुलारी शरण नाम अपनाया था। रिपोर्टों में उनकी उम्र करीब 25 वर्ष बताई गई है। वह वृंदावन में रहकर आश्रम से जुड़ी सेवाओं और साधना में शामिल थे। गुरु कृपा कुंज परिसर में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े करीब 50 अन्य शिष्यों के रहने की जानकारी भी सामने आई है।
आत्महत्या या कोई और वजह? पुलिस जांच में जुटी
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच अभी जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रसिक दुलारी शरण किन परिस्थितियों में चौथी मंजिल से नीचे गिरे। घटनास्थल और कमरे की जांच के साथ-साथ उपलब्ध साक्ष्यों तथा सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले सभी तथ्यों को ध्यान में रखा जाएगा।
इस घटना के बाद वृंदावन के गुरु कृपा कुंज परिसर में भी चर्चा का माहौल है। एक युवा शिष्य की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
