रोशनाबाद जेल के वरिष्ठ अधीक्षक को भेजे गए थे धमकी भरे मैसेज, पुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और मोबाइल किया बरामद; पूछताछ में सामने आई धमकी की पूरी कहानी
हरिद्वार। रोशनाबाद स्थित जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से जान से मारने की धमकी देने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सिडकुल पुलिस ने मामले में हिमांशु चोढा नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने जेल अधीक्षक को धमकी भरे और अभद्र मैसेज भेजे थे। जांच के दौरान आरोपी के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मामले में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि धमकी देने की घटना के पीछे जेल में बंद एक महिला से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उस महिला को अपनी कथित पत्नी बताता है। महिला जिला कारागार में देह व्यापार से जुड़े मामले में बंद है। आरोपी का कहना है कि जेल में उससे मुलाकात के दौरान जेल स्टाफ द्वारा अधिक पूछताछ किए जाने को लेकर वह नाराज था। पुलिस के मुताबिक इसी नाराजगी के बाद कथित तौर पर जेल अधीक्षक को धमकी देने की योजना बनाई गई।
11 सितंबर को मिली थी धमकी
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बीती 11 सितंबर को जिला कारागार रोशनाबाद के वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया था कि उनके मोबाइल फोन पर धमकी भरे और अभद्र संदेश भेजे गए हैं। इन संदेशों में लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद थाना प्रभारी अजय शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया और धमकी भेजने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी गई। धमकी में कुख्यात गैंगस्टर का नाम इस्तेमाल होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी और अन्य माध्यमों से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया।
सूर्य नगर के पास चेकिंग में पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी की पहचान हिमांशु चोढा पुत्र श्याम लाल चोढा के रूप में हुई। वह मूल रूप से लुधियाना, पंजाब का रहने वाला है और वर्तमान में आईडीपीएल, देहरादून में रह रहा था।
सोमवार को पुलिस टीम सिडकुल क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूर्य नगर के पास पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर हिमांशु चोढा को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक अवैध 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा 315 बोर का कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुआ।
हथियार बरामद होने के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं। पुलिस अब आरोपी से बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर धमकी भेजने से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
जेल में बंद महिला से मुलाकात के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसकी कथित पत्नी जिला कारागार में देह व्यापार से जुड़े मामले में बंद है। आरोपी के अनुसार, जब वह उससे मिलने जेल गया था तो जेल स्टाफ ने उससे अधिक पूछताछ की। इसी बात को लेकर वह नाराज हो गया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया कि जेल में बंद महिला ने उसे जेल अधीक्षक के बारे में उकसाया और लॉरेंस बिश्नोई के नाम से धमकी देने की बात कही। पुलिस के अनुसार, महिला ने आरोपी को जेल अधीक्षक का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया था।
इसके बाद आरोपी पंजाब के लुधियाना गया और अपने आधार कार्ड से लिए गए नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हुए जेल अधीक्षक के मोबाइल फोन पर धमकी भरे संदेश भेजे। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि धमकी भेजने की पूरी योजना में जेल में बंद महिला की क्या भूमिका थी।
तमंचा लेकर हरिद्वार पहुंचा था आरोपी
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे मैसेज भेजने के बाद आरोपी को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह पहले से रखे तमंचे और कारतूस के साथ लुधियाना से हरिद्वार पहुंचा।
पुलिस का दावा है कि आरोपी जेल अधीक्षक को डराने के इरादे से जेल की ओर जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे सिडकुल क्षेत्र में चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। यदि पुलिस की यह बात जांच में पुष्ट होती है, तो इससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी केवल मोबाइल मैसेज भेजने तक सीमित नहीं था, बल्कि हथियार लेकर हरिद्वार पहुंचा था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध नहीं: पुलिस
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि धमकी में लॉरेंस बिश्नोई का नाम इस्तेमाल किए जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपी का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध नहीं बताया है।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी नशे का आदी है और अपनी पहली पत्नी तथा परिजनों को छोड़कर इधर-उधर भटकता रहता है। वह जेल में बंद महिला को अपनी दूसरी पत्नी बताता है। पुलिस के मुताबिक, जेल में बंद महिला ने ही आरोपी को जेल अधीक्षक के संबंध में उकसाया था। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस अब उस महिला की भूमिका की भी जांच कर रही है और उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में भी दर्ज है गंभीर मामला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी हिमांशु चोढा के खिलाफ देहरादून के रायवाला थाने में मानव तस्करी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान मामले के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, फिलहाल मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। धमकी भेजने के लिए इस्तेमाल मोबाइल नंबर, आरोपी के मोबाइल फोन, बरामद हथियार और कथित पत्नी के साथ उसके संपर्क समेत अन्य पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है।
इस पूरे मामले में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि आखिर जेल अधीक्षक को धमकी देने के लिए लॉरेंस बिश्नोई का नाम क्यों इस्तेमाल किया गया और जेल में बंद महिला की इसमें वास्तविक भूमिका क्या थी। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से हथियार भी बरामद हो चुके हैं। अब मामले में जेल में बंद महिला की भूमिका, धमकी के पीछे की पूरी साजिश और आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
