देहरादून/लैंसडाउन: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले का लैंसडाउन आने वाले दिनों में देश की सुरक्षा और सैन्य व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण दौरे का गवाह बनने जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के लैंसडाउन पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों वरिष्ठ अधिकारी 18 और 19 सितंबर को लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स के रेजिमेंटल सेंटर का दौरा कर सकते हैं। वहीं कुछ रिपोर्टों में 19 सितंबर को मुख्य कार्यक्रम और दोनों अधिकारियों के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दी गई है।
लैंसडाउन में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के प्रस्तावित दौरे को लेकर सेना और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। गढ़वाल राइफल्स के कार्यक्रम के दौरान सैन्य गतिविधियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और रेजिमेंट से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी लिए जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही अग्निवीरों से संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित बताया जा रहा है। ऐसे में यह दौरा सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं और गढ़वाल राइफल्स से जुड़े जवानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गढ़वाल राइफल्स के कार्यक्रम में होंगे शामिल
लैंसडाउन भारतीय सेना की महत्वपूर्ण छावनियों में से एक है और गढ़वाल राइफल्स का इससे ऐतिहासिक एवं सैन्य संबंध रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का एक साथ यहां पहुंचना विशेष महत्व रखता है। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों अधिकारियों के सेना परेड ग्राउंड पहुंचने की जानकारी है और उनके दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
दौरे के दौरान गढ़वाल राइफल्स की गतिविधियों और सैन्य तैयारियों का जायजा लेने के साथ अग्निवीरों से बातचीत भी प्रस्तावित है। हालांकि, अधिकारियों का पूरा कार्यक्रम अंतिम रूप से बदल सकता है, इसलिए कार्यक्रम से जुड़ी जानकारियों को फिलहाल प्रस्तावित कार्यक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है।
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का गढ़वाल राइफल्स से पुराना रिश्ता
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का गढ़वाल राइफल्स से विशेष जुड़ाव रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार उन्होंने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। उनके सैन्य करियर में विभिन्न कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। वे पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं से जुड़े परिचालन मामलों का भी व्यापक अनुभव रखते हैं। उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
जनरल सुब्रमणि ने जुलाई 2025 में सेना में करीब 39 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत रहे। केंद्र सरकार ने मई 2026 में उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया और 31 मई 2026 को उन्होंने देश के तीसरे CDS के रूप में पदभार संभाला।
उनके लैंसडाउन दौरे को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गढ़वाल राइफल्स के साथ उनका पुराना सैन्य संबंध रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार 2025 में उन्होंने गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट का पद भी संभाला था और बाद में यह जिम्मेदारी लेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने संभाली।
अजीत डोभाल भी उत्तराखंड से रखते हैं खास रिश्ता
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का उत्तराखंड से गहरा संबंध रहा है। उनका जन्म पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। भारतीय पुलिस सेवा से जुड़े करियर के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। केंद्र सरकार ने 30 मई 2014 को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया था।
अजीत डोभाल को भारतीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों के प्रमुख अधिकारियों में गिना जाता है। उनके लंबे करियर में खुफिया एवं सुरक्षा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां रही हैं। उन्हें कीर्ति चक्र से भी सम्मानित किया गया है। हालांकि उनके करियर से जुड़ी कई चर्चित कार्रवाइयों और अभियानों को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र में अलग-अलग विवरण मिलते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में आधिकारिक रूप से उपलब्ध जानकारी और प्रमाणित रिकॉर्ड को ही आधार माना जाना उचित है।
दो बड़े अधिकारियों का एक साथ पहुंचना क्यों है खास?
लैंसडाउन में NSA और CDS का प्रस्तावित एक साथ दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों की जिम्मेदारियां राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा व्यवस्था के अलग-अलग लेकिन परस्पर जुड़े क्षेत्रों से संबंधित हैं। NSA अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े रणनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री को सलाह देने वाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता और बेहतर समन्वय से जुड़े दायित्वों के शीर्ष सैन्य पद पर हैं। जनरल सुब्रमणि ने पदभार संभालते समय रक्षा बलों में जॉइंटनेस, इंटीग्रेशन और तालमेल को मजबूत करने तथा स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के विकास और समावेशन पर जोर दिया था।
लैंसडाउन में प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान अग्निवीरों से संवाद और सैन्य गतिविधियों का अवलोकन युवाओं के लिए भी खास अवसर हो सकता है। गढ़वाल राइफल्स की सैन्य परंपरा, प्रशिक्षण और अनुशासन से जुड़ा यह क्षेत्र उत्तराखंड के लिए विशेष पहचान रखता है।
फिलहाल दोनों अधिकारियों के प्रस्तावित दौरे को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं। कार्यक्रम में अंतिम समय पर बदलाव संभव है। यदि प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार दौरा होता है तो 18-19 सितंबर के दौरान लैंसडाउन में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व से जुड़े दो प्रमुख चेहरों की मौजूदगी देखने को मिलेगी।
लैंसडाउन की धरती पर NSA अजीत डोभाल और CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की मौजूदगी न केवल गढ़वाल राइफल्स के लिए बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य-सुरक्षा कार्यक्रम के रूप में देखी जा रही है।
