By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अंकिता भंडारी और मोहम्मद दीपक केस के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी! तीन भाषाओं में आया पत्र, हाईकोर्ट में मचा हड़कंप
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > अंकिता भंडारी और मोहम्मद दीपक केस के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी! तीन भाषाओं में आया पत्र, हाईकोर्ट में मचा हड़कंप
उत्तराखंडफीचर्ड

अंकिता भंडारी और मोहम्मद दीपक केस के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी! तीन भाषाओं में आया पत्र, हाईकोर्ट में मचा हड़कंप

The Hill India News
Last updated: September 16, 2026 12:07 pm
The Hill India News
Published: September 16, 2026
Share
SHARE

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट की सुरक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक अधिवक्ता को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिलने से सनसनी फैल गई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीड़ित पक्ष और कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से जुड़े मामले की पैरवी कर रहे हाईकोर्ट अधिवक्ता नवनीश नेगी को डाक के माध्यम से यह पत्र प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि पत्र में उर्दू, बंगाली और अरबी भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है।

Contents
डाक से मिला धमकी भरा पत्रअंकिता भंडारी मामले की पैरवी कर रहे हैं अधिवक्ताहाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी के बाद नई घटनाअधिवक्ताओं में चिंता का माहौलअधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग फिर उठीपुलिस जांच से सामने आएगा पत्र के पीछे कौन

धमकी भरा पत्र मिलने के बाद अधिवक्ता नवनीश नेगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी और पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र में कथित तौर पर अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद हाईकोर्ट परिसर में भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

डाक से मिला धमकी भरा पत्र

जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता नवनीश नेगी को डाक के माध्यम से एक पत्र मिला। अधिवक्ता के मुताबिक, पत्र लिखने वाले ने कथित तौर पर स्वयं को ‘यमराज’ बताया है। पत्र में उनके साथ पहले दुर्घटना और उसके बाद हमला किए जाने जैसी धमकी दिए जाने की बात कही गई है।

पत्र में अलग-अलग भाषाओं के इस्तेमाल को लेकर भी मामला चर्चा में है। बताया गया है कि धमकी भरे पत्र में उर्दू, बंगाली और अरबी भाषा में लिखी गई सामग्री मौजूद है। पत्र की भाषा और उसमें लिखी धमकियों को लेकर अधिवक्ता ने पुलिस को जानकारी दी है।

हालांकि, पत्र वास्तव में किसने भेजा, इसका उद्देश्य क्या था और उसमें लिखी धमकी कितनी गंभीर तथा वास्तविक है, इसका निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पत्र मिलने की शिकायत के आधार पर जांच की मांग की गई है।

अंकिता भंडारी मामले की पैरवी कर रहे हैं अधिवक्ता

अधिवक्ता नवनीश नेगी उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी कर रहे हैं। इसके अलावा वह कोटद्वार के मोहम्मद दीपक से जुड़े मामले में भी अधिवक्ता के रूप में पेश हो रहे हैं।

ऐसे में उन्हें कथित धमकी भरा पत्र मिलने की खबर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। हाईकोर्ट में विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

अधिवक्ता का कहना है कि धमकी को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और पत्र भेजने वाले व्यक्ति या लोगों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी के बाद नई घटना

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब उत्तराखंड हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला भी चर्चा में रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट से जुड़े अधिवक्ता को कथित रूप से जान से मारने की धमकी वाला पत्र मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

हाईकोर्ट जैसे संवेदनशील संस्थान की सुरक्षा केवल न्यायाधीशों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वहां आने वाले अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम लोगों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। लगातार सामने आ रही धमकी से जुड़ी घटनाओं की जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

अधिवक्ताओं में चिंता का माहौल

धमकी भरे पत्र की जानकारी सामने आने के बाद हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के बीच भी चिंता देखी जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि किसी वकील को उसके पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के दौरान धमकी दी जाती है तो यह केवल संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा का विषय नहीं रह जाता, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े व्यापक सुरक्षा वातावरण का मुद्दा बन जाता है।

अधिवक्ताओं के अनुसार, वकील विभिन्न पक्षों की ओर से अदालत में अपनी कानूनी दलील रखते हैं। ऐसे में उन्हें किसी भी प्रकार के दबाव या भय से मुक्त होकर अपना पेशेवर दायित्व निभाने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है।

अधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग फिर उठी

इस घटना के बाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से उत्तराखंड में अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी सामने आई है। बार एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिवक्ताओं को सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है, ताकि वे बिना किसी दबाव के न्यायालय में अपने मुवक्किलों का पक्ष रख सकें।

पूर्व हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष एमसी पंत ने भी मामले को गंभीर बताते हुए अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनके मुताबिक, न्यायपालिका से जुड़े लोगों और अधिवक्ताओं को लगातार मिलने वाली धमकियां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा करती हैं।

पुलिस जांच से सामने आएगा पत्र के पीछे कौन

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि धमकी भरा पत्र किसने भेजा और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। पत्र में इस्तेमाल की गई भाषाओं, लिखावट, डाक से भेजे जाने के तरीके और उसमें मौजूद अन्य विवरणों की जांच पुलिस के लिए अहम हो सकती है।

पुलिस यदि पत्र की फोरेंसिक जांच कराती है तो उसके जरिए पत्र की लिखावट, कागज, स्याही और अन्य संभावित सुरागों की पड़ताल की जा सकती है। साथ ही डाक से पत्र भेजे जाने की स्थिति में उसे भेजने वाले व्यक्ति तक पहुंचने के लिए डाक संबंधी रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

फिलहाल अधिवक्ता नवनीश नेगी की शिकायत के बाद पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। पत्र भेजने वाले की पहचान, धमकी का उद्देश्य और मामले में किसी व्यक्ति की संलिप्तता जैसे सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि संवेदनशील मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों की सुरक्षा के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाने चाहिए। अब पुलिस जांच की प्रगति और सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हैं।

You Might Also Like

हमें बचा लीजिए’: निर्वासित पाक नेता की पीएम मोदी से अपील, कहा – ‘आप ही हैं आखिरी उम्मीद’
नई दिल्ली : विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार 2047 में इंडिया@100 को परिभाषित करेंगे -केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
उत्तराखंड: धार्मिक स्थलों के लिए बनेगा मास्टर प्लान, तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा-सुविधा होगी प्राथमिकता
Uttarakhand: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में चोपता में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर
नई दिल्ली : पर्यावरण की रक्षा करके हम कई मानवाधिकारों की रक्षा कर सकते हैं: राष्ट्रपति मुर्मु
TAGGED:Ankita BhandariMohammad DeepakNainital High CourtUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

अंकिता भंडारी और मोहम्मद दीपक केस के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी! तीन भाषाओं में आया पत्र, हाईकोर्ट में मचा हड़कंप

The Hill India News
The Hill India News
September 16, 2026
UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला! ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर MDR को चुनौती, सरकार के फैसले पर उठे सवाल
पीएम मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ पर सियासत तेज, गणेश गोदियाल ने उठाए सवाल; बोले- दीप जलाएं तो अंकिता भंडारी को याद कर न्याय की प्रार्थना करें
मक्का के आसमान में हूती ड्रोन से मचा हड़कंप, सऊदी एयर डिफेंस ने किया इंटरसेप्ट; पाकिस्तान की चुप्पी के बीच ‘मक्का रक्षा समझौते’ पर उठे सवाल
औली की बर्फीली पहाड़ियों में भारत-अमेरिका की सेनाओं का शक्ति प्रदर्शन, 1200 जवानों ने संभाला मोर्चा; ड्रोन और आधुनिक तकनीक से होगी युद्ध की तैयारी
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दामों ने बढ़ाई टेंशन, स्मार्ट लॉकडाउन की खबरों से मचा हड़कंप; 4 दिन काम और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों पर चर्चा
दिव्यांग बच्चों के बीच सीएम धामी ने काटा जन्मदिन का केक, बच्चों का गीत सुन भावुक हुए मुख्यमंत्री; बोले- सहानुभूति नहीं, सशक्तिकरण जरूरी
UPI Payment पर बड़ा अपडेट! 15 अक्टूबर से बदलेंगे नियम, लेकिन हर पेमेंट पर नहीं लगेगा चार्ज; ₹2,000 तक UPI फ्री, जानिए पेट्रोल, बीमा, रेलवे, म्यूचुअल फंड और बड़े पेमेंट पर क्या होगा असर
संजू सैमसन ने रचा इतिहास! धोनी-पंत समेत बड़े विकेटकीपर पीछे, अफगानिस्तान के खिलाफ 22 गेंदों में 57 रन से बनाया महारिकॉर्ड
पिरान कलियर में मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था नशे का खेल! STF का छापा पड़ा तो सामने आया बड़ा राज, 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल और 10 कोडीन सिरप बरामद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?