By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: BRICS Summit खत्म, PM मोदी का बड़ा संदेश- टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना गलत, दुनिया के विकास पर पड़ता है असर
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > BRICS Summit खत्म, PM मोदी का बड़ा संदेश- टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना गलत, दुनिया के विकास पर पड़ता है असर
देशफीचर्ड

BRICS Summit खत्म, PM मोदी का बड़ा संदेश- टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना गलत, दुनिया के विकास पर पड़ता है असर

The Hill India News
Last updated: September 14, 2026 7:38 am
The Hill India News
Published: September 14, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली में दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन, भारत ने लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को बनाया अपनी प्राथमिकता; सप्लाई चेन से लेकर AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक वैश्विक सहयोग पर जोर

नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ठोस और व्यावहारिक नतीजों की उम्मीदों के बीच संपन्न हो गया। सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का हथियार के रूप में इस्तेमाल करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे केवल संबंधित देशों पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

Contents
नई दिल्ली में दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन, भारत ने लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को बनाया अपनी प्राथमिकता; सप्लाई चेन से लेकर AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक वैश्विक सहयोग पर जोरचार प्रमुख स्तंभों पर भारत का फोकसAI और टेक्नोलॉजी में सहयोग पर जोरपेपरलेस व्यापार और डिजिटल सिस्टम पर जोरऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा भी एजेंडे मेंBRICS को आम लोगों से जोड़ने पर PM मोदी का जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया कई तरह के संकटों और चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में देशों के बीच टकराव और संसाधनों को दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय सहयोग और साझेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स को ऐसी व्यवस्था के रूप में विकसित करने पर जोर दिया, जो वैश्विक दक्षिण सहित दुनिया के विभिन्न देशों के लिए विकास, नवाचार और सहयोग का प्रभावी मंच बन सके।

चार प्रमुख स्तंभों पर भारत का फोकस

भारत ने ब्रिक्स के अपने प्रयासों को मुख्य रूप से चार स्तंभों—लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में इन चारों क्षेत्रों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

दुनिया हाल के वर्षों में सप्लाई चेन से जुड़े गंभीर संकटों का सामना कर चुकी है। कोरोना महामारी और उसके बाद पैदा हुई वैश्विक परिस्थितियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भोजन, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और उत्पादन नेटवर्क के लिए मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन कितनी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने सप्लाई चेन रेजिलियंस फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा है।

इसका उद्देश्य ऐसी आपूर्ति श्रृंखला तैयार करना है, जो किसी भी वैश्विक संकट, युद्ध, प्राकृतिक आपदा या आर्थिक अस्थिरता के दौरान भी आवश्यक वस्तुओं और संसाधनों की उपलब्धता को बनाए रखने में सक्षम हो।

AI और टेक्नोलॉजी में सहयोग पर जोर

दुनिया तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों का महत्व भी तेजी से बढ़ा है। भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

भारत का मानना है कि ब्रिक्स देशों को एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में साथ काम करना चाहिए। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार में तकनीक के इस्तेमाल और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को आपस में जोड़ने पर जोर दिया गया है।

इससे सदस्य देशों के बीच नई तकनीकों का आदान-प्रदान बढ़ सकता है और उद्योगों को भी नई संभावनाएं मिल सकती हैं। साथ ही डिजिटल क्षेत्र में सहयोग से व्यापार को आसान बनाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पेपरलेस व्यापार और डिजिटल सिस्टम पर जोर

ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत ने पेपरलेस व्यापार और डिजिटल सिस्टम के बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। डिजिटल तकनीक के माध्यम से व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने से कारोबारियों को लाभ मिल सकता है।

भारत का जोर ऐसे डिजिटल सिस्टम विकसित करने पर है, जिनके माध्यम से अलग-अलग देशों के बीच व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक बाधाएं कम हों। इससे समय और लागत दोनों को कम करने में मदद मिल सकती है।

ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा भी एजेंडे में

ब्रिक्स के चार स्तंभों में अंतिम स्तंभ स्थिरता है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि किसी भी अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए ऊर्जा सुरक्षा, बेहतर परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बेहद जरूरी है।

ऊर्जा की स्थिर और भरोसेमंद उपलब्धता उद्योगों और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं मजबूत परिवहन नेटवर्क उत्पादन और व्यापार को गति देता है। इसी तरह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उद्योगों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है।

BRICS को आम लोगों से जोड़ने पर PM मोदी का जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि ब्रिक्स केवल सरकारों और बड़े संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे आम लोगों से जोड़ने की जरूरत है। भारत का प्रयास है कि ब्रिक्स के माध्यम से होने वाला सहयोग जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे और इसका फायदा समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचे।

नई दिल्ली में हुए इस सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक, व्यापार, ऊर्जा और सप्लाई चेन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। भारत ने इस मंच के माध्यम से स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का समाधान टकराव से नहीं बल्कि सहयोग, नवाचार और स्थिरता के जरिए किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी का टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार के रूप में इस्तेमाल न करने का संदेश भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा माना जा रहा है। भारत ने ब्रिक्स के जरिए ऐसी वैश्विक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें तकनीक और महत्वपूर्ण संसाधनों का इस्तेमाल विकास को आगे बढ़ाने के लिए हो, न कि देशों पर दबाव बनाने के लिए।

इस तरह नई दिल्ली में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत ने वैश्विक चुनौतियों के बीच लचीली सप्लाई चेन, तकनीकी नवाचार, डिजिटल सहयोग और आर्थिक स्थिरता को भविष्य की प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा।

You Might Also Like

‘हमने इस चुनाव से सीखीं कई बातें फर्जी वोटिंग, EVM हैक…’ जानें मुख्य चुनाव आयुक्त ने और क्या-क्या कहा?
नैनीताल हाईकोर्ट: लोहाघाट विधायक के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई, 12 मई को होगी अगली बहस
New Delhi: भोजपुरी फिल्‍म डायरेक्‍टर का शव संदिग्‍ध हालात में यूपी के होटल में मिला
दिल्ली में मौजूदा ईवी नीति को मिला विस्तार, जल्द आएगी नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0
चम्पावत बनेगा ‘आदर्श जनपद’: मुख्यमंत्री धामी ने ₹36.83 करोड़ की योजनाओं का किया शिलान्यास, 100 फीट ऊंचे तिरंगे का अनावरण
TAGGED:BRICS SummitCritical MineralsPM Moditechnology
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

गंगा के बढ़े जलस्तर ने रोका ‘राजमहल क्रूज’ का सफर! भागलपुर में फंसा आलीशान क्रूज, 9 विदेशी पर्यटकों को ट्रेन से सुरक्षित पटना भेजा गया

The Hill India News
The Hill India News
September 14, 2026
हरीश रावत के इस्तीफे से उत्तराखंड कांग्रेस में हलचल! अब ‘Bigg Boss’ खड़गे से करेंगे मुलाकात, गोदियाल को भी भेजेंगे चिट्ठी
BRICS Summit खत्म, PM मोदी का बड़ा संदेश- टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना गलत, दुनिया के विकास पर पड़ता है असर
नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बनाया आपत्तिजनक वीडियो, फिर वायरल करने की धमकी देकर ऐंठे लाखों! मुख्य आरोपी गिरफ्तार, एक लाख नकद और कार बरामद
कलेक्टर की क्लास में 60 छात्र फेल! विराट कोहली के बारे में सब पता, लेकिन संविधान-सेल और खाद पर नहीं दे पाए जवाब; प्राचार्य-शिक्षक को नोटिस
गढ़वाल विवि में बदला छात्र राजनीति का मिजाज! ABVP का मजबूत गढ़ ढहा, हिमांशु भंडारी की बंपर जीत; विरोधी गुटों ने मारी बाजी
पिथौरागढ़ में बारिश-बाढ़ ने मचाई तबाही! चीन सीमा को जोड़ने वाला 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बहा, तीन घाटियों का संपर्क कटा
ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत का बड़ा फैसला, कांग्रेस के दोनों अहम पदों से इस्तीफा; बोले- ‘मेरी वजह से पार्टी के संघर्ष में कमजोरी नहीं आनी चाहिए’
पौड़ी छात्रसंघ चुनाव में NSUI की बंपर जीत, अध्यक्ष-सचिव समेत 3 बड़े पदों पर कब्जा; कैंपस में जमकर गूंजे जीत के नारे
उत्तराखंड में बैंक हड़ताल से थमी बैंकिंग सेवाएं, फाइव-डे बैंकिंग समेत 6 मांगों को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन; अब बड़े आंदोलन की चेतावनी
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?