हल्द्वानी: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार, 29 अगस्त को उत्तराखंड के खेल क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है। प्रदेश को आज उसके पहले खेल विश्वविद्यालय की सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी के गौलापार में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय का भूमि-पूजन और शिलान्यास करेंगे। इस विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने के बाद प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी आज एक दिवसीय नैनीताल दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है और कार्यक्रम स्थल पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास को लेकर भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को नई पहचान और मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौलापार में होगा भूमि-पूजन और शिलान्यास
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सुबह रुद्रपुर के डीपीएस स्कूल मैदान से हेलीकॉप्टर के जरिए गौलापार के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे गौलापार स्टेडियम हैलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर कार से उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए रवाना होंगे और करीब पांच मिनट बाद विश्वविद्यालय परिसर पहुंचेंगे।
विश्वविद्यालय परिसर में दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से 2 बजे तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री खेल विश्वविद्यालय का भूमि-पूजन और शिलान्यास करेंगे। साथ ही राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भी प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
खिलाड़ियों के लिए खुलेंगे नए अवसर
उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं की भूमि के रूप में भी पहचान मिली है। प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। अब राज्य में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना से इन प्रतिभाओं को बेहतर शैक्षणिक और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद बढ़ी है।
खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से खिलाड़ियों को खेलों के साथ-साथ उससे जुड़े शैक्षणिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे प्रदेश के युवाओं को खेल को केवल प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा और करियर के विकल्प के तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
खेल क्षेत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और खेल से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम विकसित होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
कुलपति समेत 94 पदों को मिली मंजूरी
खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए कुलपति समेत कुल 94 पदों को स्वीकृति मिल चुकी है। इससे विश्वविद्यालय के संस्थागत ढांचे को तैयार करने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से खेल क्षेत्र को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में खेल विश्वविद्यालय को प्रदेश में खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है।
व्यापार और उद्योग जगत से भी संवाद करेंगे सीएम
खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हल्द्वानी में व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ संवाद करेंगे। दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री क्रीड़ा विश्वविद्यालय से कार द्वारा आईटीडीसी फॉर्च्यून के लिए रवाना होंगे। यहां दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक व्यापार एवं उद्योग बंधुओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री आईटीडीसी फॉर्च्यून से आनंद बाग स्थित जिला सहकारी बैंक के पास आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इसके बाद शाम 4 बजे मुख्यमंत्री आनंद बाग से मुखानी स्थित साउथ एन्क्लेव-4, फार्म नंबर-03 के लिए रवाना होंगे। यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद शाम 4 बजकर 30 मिनट पर वह एफटीआई हैलीपैड के लिए रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री शाम करीब 4 बजकर 40 मिनट पर एफटीआई हैलीपैड पहुंचेंगे और यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए देहरादून के लिए रवाना हो जाएंगे।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर बड़ा संदेश
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास उत्तराखंड के लिए प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां प्रदेश खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर खेल शिक्षा को संस्थागत रूप देने का प्रयास भी किया जा रहा है।
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को खेल और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल बनाने का अवसर मिल सकता है। आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण, शोध, खेल शिक्षा और करियर विकास का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं के साथ ही सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस पर होने वाला यह शिलान्यास समारोह उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
