By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: H1N1 का नया स्ट्रेन नहीं, फिर भी दिल्ली में क्यों बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले? AIIMS डॉक्टर ने बताई बड़ी वजह
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > दिल्ली > H1N1 का नया स्ट्रेन नहीं, फिर भी दिल्ली में क्यों बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले? AIIMS डॉक्टर ने बताई बड़ी वजह
दिल्लीफीचर्डस्वास्थय

H1N1 का नया स्ट्रेन नहीं, फिर भी दिल्ली में क्यों बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले? AIIMS डॉक्टर ने बताई बड़ी वजह

The Hill India News
Last updated: August 25, 2026 4:42 am
The Hill India News
Published: August 25, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली: दिल्ली में इस साल H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 20 अगस्त तक राजधानी में H1N1 संक्रमण के 1,777 मामले सामने आने की बात कही गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक यह संख्या 229 थी। इसके साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस संबंधी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। कुछ मरीजों में संक्रमण सामान्य फ्लू की तुलना में अधिक गंभीर लक्षणों के साथ सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

Contents
वायरस नया नहीं, लेकिन छोटे बदलाव बढ़ा सकते हैं संक्रमणअस्पतालों की ओपीडी में बढ़े फ्लू के मरीजइस बार लंबे समय तक परेशान कर रही खांसीक्या H1N1 पहले से ज्यादा खतरनाक हो गया है?किन लोगों को H1N1 से ज्यादा खतरा?हर मरीज को एंटीवायरल दवा की जरूरत नहींकिन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?बचाव के लिए क्या करें?घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत

हालांकि, इस बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि देश में H1N1 का कोई नया या अधिक खतरनाक स्ट्रेन फैलने के फिलहाल प्रमाण नहीं हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब वायरस नया नहीं है, तो दिल्ली में इसके मामले इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं? क्या वायरस ने अपना रूप बदल लिया है या इसके पीछे मौसम, लोगों की प्रतिरोधक क्षमता और संक्रमण के प्रसार जैसे दूसरे कारण जिम्मेदार हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा स्थिति को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि इन्फ्लूएंजा वायरस समय के साथ छोटे-छोटे बदलाव करता रहता है। यही बदलाव लोगों में पहले से मौजूद प्रतिरोधक क्षमता के प्रभाव को कम कर सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वायरस अचानक अधिक खतरनाक हो गया है, बल्कि ऐसा हो सकता है कि पहले संक्रमण या टीकाकरण से बनी सुरक्षा इस बार वायरस को रोकने में उतनी प्रभावी न रहे।

वायरस नया नहीं, लेकिन छोटे बदलाव बढ़ा सकते हैं संक्रमण

दिल्ली एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनिमेष के मुताबिक, H1N1 वायरस में समय-समय पर छोटे बदलाव होते रहते हैं। किसी व्यक्ति को पहले फ्लू हुआ हो या उसके शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बनी हो, तब भी समय के साथ वायरस में होने वाले बदलावों के कारण पुरानी प्रतिरक्षा हर बार समान स्तर की सुरक्षा नहीं दे पाती।

इसी वजह से एक ही व्यक्ति भविष्य में दोबारा इन्फ्लूएंजा संक्रमण की चपेट में आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में वायरस के प्रसार के पीछे मौसम, लोगों की संवेदनशीलता और संक्रमण के तेजी से फैलने जैसे कई कारकों का संयुक्त प्रभाव हो सकता है।

यानी मामलों में बढ़ोतरी को सीधे तौर पर किसी नए या खतरनाक वायरस के आने से जोड़ना सही नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर H1N1 मौसमी इन्फ्लूएंजा का ही हिस्सा है, लेकिन इस सीजन में इसके प्रसार की दर अधिक दिखाई दे रही है।

अस्पतालों की ओपीडी में बढ़े फ्लू के मरीज

डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले दो से तीन महीनों की तुलना में अब फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या स्पष्ट रूप से बढ़ी है। दिल्ली एम्स में भी रोजाना फ्लू के लक्षणों वाले कई मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

डॉ. अनिमेष के अनुसार, उनकी ओपीडी में प्रतिदिन करीब 15 से 20 फ्लू के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें कई मरीज सामान्य बुखार और खांसी से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण के बाद जटिलताएं भी देखने को मिल रही हैं।

कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी, निमोनिया और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। डायरिया और पेट संबंधी शिकायतों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या भी इस बार अधिक दिखाई दे रही है। कुछ मामलों में शुरुआती संक्रमण से राहत मिलने के बाद दूसरी तरह के संक्रमण या जटिलताओं की समस्या भी सामने आने की बात कही गई है।

इससे यह जरूर संकेत मिलता है कि फ्लू को हर व्यक्ति में एक जैसा संक्रमण मानना सही नहीं है। किसी स्वस्थ व्यक्ति में जहां यह कुछ दिनों में ठीक हो सकता है, वहीं पहले से कमजोर स्वास्थ्य वाले व्यक्ति में इसके गंभीर रूप लेने का जोखिम अधिक हो सकता है।

इस बार लंबे समय तक परेशान कर रही खांसी

संक्रामक रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सीजन में मरीजों की एक बड़ी शिकायत लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी है। फोर्टिस अस्पताल की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा रस्तोगी के अनुसार, कई मरीजों में तेज बुखार शुरुआती तीन से चार दिनों तक रहता है, लेकिन खांसी लंबे समय तक बनी रह सकती है।

कुछ मरीजों को संक्रमण से उबरने के बाद भी कई दिनों तक खांसी और सांस संबंधी परेशानी महसूस हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली जैसे महानगर में वायु प्रदूषण भी श्वसन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। ऐसे में फ्लू संक्रमण के दौरान खांसी और सांस से जुड़ी समस्या ज्यादा परेशान कर सकती है।

इस बार केवल श्वसन संबंधी लक्षण ही नहीं, बल्कि पेट से जुड़ी शिकायतें भी कई मरीजों में देखने को मिल रही हैं। डायरिया, पेट दर्द और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं फ्लू के साथ सामने आ सकती हैं। हालांकि, हर मरीज में ऐसे लक्षण हों, यह जरूरी नहीं है।

क्या H1N1 पहले से ज्यादा खतरनाक हो गया है?

मामलों में अचानक बढ़ोतरी के कारण लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं H1N1 वायरस अधिक खतरनाक तो नहीं हो गया। लेकिन विशेषज्ञ फिलहाल ऐसा मानने से बचने की सलाह दे रहे हैं।

एम्स के वायरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. आशीष चौधरी के अनुसार, H1N1 वर्ष 2009 की स्वाइन फ्लू महामारी के बाद से मौसमी इन्फ्लूएंजा का हिस्सा बन चुका है। वायरस में छोटे-छोटे बदलाव होते रहते हैं और कुछ वर्षों में इसके मामलों में अचानक बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है।

मामलों की संख्या बढ़ने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि वायरस की गंभीरता भी बढ़ गई है। ज्यादातर मरीज अब भी हल्के या सामान्य लक्षणों के साथ ठीक हो रहे हैं। इसलिए केवल संक्रमण के आंकड़ों में वृद्धि को देखकर किसी नए या अधिक घातक स्ट्रेन की आशंका जताना उचित नहीं होगा।

किन लोगों को H1N1 से ज्यादा खतरा?

हालांकि स्वस्थ लोगों में H1N1 संक्रमण कई बार सामान्य फ्लू की तरह गुजर सकता है, लेकिन कुछ वर्गों में जटिलताओं का खतरा अधिक रहता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

फेफड़ों की बीमारी, हृदय संबंधी बीमारी, मधुमेह या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे मरीजों में निमोनिया और सांस लेने में परेशानी जैसी जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है।

इसलिए ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य वायरल समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

हर मरीज को एंटीवायरल दवा की जरूरत नहीं

H1N1 संक्रमण को लेकर एक आम धारणा यह है कि हर संक्रमित व्यक्ति को एंटीवायरल दवा लेनी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा जरूरी नहीं है। हल्के लक्षणों वाले मरीजों में पर्याप्त आराम, पानी और अन्य सहायक उपचार के साथ डॉक्टर की निगरानी में सुधार हो सकता है।

लेकिन गंभीर लक्षणों वाले मरीजों या उच्च जोखिम वाले समूहों में डॉक्टर एंटीवायरल दवा देने का फैसला कर सकते हैं। ओसेल्टामिविर जैसी दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह के आधार पर किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, एंटीवायरल दवाएं बीमारी की शुरुआत के शुरुआती दौर में अधिक प्रभावी हो सकती हैं। इसलिए जिन लोगों में गंभीर लक्षण हैं या जो उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं, उन्हें इलाज शुरू करने में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीवायरल दवा शुरू नहीं करनी चाहिए। हर बुखार या खांसी H1N1 नहीं होती और हर मरीज के लिए एक जैसा उपचार भी उपयुक्त नहीं होता।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

H1N1 संक्रमण में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में पेट संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। लेकिन अगर तेज बुखार कई दिनों तक बना रहे, सांस लेने में परेशानी बढ़े, सीने में असहजता महसूस हो या ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगे तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी वाले लोगों में लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। संक्रमण के दौरान हालत बिगड़ने पर घर पर ही इलाज करते रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

बचाव के लिए क्या करें?

H1N1 जैसे श्वसन संक्रमण से बचने के लिए सामान्य संक्रमण-रोधी सावधानियां काफी महत्वपूर्ण हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। हाथों की नियमित सफाई रखें और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।

यदि किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण हैं तो दूसरों के बहुत करीब जाने से बचना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है। पर्याप्त आराम और शरीर में पानी की कमी न होने देना भी बीमारी के दौरान महत्वपूर्ण है।

उच्च जोखिम वाले लोगों और चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त व्यक्तियों के लिए फ्लू टीकाकरण पर डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है। टीकाकरण संक्रमण को हर स्थिति में पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देता, लेकिन इन्फ्लूएंजा से जुड़ी गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत

दिल्ली में H1N1 के मामलों में पिछले साल की तुलना में हुई बढ़ोतरी निश्चित रूप से ध्यान देने वाली बात है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल इसे किसी नए और अत्यधिक खतरनाक स्ट्रेन के फैलने से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है। ICMR की ओर से भी नए H1N1 स्ट्रेन के संबंध में कोई ऐसी जानकारी सामने नहीं रखी गई है, जिससे महामारी जैसी स्थिति की आशंका हो।

मामलों में बढ़ोतरी के पीछे वायरस में होने वाले छोटे बदलाव, लोगों की प्रतिरोधक क्षमता, मौसम और संक्रमण के प्रसार जैसे कई कारण हो सकते हैं। अधिकांश मरीज ठीक हो रहे हैं, लेकिन कुछ समूहों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक है।

इसलिए मौजूदा स्थिति का सबसे सही तरीका घबराहट नहीं, बल्कि जागरूकता और सावधानी है। फ्लू जैसे लक्षण होने पर आराम करें, संक्रमण फैलने से रोकने के लिए सावधानियां बरतें और गंभीर लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए समय पर चिकित्सा सलाह लेना बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह सावधानी और सही जानकारी के साथ H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच खुद को और अपने आसपास के लोगों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

You Might Also Like

राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर तृणमूल का पलटवार, कहा- ‘अभी क्यों बोल रही हैं, बंगाल में हुआ इसलिए?’
नेपाल देगा अगले 10 साल तक भारत को इतनी मेगावट बिजली, अब चीन को लगेगा झटका
छत्तीसगढ़ में आज पहुंचेगा मानसून, कई राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट; जानें दिल्ली और UP के मौसम का हाल
नई दिल्ली :सहकारी समितियों के समावेशी विकास मॉडल के माध्यम से “सहकार-से-समृद्धि” के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी
Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय संचार मंत्री से की भेंट, राज्य में संचार सेवाओं के सबंध पर की चर्चा
TAGGED:DelhiH1N1Health AlertSwine Flu
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्डराजनीति

उत्तराखंड में बदल रहा सियासी समीकरण? हरक सिंह रावत का बड़ा दावा, बोले- कांग्रेस के वोट में होगा इजाफा; महेंद्र भट्ट पर भी साधा निशाना

The Hill India News
The Hill India News
August 25, 2026
18 साल की लड़की ने पति से मांगा तलाक तो तालिबान की अदालत में क्या हुआ? फैसले से ज्यादा चौंकाने वाली थी महिलाओं पर टिप्पणी
ग्वालियर में 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में, 20 दिन की जांच के बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा एक्शन! आयातकों को 60 दिन में चीनी बेचनी होगी, जमाखोरी पर लगेगी लगाम
H1N1 का नया स्ट्रेन नहीं, फिर भी दिल्ली में क्यों बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले? AIIMS डॉक्टर ने बताई बड़ी वजह
एक खबर पढ़ी और बदल दी लाखों की किस्मत! 40 हजार कैदियों को दिलाई आजादी, इसलिए कहलाती थीं ‘Mother of PIL’
कम रोशनी पर बवाल! अंपायर के फैसले से भड़के श्रीलंकाई बल्लेबाज, पवेलियन पहुंचते ही फेंके ग्लव्स
अब देश की बेटियां बनेंगी आतंकवाद-रोधी कमांडो: NSG ने पहली बार शुरू किया महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स
पानी की टंकी पर चढ़े BAMS छात्र, खौफनाक कदम की धमकी से मचा हड़कंप; रातभर तनाव में रहा आयुर्वेद विश्वविद्यालय
धामी कैबिनेट की अहम बैठक आज: मानसून सत्र से डॉक्टरों की सेवा और महंगाई तक कई बड़े फैसलों की उम्मीद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?