कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन मैदान पर उस समय जबरदस्त विवाद देखने को मिला, जब कम रोशनी के बावजूद अंपायरों ने खेल जारी रखने का फैसला किया। अंपायरों के इस निर्णय से श्रीलंकाई बल्लेबाज खासे नाराज दिखाई दिए। मामला इतना बढ़ गया कि विकेट गिरने के बाद पवेलियन लौटते समय बल्लेबाज प्रभात जयसूर्या लगातार अंपायरों की ओर देखते रहे और ड्रेसिंग रूम में पहुंचकर गुस्से में अपने ग्लव्स फेंक दिए।
कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन के आखिरी कुछ मिनटों में यह पूरा विवाद सामने आया। भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के स्कोर पर घोषित कर दी थी। इसके बाद श्रीलंका को दिन का खेल समाप्त होने से पहले कुछ ओवर बल्लेबाजी करनी पड़ी। हालांकि, उस समय मैदान पर रोशनी काफी कम हो चुकी थी और श्रीलंकाई टीम का मानना था कि ऐसी परिस्थितियों में खेल को रोक देना चाहिए।
ऑन-फील्ड अंपायरों ने रोशनी की स्थिति की जांच भी की थी, लेकिन इसके बावजूद खेल जारी रखने का फैसला किया गया। श्रीलंका के बल्लेबाज इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने अंपायरों के सामने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। बावजूद इसके मैच को नहीं रोका गया और खेल जारी रहा।
अंपायरों के इस फैसले का असर श्रीलंकाई टीम को तुरंत झेलना पड़ा। भारत के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने श्रीलंका के ओपनर लाहिरू उदारा को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद दिन की आखिरी गेंद पर मानव सुथार ने प्रभात जयसूर्या को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। जयसूर्या का विकेट गिरते ही श्रीलंकाई खिलाड़ियों की नाराजगी और साफ दिखाई देने लगी।
पवेलियन लौटते समय प्रभात जयसूर्या काफी गुस्से में नजर आए। वह बार-बार पीछे मुड़कर अंपायरों की तरफ देख रहे थे और उनके हावभाव से साफ था कि वह कम रोशनी में खेल जारी रखने के फैसले से बेहद नाराज हैं। ड्रेसिंग रूम में पहुंचने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने अपने ग्लव्स फेंककर अपनी नाराजगी जाहिर की।
इस घटनाक्रम पर कमेंट्री के दौरान भी चर्चा हुई। मैच देख रहे क्रिकेट विशेषज्ञों ने श्रीलंकाई बल्लेबाज की नाराजगी को लेकर प्रतिक्रिया दी। प्रभात जयसूर्या के गुस्से को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि वह अंपायरों के फैसले से बेहद भड़के हुए नजर आ रहे थे। मैदान पर कुछ ही मिनटों के भीतर पैदा हुआ यह विवाद दूसरे दिन की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल हो गया।
हालांकि, विवाद के बीच भारतीय टीम के लिए दूसरे दिन का खेल काफी शानदार रहा। विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जुरेल ने 177 गेंदों पर नाबाद 115 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल रहे। यह टेस्ट क्रिकेट में उनका दूसरा शतक रहा।
ध्रुव जुरेल ने एक बार फिर साबित किया कि वह लंबी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। भारतीय पारी के दौरान उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम के स्कोर को 500 के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी नाबाद शतकीय पारी की बदौलत भारत ने श्रीलंका के सामने विशाल स्कोर खड़ा किया।
इससे पहले भारतीय बल्लेबाजी में ऋषभ पंत ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। पंत ने 63 रन की पारी खेली और ध्रुव जुरेल के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारत की पारी के दौरान मानव सुथार ने भी 18 रन का योगदान दिया।
भारी बारिश के कारण मैच के दूसरे दिन खेल में व्यवधान भी देखने को मिला और अंपायरों को निर्धारित समय से पहले चाय का ब्रेक लेना पड़ा। उस समय भारत का स्कोर आठ विकेट पर 475 रन था। बाद में भारतीय टीम ने अपनी पारी को 503/9 के स्कोर पर घोषित कर दिया।
भारत के विशाल स्कोर के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने सिर्फ 8 रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए। लाहिरू उदारा और प्रभात जयसूर्या पवेलियन लौट चुके थे, जबकि कामिल मिशारा 5 रन बनाकर नाबाद क्रीज पर मौजूद थे। श्रीलंका अभी भारत से 495 रन पीछे है।
अब इस मुकाबले में भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, लेकिन दूसरे दिन के अंतिम क्षणों में कम रोशनी को लेकर हुआ विवाद चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। श्रीलंकाई टीम निश्चित रूप से अंपायरों के फैसले से खुश नहीं दिखी। ऐसे में मैच के अगले दिन यह देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंकाई बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने किस तरह वापसी करते हैं और क्या कम रोशनी पर हुआ यह विवाद आगे भी चर्चा का विषय बना रहता है।
