खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा स्थित अपने कैंप कार्यालय में थारू समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि थारू समाज का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और जनजातीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
संवाद कार्यक्रम में थारू समाज के प्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रतिनिधियों ने समाज के हित में किए जा रहे कार्यों और थारू संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण की दिशा में सरकार की पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया। कार्यक्रम में समाज की ओर से विभिन्न विषयों को मुख्यमंत्री के सामने रखा गया, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
संवाद को बताया विश्वास और विकास की साझेदारी का माध्यम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि सरकार और थारू समाज के बीच विश्वास, संवाद और विकास की साझेदारी को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए ऐसे संवाद बेहद महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने थारू समाज के प्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं और सुझाव सुनते हुए कहा कि सरकार योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि समाज से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाए और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज के मजबूत भविष्य की नींव शिक्षा और स्वास्थ्य से तैयार होती है। सरकार का प्रयास है कि जनजातीय समुदाय के बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलें और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उनके घरों के नजदीक उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि थारू समाज के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचें।
रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सरकार का फोकस
संवाद के दौरान रोजगार और स्वरोजगार का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनाना है।
उन्होंने कहा कि थारू समाज के युवाओं की प्रतिभा और क्षमता को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार चाहती है कि युवा नौकरी तलाशने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसके लिए सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है।
थारू संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर भी जोर
थारू समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की प्रक्रिया के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना समाज की बड़ी ताकत है। सरकार थारू समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ उनके संरक्षण के लिए आवश्यक सहयोग जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री ने थारू समाज के साथ अपने पुराने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि खटीमा से उनका आत्मीय संबंध हमेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि थारू समाज के बीच आना उनके लिए अपने परिवार के बीच आने जैसा अनुभव है।
पीएम मोदी के नेतृत्व का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने जनजातीय समाज के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जनजातीय समाज से होने का उल्लेख करते हुए इसे जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनजातीय समाज के लोगों के लिए विकास और नेतृत्व के नए अवसर सामने आए हैं और सरकार इन अवसरों को और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘हर बेटी शिक्षित और सशक्त बने’—सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि थारू समाज का प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, हर युवा आत्मनिर्भर बने और प्रत्येक बेटी शिक्षित एवं सशक्त बने। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में महिलाओं और बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि थारू समाज की हर समस्या, हर सुझाव और हर अपेक्षा सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि थारू समाज की ओर से उठाए गए मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के इस संवाद कार्यक्रम को थारू समाज और सरकार के बीच सीधा संवाद मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम से यह संदेश भी सामने आया कि सरकार विकास योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय समुदायों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
खटीमा में हुए इस संवाद के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, मूलभूत सुविधाओं और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से सामने आईं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि थारू समाज के विकास से जुड़े विषयों पर सरकार गंभीरता से काम करेगी और समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।
