टोंडेश्वर घाट पर कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा, तेज बहाव की चपेट में आया 24 वर्षीय कांवड़िया; मौके पर पहुंची पुलिस और SDRF, तलाश अभियान जारी
पौड़ी/देवप्रयाग: सावन और कांवड़ यात्रा के बीच उत्तराखंड के देवप्रयाग से एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहां टोंडेश्वर घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक कांवड़िया अचानक नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते गंगा की लहरों में समा गया। आंखों के सामने छोटे भाई को नदी में बहता देख उसका बड़ा भाई बदहवास हो गया। वह घाट पर मौजूद लोगों से अपने भाई को बचाने की गुहार लगाता रहा। इस दौरान उसकी बेबसी भरी आवाज ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया।
हादसे के बाद सामने आए वीडियो में बड़ा भाई रोते-बिलखते हुए लोगों से मदद की अपील करता दिखाई दे रहा है। उसकी जुबान से बार-बार अपने भाई को बचाने की गुहार निकल रही थी। वह भावुक होकर कहता सुनाई दिया, “कोई 5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…” भाई को बचाने की यह बेबस पुकार कुछ ही देर में चीख और चित्कार में बदल गई। घाट पर मौजूद लोगों ने भी उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन गंगा का बहाव इतना तेज था कि किसी के लिए नदी में उतरना बेहद जोखिम भरा था।
गंगा स्नान के दौरान अचानक तेज बहाव में बहा कांवड़िया
जानकारी के मुताबिक, सावन के दौरान कांवड़ यात्रा के लिए पहुंचे श्रद्धालु देवप्रयाग के टोंडेश्वर घाट पर गंगा स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक कांवड़िया अचानक तेज और विकराल जलधारा की चपेट में आ गया। वह संभल पाता, इससे पहले ही पानी का तेज बहाव उसे अपने साथ बहाकर ले गया।
किनारे पर मौजूद उसके बड़े भाई ने जब यह दृश्य देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी। वह लगातार लोगों से अपने भाई को बचाने की गुहार लगाता रहा। लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि मौके पर मौजूद लोगों के लिए भी नदी में उतरकर युवक को बचाना संभव नहीं हो सका।
कुछ ही पलों में घाट का माहौल पूरी तरह बदल गया। जहां कांवड़ यात्रा और धार्मिक आस्था के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ थी, वहीं अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
बड़े भाई की पुकार ने सबको कर दिया भावुक
हादसे के बाद सामने आया वीडियो लोगों को भावुक कर रहा है। वीडियो में युवक अपने छोटे भाई को बचाने के लिए लोगों के सामने अपनी पूरी बेबसी जाहिर करता नजर आ रहा है। उसके मुंह से निकले शब्द “5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो” भाई के प्रति उसके प्रेम और उस समय की मानसिक स्थिति को बयां कर रहे हैं।
उस समय उसे न पैसे की चिंता थी और न किसी और चीज की। उसकी पूरी कोशिश सिर्फ अपने भाई की जान बचाने की थी। लेकिन गंगा की तेज धारा के सामने वह खुद को असहाय महसूस कर रहा था।
मौके पर मौजूद लोगों ने भी युवक की मदद करने की कोशिश की, लेकिन नदी की स्थिति को देखते हुए बिना सुरक्षा उपकरणों के पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता था।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF सक्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। नदी में बहे युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। बचाव दल ने संभावित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया और नदी के बहाव के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी युवक की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, नदी में बहने वाले युवक की पहचान आर्यन मिश्रा (24) के रूप में हुई है। वह सतेंद्र मिश्रा का पुत्र और फरीदाबाद, हरियाणा का निवासी बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी पुलिस अधिकारियों ने भी दी है। सहायक उपनिरीक्षक रविंद्र भंडारी के अनुसार, सूचना मिलते ही संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
घाट पर मचा हड़कंप, मातम में बदला माहौल
कांवड़ यात्रा के दौरान टोंडेश्वर घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर पहले तक जहां श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना में जुटे थे, वहीं अचानक लोगों की भीड़ नदी की ओर युवक की तलाश में देखने लगी।
युवक के परिजनों और साथ आए लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बड़े भाई की आंखों के सामने उसका छोटा भाई नदी में बह गया और वह चाहकर भी उसे बचा नहीं सका। इस हादसे ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भी अंदर तक झकझोर दिया।
बरसात में रौद्र रूप ले लेती है गंगा
देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी नदियों का संगम होता है और बरसात के मौसम में पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे जाना या तेज बहाव वाले स्थानों पर स्नान करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
टोंडेश्वर घाट भी अलकनंदा नदी के पास स्थित है। बरसात के दौरान नदी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी तेज हो सकता है। पानी ऊपर से शांत दिखाई देने के बावजूद उसके भीतर की धारा बेहद शक्तिशाली हो सकती है।
इसी वजह से प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें तथा बैरिकेडिंग पार करके नदी के तेज बहाव वाले हिस्से में जाने से बचें।
कांवड़ियों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
सावन के महीने में हर साल उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश, देवप्रयाग और अन्य गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान भी लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेने के लिए उत्तराखंड आते हैं।
ऐसे में नदी घाटों पर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। खासकर मानसून के दौरान अचानक बढ़ता जलस्तर श्रद्धालुओं के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। प्रशासन द्वारा घाटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की जाती है, लेकिन श्रद्धालुओं की सावधानी भी उतनी ही जरूरी है।
देवप्रयाग के टोंडेश्वर घाट पर हुआ यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि आस्था के साथ सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। गंगा में स्नान करते समय नदी के बहाव, जलस्तर और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल आर्यन मिश्रा की तलाश को लेकर पुलिस और एसडीआरएफ की कार्रवाई जारी है। परिवार की उम्मीदें बचाव दल पर टिकी हैं। वहीं, इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे तेज बहाव वाली गंगा में उतरने से बचें, बैरिकेडिंग के बाहर न जाएं और प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें।
