प्रयागराज: माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के परिवार से जुड़ी एक और दुखद खबर के बाद प्रयागराज में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उसकी मां और अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन बेटे के आखिरी सफर में शामिल होने के लिए सामने आएंगी? शाइस्ता परवीन लंबे समय से फरार हैं और पुलिस को उनकी तलाश है। ऐसे में अबान के जनाजे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परिवार और करीबी लोगों के पहुंचने की संभावना के बीच पुलिस प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि जनाजे में कौन-कौन शामिल हो सकता है।
बेटे के आखिरी सफर में क्या पहुंचेंगी शाइस्ता?
अबान की मौत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उसकी मां शाइस्ता परवीन को लेकर हो रही है। करीब तीन साल से फरार चल रहीं शाइस्ता के ठिकाने को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस उनकी तलाश करती रही है, लेकिन वह सामने नहीं आई हैं।
अब जब उनके सबसे छोटे बेटे की मौत हो गई है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मां अपने बेटे को आखिरी विदाई देने के लिए तमाम जोखिमों के बावजूद सामने आएंगी?
हालांकि, शाइस्ता परवीन के जनाजे में शामिल होने की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में किसी भी तरह के दावे को फिलहाल केवल संभावना या चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
अतीक के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अतीक अहमद के परिवार ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार कई बड़े हादसों और मौतों का सामना किया है। पहले अतीक अहमद की हत्या हुई। इसके बाद उसके बड़े बेटे असद अहमद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई और अब सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में जान चली गई।
अबान की मौत ने एक बार फिर अतीक के परिवार को सुर्खियों में ला दिया है। परिवार से जुड़े लोगों और स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि अंतिम संस्कार के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद रहेंगे।
असद के जनाजे के वक्त भी उठा था यही सवाल
जब अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की झांसी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हुई थी, तब भी शाइस्ता परवीन के उसके अंतिम संस्कार में पहुंचने को लेकर सवाल उठे थे।
उस समय भी शाइस्ता के सामने आने की चर्चाएं थीं, लेकिन प्रशासन की ओर से उनके जनाजे में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय चर्चाओं में उनके कथित तौर पर गुपचुप तरीके से पहुंचने की बातें सामने आई थीं, लेकिन इसकी स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
अब अबान की मौत के बाद वही सवाल एक बार फिर सामने खड़ा है।
कसारी-मसारी कब्रिस्तान में तैयारियां तेज
अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाने की तैयारी की जा रही है। अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
सुरक्षा एजेंसियां यह जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही हैं कि अंतिम संस्कार में कितने लोग शामिल हो सकते हैं और बाहर से आने वाले लोगों की संख्या कितनी हो सकती है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से तैयारियों में जुटा है।
पुलिस के लिए शाइस्ता की मौजूदगी सबसे बड़ा सवाल
शाइस्ता परवीन लंबे समय से पुलिस की नजर में हैं। ऐसे में यदि वह अबान के अंतिम संस्कार में पहुंचती हैं तो यह सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से भी अहम स्थिति होगी।
यही वजह है कि प्रशासन की नजर केवल जनाजे में शामिल होने वाली भीड़ पर ही नहीं, बल्कि संभावित रूप से आने वाले संदिग्ध या महत्वपूर्ण लोगों पर भी रहेगी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि शाइस्ता परवीन वास्तव में जनाजे में पहुंचेंगी या नहीं।
परिवार और प्रशासन दोनों की नजरें आज के घटनाक्रम पर
अबान की मौत के बाद परिवार के लिए यह बेहद भावुक और कठिन समय है। एक तरफ बेटे को अंतिम विदाई देने की तैयारी है, तो दूसरी ओर शाइस्ता परवीन की संभावित मौजूदगी को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या तीन साल से फरार चल रही शाइस्ता परवीन अपने बेटे अबान को आखिरी बार देखने के लिए सामने आएंगी?
इसका जवाब अंतिम संस्कार के दौरान ही मिल पाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से उनकी मौजूदगी को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया या स्थानीय चर्चाओं में सामने आने वाली अपुष्ट खबरों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना ही उचित होगा।
अबान के अंतिम संस्कार के साथ एक बार फिर अतीक अहमद के परिवार की कहानी का एक बेहद भावुक अध्याय सामने आने वाला है और प्रयागराज में होने वाले इस जनाजे पर प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी नजरें टिकी हुई हैं।
