देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में हिस्सेदार बनने का शानदार अवसर निवेशकों के सामने है। केंद्र सरकार ने LIC में अपनी 6.5 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है और इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) की प्रक्रिया आज यानी मंगलवार से शुरू हो गई है। खास बात यह है कि सरकार ने 382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो सोमवार को बीएसई पर बंद हुए LIC के शेयर के भाव 424.35 रुपये से लगभग 10 प्रतिशत कम है। ऐसे में यह ऑफर निवेशकों के लिए आकर्षक माना जा रहा है।
इस OFS के तहत पहले दिन गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों को आवेदन करने का मौका मिलेगा, जबकि खुदरा (Retail) निवेशक बुधवार को इस ऑफर में हिस्सा ले सकेंगे। सरकार की योजना के अनुसार कुल 82.22 करोड़ से अधिक शेयर बाजार में बेचे जाएंगे। यदि पूरा इश्यू सफलतापूर्वक सब्सक्राइब हो जाता है, तो सरकार को लगभग 31,000 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी। यह मौजूदा वित्तीय वर्ष का सबसे बड़ा विनिवेश (Disinvestment) माना जा रहा है।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार शुरुआत में 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है। इसके साथ ही ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया है। यदि निवेशकों की ओर से अच्छी मांग आती है तो सरकार इस अतिरिक्त हिस्सेदारी की बिक्री भी कर सकती है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य LIC में सार्वजनिक शेयरधारिता (Public Shareholding) बढ़ाना है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी बनाए रखना अनिवार्य है। फिलहाल सरकार के पास LIC में 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि SEBI ने LIC को 16 मई 2027 तक कम से कम 10 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का समय दिया है।
2022 के IPO के बाद सबसे बड़ा मौका
गौरतलब है कि मई 2022 में LIC का बहुप्रतीक्षित IPO लाया गया था। उस समय सरकार ने 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। IPO का प्राइस बैंड 902 से 949 रुपये प्रति शेयर रखा गया था। अब सरकार एक बार फिर OFS के जरिए अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है, लेकिन इस बार फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम रखा गया है ताकि अधिक से अधिक निवेशक इसमें भाग ले सकें।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
382 रुपये का फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम होने के कारण यह ऑफर कई निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है। हालांकि शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के साथ आता है। किसी भी निवेशक को आवेदन करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की संभावनाओं और अपने निवेश लक्ष्य का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।
LIC भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है, जिसके करोड़ों पॉलिसीधारक हैं और बीमा बाजार में इसकी मजबूत पकड़ बनी हुई है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन 5.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। सोमवार को कंपनी का शेयर 424.35 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में 0.12 प्रतिशत नीचे रहा।
सरकार के विनिवेश अभियान को मिलेगी गति
सरकार चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बेचकर पूंजी जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है। अब तक सरकार ने सात सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने और SUUTI से प्राप्त राशि के माध्यम से 21,082 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। LIC का यह OFS इस अभियान को नई गति देगा और सरकारी राजस्व बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यदि आप शेयर बाजार में निवेश करने की योजना बना रहे हैं और देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के हिस्सेदार बनना चाहते हैं, तो LIC का यह OFS आपके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। हालांकि निवेश का निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना और अपनी वित्तीय क्षमता का आकलन करना हमेशा बेहतर माना जाता है।
