By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: मौसम का महाप्रकोप: वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी ठप, चारधाम यात्रा पर भी संकट; पहाड़ों में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने बढ़ाई चिंता
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > मौसम का महाप्रकोप: वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी ठप, चारधाम यात्रा पर भी संकट; पहाड़ों में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने बढ़ाई चिंता
देशफीचर्डमौसम

मौसम का महाप्रकोप: वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी ठप, चारधाम यात्रा पर भी संकट; पहाड़ों में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने बढ़ाई चिंता

The Hill India News
Last updated: July 22, 2026 4:29 am
The Hill India News
Published: July 22, 2026
Share
SHARE

उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ देश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में मानसून का कहर इस समय अपने चरम पर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी लगातार रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच कई स्थानों पर बादल फटने, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन परिस्थितियों के कारण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी वैष्णो देवी यात्रा, अमरनाथ यात्रा और उत्तराखंड की चारधाम यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई यात्राएं लगातार चौथे दिन तक स्थगित रहीं, जबकि प्रशासन और बचाव एजेंसियां यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हैं।

जम्मू-कश्मीर में लगातार तीन से चार दिनों से हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। पहाड़ों से लगातार मलबा और चट्टानें गिरने के कारण प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है और लोगों से घरों में सुरक्षित रहने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

मां वैष्णो देवी यात्रा भी मौसम की मार से अछूती नहीं रही। कटरा से भवन जाने वाले नए मार्ग पर अर्धकुमारी भवन के पास भारी भूस्खलन होने के कारण यात्रा मार्ग बाधित हो गया। इसके चलते बैटरी कार सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद करना पड़ा और श्रद्धालुओं को पुराने मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों, पुलिस और राहत दलों ने लगातार मलबा हटाने का अभियान चलाया, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्य में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई स्थानों पर यात्रा रोक दी।

भारी बारिश का असर केवल वैष्णो देवी तक सीमित नहीं रहा। कश्मीर में चल रही पवित्र अमरनाथ यात्रा भी लगातार चौथे दिन बाधित रही। भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी। पंचतरणी और बालटाल बेस कैंप में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

अमरनाथ यात्रा के साथ-साथ जम्मू क्षेत्र की शिव खोड़ी और किश्तवाड़ स्थित मचैल माता यात्रा भी लगातार प्रभावित रही। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन, तेज बहाव और चट्टानों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें चौबीसों घंटे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। कई स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां यात्रियों को भोजन, चिकित्सा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उत्तराखंड में भी लगातार हो रही भारी बारिश ने चारधाम यात्रा की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले कई मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने के कारण यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन ने कई स्थानों पर यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी थी। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि वे मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें और किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं।

केदारनाथ धाम जाने वाला पैदल मार्ग एक बार फिर गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। प्रशासन ने तत्काल यात्रियों की आवाजाही रोक दी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। जिला आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचकर मार्ग को खोलने के प्रयास में जुट गईं। हालांकि लगातार बारिश के कारण राहत कार्य धीमी गति से चल रहा है।

चारधाम यात्रा को जोड़ने वाला घनसाली–केदारनाथ मोटर मार्ग भी कई घंटों तक बंद रहा। ओडाधार से आगे कुराड़ गदेरे के पास भारी मात्रा में मलबा और विशाल चट्टानें सड़क पर आ गिरीं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को घंटों तक सड़क पर इंतजार करना पड़ा। वहीं डोबरा–लंबगांव मोटर मार्ग पर भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण यातायात बाधित रहा। लोक निर्माण विभाग की मशीनें लगातार मलबा हटाने में लगी हुई हैं।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में भारी बारिश ने सबसे अधिक तबाही मचाई है। कई स्थानों पर बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुरनकोट क्षेत्र में बादल फटने से आई बाढ़ में सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और हेलीकॉप्टर के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।

राज्य सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए स्कूलों को 26 जुलाई तक बंद रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे पहाड़ों से चट्टानें और मलबा गिरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर यात्रा रोकने जैसे कठिन लेकिन आवश्यक निर्णय ले रहा है। मौसम सामान्य होने के बाद ही मार्गों की सुरक्षा जांच के उपरांत यात्राएं दोबारा शुरू की जाएंगी।

देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालु इस समय अलग-अलग बेस कैंपों और सुरक्षित स्थानों पर रुके हुए हैं। प्रशासन उनके लिए भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। वहीं यात्रा से जुड़े स्थानीय व्यवसायियों को भी इस मौसम की मार का सामना करना पड़ रहा है। होटल, टैक्सी, घोड़ा-खच्चर संचालक, दुकानदार और अन्य छोटे कारोबारियों की आय पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की सलाह को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि श्रद्धालु धैर्य बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। यात्रा तभी करें जब संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां आधिकारिक रूप से अनुमति दें। पहाड़ों में मौसम पल-पल बदलता है और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, यात्राओं को चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू किया जाएगा। तब तक यात्रियों की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

You Might Also Like

तेलंगाना में बीआरएस, AIMIM और बीजेपी तीनों एक, CWC की बैठक में बोले राहुल
हादसा: यहां पलटी स्कूली बच्चों से भारी यूटिलिटी दुर्घटनाग्रस्त
आज दिल्ली रामलीला मैदान में I.N.D.I.A अलायंस की ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’, कई दिग्गज नेता होंगे शामिल
दिल्ली में मेहंदी समारोह में तेजाब हमला: दूल्हे की गर्लफ्रेंड ने दुल्हन को बनाया निशाना, शादी से दो दिन पहले टूटा परिवार का सपना
Jammu and Kashmir: अनंतनाग में आतंकवादियों और सेना के बीच मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने दिया मुंहतोड़ जवाब
TAGGED:Amarnath Yatrachar dham yatracloud burstheavy rainIMDJammu and KashmirLand slideMonsoon FuryUttarakhandVaishno Devi YatraWeather Alert
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?