देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए आफत का सबब बनने लगी है। राजधानी देहरादून और आसपास के पर्वतीय इलाकों में मानसून की बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी बीच, पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। भारी बारिश के चलते देहरादून-मसूरी हाईवे (Dehradun-Mussoorie Highway) कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क धंसने और पहाड़ियों से भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस मुख्य मार्ग को एहतियातन बंद करने का आदेश जारी किया है।
प्रशासनिक आदेश के तहत फिलहाल किसी भी वाहन या पर्यटक को इस रास्ते से मसूरी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मार्ग बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पहाड़ों की रानी की यात्रा पर निकले सैकड़ों पर्यटक बीच रास्ते में ही फंस गए।
कई जगह धंसी सड़क, पहाड़ से गिरे विशाल बोल्डर: हाईवे पर लगा लंबा जाम
20 जुलाई की सुबह से ही देहरादून और मसूरी के बीच बारिश का दौर बेहद तेज हो गया था। इसके चलते बेहद सुरक्षित माना जाने वाला देहरादून-मसूरी मार्ग कई जगहों पर अचानक धंसने लगा। देखते ही देखते सड़क के बड़े हिस्से खाई की तरफ समा गए। इसके अलावा, कई संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर (बोल्डर) और मलबे की बारिश होने लगी, जिससे इस मार्ग पर सफर कर रहे लोगों की सांसें अटकी रहीं।
सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पहाड़ से लगातार पत्थर गिरते और सड़क का हिस्सा भरभराकर नीचे गिरता दिखाई दे रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और वाहनों की आवाजाही को बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके चलते हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और मसूरी आने-जाने वाले वाहन जहां के तहां ठप पड़ गए।
पुराने संवेदनशील प्वाइंट्स फिर बने खतरा: 4 से 5 स्थानों पर गंभीर जोखिम
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मसूरी हाईवे पर जिन स्थानों पर बीते साल बारिश के दौरान सड़क टूटी थी, वही जगहें एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गई हैं। जिला प्रशासन के आकलन के अनुसार, पूरे मार्ग में लगभग 4 से 5 ऐसे अति-संवेदनशील प्वाइंट्स चिन्हित किए गए हैं, जहां से गुजरना जान-माल के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।
प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि जब तक इन स्थानों को तकनीकी रूप से सुरक्षित नहीं घोषित कर दिया जाता, तब तक यहां वाहनों की आवाजाही शुरू करना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा होगा। यही वजह है कि फिलहाल पर्यटकों और आम यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग को पूरी तरह से बंद रखने का ही एकमात्र विकल्प बचा था।
“जिस जगह पर पिछले साल बारिश के कारण दिक्कतें आई थीं, वही जगह एक बार फिर संवेदनशील हो गई है। इसीलिए फिलहाल मार्ग को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। ऐसी संवेदनशील जगहों पर जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैद किए गए हैं।”
— राहुल आनंद, जॉइंट मजिस्ट्रेट, मसूरी
प्रशासन कराएगा सेफ्टी सर्वे: रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की राह
मार्ग की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अब इस पूरे हाईवे का संयुक्त ‘सेफ्टी सर्वे’ (Safety Survey) कराने का बड़ा फैसला लिया है।
इस सर्वे के तहत दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ संयुक्त रूप से पूरे संवेदनशील क्षेत्र का दौरा करेंगे और भू-धंसाव के कारणों, पहाड़ी की ढलान और सुरक्षात्मक उपायों की बारीक जांच करेंगे।
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तकनीकी रिपोर्ट तैयार होगी: सेफ्टी सर्वे के बाद विशेषज्ञों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
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स्थाई मरम्मत का काम: इसी रिपोर्ट के सुझावों के आधार पर धंसे हुए हिस्सों की मरम्मत और रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण शुरू किया जाएगा।
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हाईवे खोलने पर फैसला: सर्वे की रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि देहरादून-मसूरी मार्ग को दोबारा सामान्य यातायात के लिए कब तक खोला जा सकता है।
मानसून में मसूरी का रुख करने वाले पर्यटकों की बढ़ी परेशानी
उल्लेखनीय है कि मानसून सीजन के दौरान भी मसूरी में पर्यटकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग बारिश के सुहावने मौसम का आनंद लेने मसूरी पहुंचते हैं।
लेकिन अचानक हाईवे के बंद हो जाने और रास्ते में भूस्खलन के खतरे ने पर्यटकों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। जो पर्यटक मसूरी में पहले से मौजूद हैं, उनके लिए भी वापसी के विकल्पों को तलाशा जा रहा है, जबकि नए पर्यटकों को फिलहाल मसूरी की योजना स्थगित करने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन की यात्रियों से अपील: एहतियात बरतें
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम के सामान्य होने और सड़क की मरम्मत पूरी होने तक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से सड़क से मलबे को हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, जिन स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा पूरी तरह धंस चुका है, वहां तात्कालिक राहत मिलना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। ऐसे में मसूरी जाने की योजना बना रहे लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासनिक अपडेट्स पर नजर रखने के बाद ही अपनी यात्रा तय करने की सख्त सलाह दी गई है।
