ब्यूनस आयर्स/नई दिल्ली: FIFA World Cup 2026 के फाइनल में स्पेन के हाथों 1-0 की हार के बाद अर्जेंटीना में माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौजूदा विश्व चैंपियन टीम के खिताब गंवाने के बाद राजधानी ब्यूनस आयर्स में हजारों फुटबॉल समर्थक सड़कों पर उतर आए। कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया, जहां प्रदर्शनकारियों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। ओबेलिस्क स्मारक के आसपास बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया, जबकि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को ढाल और सुरक्षा उपकरणों का सहारा लेना पड़ा। घटनास्थल से धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए, जिससे आगजनी की घटनाओं की भी पुष्टि हुई।
स्पेन के खिलाफ फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना के लिए बेहद अहम माना जा रहा था, क्योंकि यह महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी का आखिरी विश्व कप माना जा रहा था। करोड़ों प्रशंसकों को उम्मीद थी कि मेसी अपने करियर का समापन लगातार दूसरी विश्व कप ट्रॉफी जीतकर करेंगे, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति और अनुशासित खेल ने अर्जेंटीना की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पूरे मुकाबले में अर्जेंटीना कई मौके बनाने के बावजूद गोल नहीं कर सका और स्पेन ने 1-0 की बढ़त अंत तक कायम रखते हुए दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
हार के तुरंत बाद मैदान का माहौल भी गर्मा गया। अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। रिपोर्टों के अनुसार अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस अपने गुस्से पर काबू नहीं रख सके और स्पेन के खिलाड़ियों से उलझ गए। इसी दौरान अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना भी स्पेनिश खिलाड़ियों के साथ भिड़ते दिखाई दिए। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और अधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।
बताया गया कि पेरेडेस और स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके अलावा स्पेन के युवा मिडफील्डर गावी के साथ भी उनकी झड़प देखने को मिली। वहीं मोलिना और स्पेनिश कप्तान रोड्री के बीच भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी सहित दोनों टीमों के अन्य खिलाड़ियों ने हस्तक्षेप कर विवाद को आगे बढ़ने से रोका।
मैदान के बाहर भी माहौल लगातार बिगड़ता गया। ब्यूनस आयर्स में बड़ी संख्या में समर्थक हार से निराश होकर सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर नारेबाजी, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया और कई इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच टकराव साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
फाइनल के बाद पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर भी अर्जेंटीना की टीम चर्चा में रही। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि जब स्पेन की टीम विश्व कप ट्रॉफी और मेडल ग्रहण कर रही थी, तब अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ी समारोह की ओर पीठ करके खड़े दिखाई दिए। इस व्यवहार को लेकर खेल जगत में भी बहस छिड़ गई। कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों का मानना है कि हार के बावजूद खिलाड़ियों को खेल भावना का परिचय देना चाहिए था।
स्पेन की जीत ने जहां पूरे देश में जश्न का माहौल बना दिया, वहीं अर्जेंटीना में यह हार भावनात्मक झटका साबित हुई। लियोनेल मेसी के संभावित अंतिम विश्व कप में खिताब नहीं जीत पाने से करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदें टूट गईं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ, स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्थाएं इन घटनाओं पर क्या कदम उठाती हैं। साथ ही मैदान पर हुई झड़प और उसके बाद की हिंसा की जांच भी खेल जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
