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वायनाड में फिर प्रकृति का तांडव: मेप्पाडी टनल निर्माण क्षेत्र में भीषण भूस्खलन, मलबे में तब्दील हुआ इलाका, 5 की मौत

The Hill India News
Last updated: July 7, 2026 1:20 pm
The Hill India News
Published: July 7, 2026
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वायनाड: केरल के वायनाड जिले में एक बार फिर प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। मेप्पाडी के पास भारी बारिश के चलते हुए एक भीषण भूस्खलन (Landslide) ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह दर्दनाक हादसा अनाक्कमपॉयल-कल्लाडी-मेप्पाडी ट्विन टनल निर्माण क्षेत्र के पास हुआ, जिसमें अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मलबे के विशाल ढेर में अभी भी कई स्थानीय और प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते कड़ाके की बारिश के बीच बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

Contents
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?वायनाड में ताजा हुईं 2024 की खौफनाक यादेंक्या है अनाक्कमपॉयल-कल्लाडी-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट?देश के 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर विकास और पर्यावरण के संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का एक बेहद भयावह वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मीनाक्षी पुल के पास स्थित पहाड़ी का एक बहुत बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढहकर नीचे सड़क और रिहायशी इलाके पर गिरता दिखाई दे रहा है।

कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

यह दिल दहला देने वाली घटना सुबह करीब 11 बजे की है। चश्मदीदों के मुताबिक, कल्लाडी इलाके में मीनाक्षी पुल के पास महत्वाकांक्षी ट्विन टनल प्रोजेक्ट का काम चल रहा था। टनल की खुदाई के कारण वहां पर निकाली गई मिट्टी का एक बहुत बड़ा टीला जमा हो गया था। पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से यह विशालकाय टीला अचानक धंस गया।

मिट्टी के इस टीले के साथ-साथ पूरी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक कर नीचे की ओर आ गिरा। त्रासदी तब और बड़ी हो गई जब इस भूस्खलन की जद में वहां बने अस्थाई कैंप आ गए।

  • मजदूरों के कैंप हुए जमींदोज: टनल निर्माण में लगे प्रवासी मजदूरों के रहने के लिए पहाड़ी के ठीक नीचे अस्थाई टेंट और कैंप बनाए गए थे।

  • दौड़ती बसें आईं चपेट में: हादसे के वक्त स्थानीय मजदूरों को लेकर आई दो बसें भी वहीं खड़ी थीं। पहाड़ी का मलबा इतनी तेजी से आया कि ये दोनों बसें और अस्थाई कैंप पूरी तरह मलबे के नीचे दफन हो गए।

वायनाड में ताजा हुईं 2024 की खौफनाक यादें

इस हादसे ने स्थानीय लोगों के दिलों में साल 2024 की उस भीषण त्रासदी के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है, जिसमें भूस्खलन के कारण 300 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। संयोग और चिंता की बात यह है कि आज जहां यह हादसा हुआ है, वह इलाका मुंडाक्कई के बिल्कुल करीब है—वही मुंडाक्कई जो 2024 के लैंडस्लाइड में पूरी तरह तबाह हो गया था।

चूंकि यह क्षेत्र एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है, इसलिए यहाँ कई होमस्टे और रिजॉर्ट्स मौजूद हैं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए शुरुआती बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।

क्या है अनाक्कमपॉयल-कल्लाडी-मेप्पाडी टनल प्रोजेक्ट?

जिस इलाके में यह तबाही हुई है, वहां केरल सरकार का बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चल रहा है। यह ट्विन टनल प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद मलप्पुरम और वायनाड जिलों के बीच की दूरी को काफी कम कर देगा। हालांकि, पश्चिमी घाट के इस बेहद संवेदनशील इको-सिस्टम में इस तरह के बड़े निर्माण कार्यों को लेकर पर्यावरणविद लगातार चेतावनी देते रहे हैं। इस हादसे के बाद अब इस प्रोजेक्ट की सुरक्षा समीक्षा को लेकर मांग तेज होने लगी है।

देश के 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

वायनाड ही नहीं, बल्कि इस समय देश का एक बड़ा हिस्सा मानसून के प्रकोप से जूझ रहा है। महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई शहरों में सड़कें धंसने और निचले इलाकों में गंभीर जलभराव (वाटरलॉगिंग) की खबरें हैं।

मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी: मौसम विज्ञान विभाग ने आज देश के 15 राज्यों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात का ‘ऑरेंज और रेड अलर्ट’ जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले स्थानीय निवासियों से बेहद सावधान रहने और प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

केरल प्रशासन के अनुसार, वायनाड में लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।

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