देहरादून। राजधानी देहरादून में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को रायपुर क्षेत्र स्थित तपस्थली नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में कई गंभीर अनियमितताएं और निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
जानकारी के अनुसार, एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर (एसीएमओ) डॉ. अविनाश खन्ना के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और रायपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रांझावाला स्थित तपस्थली नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि केंद्र द्वारा शासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित नियमों एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। कई महत्वपूर्ण कमियां मिलने के बावजूद केंद्र संचालक द्वारा उन्हें दूर करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी केंद्र को नोटिस जारी कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही चेतावनी भी दी गई थी कि यदि निर्धारित समय के भीतर सुधार नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद केंद्र प्रबंधन ने आवश्यक सुधार नहीं किए, जिसके चलते शनिवार को मौके पर ही केंद्र को सील करने का निर्णय लिया गया।
निरीक्षण के समय केंद्र में कुल आठ मरीज रह रहे थे। टीम ने सभी मरीजों की स्थिति और दस्तावेजों का सत्यापन किया। इसके बाद आवश्यक कानूनी और अभिलेखीय प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी मरीजों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि तपस्थली नशा मुक्ति केंद्र को पहले भी कई खामियों के कारण चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद जब केंद्र संचालक ने व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया तो प्रशासन को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में संचालित सभी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से देहरादून के विभिन्न नशा मुक्ति केंद्रों से मरीजों की सुरक्षा, सुविधाओं की कमी और प्रबंधन संबंधी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन घटनाओं के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। ऐसे में तपस्थली केंद्र पर हुई कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि नशा मुक्ति केंद्र समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए वहां रहने वाले मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है। नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
