हरिद्वार/नई दिल्ली: दिल्ली में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसका अश्लील वीडियो बनाने और फिर उसी वीडियो के जरिए वर्षों तक ब्लैकमेल कर यौन शोषण करने के सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर दुष्कर्म, आपराधिक धमकी, पीछा करने और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की उम्र 26 वर्ष है और वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके का निवासी है। आरोपी पिछले दो महीने से अधिक समय से फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार एक पुख्ता सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम ने हरिद्वार के भगवानपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पिस्तौल दिखाकर किया दुष्कर्म, फिर बनाया ब्लैकमेल का हथियार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब 21 वर्षीय युवती ने वेलकम थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में आरोपी ने उसे पिस्तौल दिखाकर डराया-धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपी ने पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया। आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बार-बार उसका यौन शोषण करता रहा। भय और बदनामी के कारण पीड़िता लंबे समय तक चुप रही, लेकिन जब प्रताड़ना की हद पार हो गई तो उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
ट्यूशन जाते समय करता था पीछा, परिवार को भी दी धमकियां
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी युवती का लगातार पीछा करता था। वह ट्यूशन क्लास आने-जाने के दौरान उसे परेशान करता था और उसके परिवार को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देता था। आरोपी की इन हरकतों से पीड़िता और उसका परिवार लगातार मानसिक तनाव और भय के माहौल में जी रहा था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने डर और दबाव का माहौल बनाकर पीड़िता को लंबे समय तक अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश की। यही वजह रही कि पीड़िता काफी समय तक इस मामले को सार्वजनिक नहीं कर सकी।
जांच में सामने आया नाबालिग होने का तथ्य
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान जब पीड़िता के दस्तावेजों और उम्र का सत्यापन किया गया तो पता चला कि कथित घटना के समय वह नाबालिग थी। इसके बाद मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 6 भी जोड़ दी गई, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पीछा करने, आपराधिक धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
गैर-जमानती वारंट जारी, भगोड़ा घोषित करने की तैयारी
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। लगातार फरार रहने के कारण उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।
इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी रहा है आपराधिक मामलों में शामिल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। सत्यापन के दौरान पता चला कि वह पहले भी गैर-इरादतन हत्या और जुए से जुड़े मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
मामले की जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं आरोपी ने इसी तरह अन्य युवतियों को भी अपना शिकार तो नहीं बनाया।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का हरसंभव प्र
