देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति और खेल जगत के लिए भावुक क्षण उस समय देखने को मिला जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत प्रदेश की दो प्रतिष्ठित विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। बैठक में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले प्रसिद्ध निशानेबाज और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। कैबिनेट ने सर्वसम्मति से शोक प्रस्ताव पारित कर दोनों महान हस्तियों के योगदान को याद किया।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित सभी कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवालय के कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरे सभागार में शोक और सम्मान का वातावरण बना रहा। मुख्यमंत्री धामी ने दोनों विभूतियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी ने उत्तराखंड राज्य के विकास, सुशासन और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता, ईमानदार कार्यशैली और विकासोन्मुखी सोच के माध्यम से राज्य को नई दिशा देने का कार्य किया। धामी ने कहा कि खंडूरी का व्यक्तित्व और उनकी कार्यशैली हमेशा जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
वहीं, मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी असाधारण उपलब्धियों के माध्यम से उत्तराखंड और पूरे देश का गौरव बढ़ाया। खेल जगत में उनका योगदान अविस्मरणीय है और आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेती रहेंगी। धामी ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा के बल पर भारतीय शूटिंग को नई पहचान दिलाई। खेलों के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम और शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई, जो देर तक जारी रही। इस बैठक को प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार बैठक में जनहित, विकास, प्रशासनिक सुधारों और विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि सरकार एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर सकती है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बुनियादी ढांचा विकास, रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा देने से संबंधित विषय प्रमुख हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह बैठक विशेष महत्व रखती है। प्रदेश सरकार विकास कार्यों को गति देने और जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। ऐसे में कैबिनेट की यह बैठक सरकार की भविष्य की रणनीति और विकास रोडमैप तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद प्रदेश में विकास योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है। राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ नई परियोजनाओं पर भी काम कर रही है। यही कारण है कि इस कैबिनेट बैठक से कई महत्वपूर्ण फैसलों की उम्मीद की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार सरकार विभिन्न विभागों में लंबित प्रस्तावों को मंजूरी देने के साथ-साथ नई योजनाओं की घोषणा भी कर सकती है। शिक्षा क्षेत्र में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने, सड़क एवं अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
इसके अतिरिक्त निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार होने की संभावना जताई जा रही है। सरकार का उद्देश्य राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न नीतिगत बदलावों और प्रशासनिक सुधारों पर भी चर्चा हो सकती है।
प्रदेश की राजनीति में भी इस बैठक को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। भाजपा संगठन जहां आगामी चुनावी तैयारियों में जुटा हुआ है, वहीं सरकार भी विकास और जनकल्याण के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सक्रिय दिखाई दे रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार जनता के विभिन्न वर्गों को राहत देने और विकास कार्यों को नई गति प्रदान करने के लिए कुछ बड़े निर्णय ले सकती है।
फिलहाल प्रदेशभर की नजरें इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक के फैसलों पर टिकी हुई हैं। बैठक समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि धामी सरकार किन प्रस्तावों को मंजूरी देती है और राज्य की जनता को कौन-कौन सी नई सौगातें मिलने वाली हैं। हालांकि इतना तय है कि बैठक की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी और निशानेबाज जसपाल राणा को दी गई श्रद्धांजलि ने दोनों महान हस्तियों के प्रति राज्य सरकार के सम्मान और संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
