ब्राजील। रोमांच और एडवेंचर के नाम पर हुई एक भयावह लापरवाही ने 21 वर्षीय युवती की जिंदगी छीन ली। ब्राजील में हुए चर्चित बंजी जंपिंग हादसे में अब एक ऐसा खुलासा सामने आया है जिसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है। जानकारी के मुताबिक, बिना सेफ्टी रस्सी बांधे 130 फीट ऊंचे पुल से नीचे गिराई गई युवती मारिया एडुआर्डा की मौके पर तुरंत मौत नहीं हुई थी। घटना स्थल पर मौजूद एक नर्स ने दावा किया है कि जमीन पर गिरने के बाद भी उसकी सांसें चल रही थीं और नब्ज महसूस की जा सकती थी।
यह हादसा शनिवार को ब्राजील के लिमेइरा क्षेत्र स्थित स्केलेटन ब्रिज (Skeleton Bridge) पर हुआ था, जहां 21 वर्षीय मारिया एडुआर्डा बंजी जंपिंग का रोमांचक अनुभव लेने पहुंची थी। लेकिन स्टाफ की एक गंभीर चूक ने उसके सपनों और जिंदगी दोनों को खत्म कर दिया।
बिना रस्सी के दे दी छलांग, कैमरे में कैद हुआ हादसा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टाफ के सदस्य मारिया को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और कुछ ही सेकंड बाद उसे नीचे धक्का दे दिया जाता है। लेकिन सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि उसकी कमर और शरीर पर सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली रस्सी बंधी ही नहीं थी।
जैसे ही मारिया ने छलांग लगाई, वह सीधे लगभग 130 फीट नीचे जा गिरी। वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार शुरू हो गई।
नर्स ने किया बड़ा खुलासा
हादसे के बाद सबसे बड़ा खुलासा रेजा डायस नामक एक नर्स ने किया है। वह घटना के समय मौके पर मौजूद थी और सबसे पहले मारिया के पास पहुंचने वालों में शामिल थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेजा डायस ने बताया कि जब वह घायल मारिया तक पहुंची, तब उसकी सांसें चल रही थीं और नब्ज भी महसूस हो रही थी। उसने बताया कि युवती जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही थी।
नर्स ने कहा कि उस भयावह स्थिति में भी उसने मारिया का हौसला बढ़ाने की कोशिश की। उसने मजाकिया अंदाज में कहा, “दूदा, मेरी शिफ्ट में कोई नहीं मरता।” हालांकि उस समय वह ड्यूटी पर नहीं थी, लेकिन उसने केवल युवती को मानसिक रूप से मजबूत रखने के लिए ऐसा कहा था।
यह बयान सामने आने के बाद लोगों में सवाल उठने लगे हैं कि अगर समय पर बेहतर चिकित्सा सहायता मिलती तो क्या मारिया की जान बच सकती थी।
घटना के बाद भागने लगे कर्मचारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के तुरंत बाद बंजी जंपिंग संचालन से जुड़े कुछ कर्मचारी वहां से भागने की कोशिश करने लगे थे। अधिकारियों के मुताबिक, कर्मचारियों ने अपने कपड़े तक बदल लिए ताकि उनकी पहचान न हो सके।
पुलिस का कहना है कि कम से कम दो कर्मचारी घटनास्थल से फरार हो गए थे, लेकिन हेलीकॉप्टर की मदद से उनकी तलाश की गई और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इस घटनाक्रम ने कर्मचारियों की भूमिका पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि कर्मचारियों को अपनी गलती का एहसास नहीं था तो वे भागने का प्रयास क्यों कर रहे थे।
जिम्मेदारी पर आरोपियों का अजीब जवाब
मामले में वीडियो में दिखाई देने वाले तीन मुख्य कर्मचारियों—लुइस (32), विटोर (27) और माइकन (42)—के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इनके अलावा तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
जब पुलिस ने आरोपियों से पूछा कि आखिर सुरक्षा रस्सी बांधने की जिम्मेदारी किसकी थी, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। आरोपियों ने कहा कि उन्हें याद नहीं है कि उस समय रस्सी बांधने की जिम्मेदारी किसके पास थी।
बताया जा रहा है कि एक जंप के लिए कर्मचारियों को लगभग 26 पाउंड यानी करीब 2,800 रुपये मिलते थे। आरोपियों के वकील ने बचाव करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल मानसिक सदमे में हैं और वर्षों से यह काम कर रहे थे, इसलिए उन्हें पूरी घटना स्पष्ट रूप से याद नहीं है।
हालांकि पुलिस इस दलील को गंभीरता से नहीं ले रही और मामले की गहन जांच जारी है।
हादसे से कुछ घंटे पहले बेहद खुश थी मारिया
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हादसे से कुछ घंटे पहले मारिया बेहद उत्साहित थी। उसने सोशल मीडिया पर पुल की तस्वीरें और जंपिंग कंपनी का बैनर साझा किया था।
मारिया का सपना एक शिक्षक बनने का था और वह अपने दोस्तों के साथ इस एडवेंचर का आनंद लेने पहुंची थी। उसे अंदाजा भी नहीं था कि यह रोमांच उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंपिंग स्थल पर कई परिवार मौजूद थे और छह साल तक के बच्चे भी यह प्रदर्शन देख रहे थे। हादसे के बाद वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।
मां ने कहा- वह रस्सी शापित थी
बेटी की मौत से टूट चुकी मारिया की मां वाल्डेनिया ने भावुक बयान देते हुए कहा कि जिस रस्सी को बांधना कर्मचारी भूल गए, वही उनकी बेटी की मौत का कारण बनी।
उन्होंने कहा कि वह रस्सी उनके परिवार के लिए हमेशा एक “शापित और कलंकित” वस्तु बन गई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
कंपनी पर अवैध संचालन के आरोप
इस बीच मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। ब्राजीलियाई सांसद एंड्रिया डेंटास लेवी ने दावा किया है कि जिस कंपनी “Entre Cordas” द्वारा बंजी जंपिंग करवाई जा रही थी, उसके पास उस स्थान पर संचालन की वैध अनुमति तक नहीं थी।
सांसद के अनुसार, कंपनी बिना आवश्यक परमिशन के गतिविधियां चला रही थी। यदि यह दावा सही साबित होता है तो कंपनी पर केवल लापरवाही ही नहीं बल्कि अवैध संचालन के भी गंभीर आरोप लग सकते हैं।
पूरे देश में उठ रहे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने ब्राजील में एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इतनी खतरनाक गतिविधि के दौरान सुरक्षा जांच की प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बंजी जंपिंग जैसी गतिविधियों में एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए हर जंप से पहले कई स्तरों पर सुरक्षा जांच अनिवार्य होती है।
फिलहाल पुलिस, प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। वहीं मारिया एडुआर्डा की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रोमांच की दुनिया में सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जा सकता। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि एडवेंचर इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा सबक बनकर सामने आया है।
