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हरिद्वार को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा; नशे में की थी हरकत

हरिद्वार। तीर्थ नगरी हरिद्वार में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस हेल्पलाइन ‘डायल 112’ पर एक अज्ञात कॉलर ने आगामी चार दिनों के भीतर पूरे शहर को बम ब्लास्ट से उड़ाने की खौफनाक धमकी दे डाली। इस सनसनीखेज कॉल के बाद हरकत में आई हरिद्वार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोहन सिंह रावत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले का निवासी है। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने अत्यधिक शराब के नशे में इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।


आधी रात को गूंजी धमकी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

यह पूरा मामला बीती 17 मई की रात का है, जब हरिद्वार सिटी कंट्रोल रूम में तैनात महिला पुलिस कर्मी रूटीन कॉल अटेंड कर रही थीं। इसी दौरान ‘डायल 112’ पर एक फोन आया। फोन उठाते ही दूसरी तरफ से बात कर रहे शख्स ने बेहद आक्रामक लहजे में बात करना शुरू किया। कॉलर ने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि अगले 4 दिनों के भीतर वह हरिद्वार को बम ब्लास्ट से दहला देगा। उसने विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल ‘हरकी पैड़ी’ समेत शहर के कई अन्य संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने की बात कही।

इतना ही नहीं, जब कंट्रोल रूम में तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने उसे समझाने और जानकारी जुटाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उनके साथ घोर अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी। उसने देश और उत्तराखंड राज्य के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे मुख्य पदाधिकारियों और बड़े वीआईपी राजनेताओं का नाम लेकर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां कीं। आरोपी ने एक के बाद एक कई बार फोन कॉल कर इस भ्रामक और खौफनाक सूचना को दोहराया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।


हरकी पैड़ी की सुरक्षा बढ़ाई गई, अलर्ट पर रही एजेंसियां

संवेदनशील धार्मिक नगरी हरिद्वार को बम से उड़ाने की धमकी को स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने बेहद गंभीरता से लिया। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से हरकी पैड़ी, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया। संदिग्धों की चेकिंग के लिए बम निरोधक दस्ते (BDS) और डॉग स्क्वायड को भी सक्रिय किया गया।

चूंकि मामला राष्ट्रीय स्तर के वीआईपी और एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल की सुरक्षा से जुड़ा था, इसलिए बिना वक्त गंवाए कोतवाली नगर हरिद्वार में अज्ञात कॉलर के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने त्वरित जांच और आरोपी की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया, जिसकी कमान नगर कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) गोपाल दत्त भट्ट को सौंपी गई।


सर्विलांस की मदद से 12 घंटे में रोडीबेलवाला से दबोचा गया आरोपी

एसएसआई गोपाल दत्त भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सबसे पहले उस मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया, जिससे कंट्रोल रूम में कॉल की गई थी। साइबर और सर्विलांस सेल की मदद से पुलिस ने चंद घंटों में ही मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर ली। सटीक इनपुट मिलते ही पुलिस टीम ने रोडीबेलवाला क्षेत्र में घेराबंदी की और धमकी देने वाले मुख्य आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया।

पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान सोहन सिंह रावत (उम्र 30 वर्ष), पुत्र मदन सिंह रावत के रूप में हुई है। वह ग्राम पाटा, थाना यमकेश्वर, जिला पौड़ी गढ़वाल का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के पास से वही मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल उसने 17 मई की रात को डायल 112 पर कॉल करने और झूठी एवं भ्रामक सूचना देने के लिए किया था।


नशे की लत और कोई आपराधिक इतिहास नहीं: एसएसपी

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी सोहन सिंह रावत गंभीर रूप से नशे का आदी है। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि घटना की रात उसने अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन कर रखा था और नशे के सरूर में उसने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन मिला दिया।

एसएसपी भुल्लर ने स्पष्ट किया, “आरोपी का अब तक का कोई पुराना आपराधिक इतिहास (Crime History) सामने नहीं आया है। उसने नशे की हालत में आकर कानून व्यवस्था को चुनौती देने और पुलिस को परेशान करने के उद्देश्य से यह झूठी एवं भ्रामक सूचना प्रसारित की थी। हालांकि, सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है कि कहीं इस कृत्य के पीछे कोई अन्य असामाजिक तत्व या साजिश तो शामिल नहीं है।”


कानून को हल्के में लेने वालों को सख्त संदेश

हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों और तीर्थ पुरोहितों ने सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन सेवाओं (जैसे 112 या 100) का दुरुपयोग करना और सुरक्षा एजेंसियों को झूठी एवं भ्रामक सूचना देकर पैनिक क्रिएट करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। आरोपी सोहन सिंह रावत के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा डालने, लोक शांति भंग करने की साजिश रचने, महिलाओं से अभद्रता करने और आईटी एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक वैधानिक कागजी कार्रवाई और पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से उसे जेल भेजा जाएगा।

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