
चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में दशकों पुराने द्रविड़ किलों को ढहाकर सत्ता के शीर्ष पर पहुंची तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने राज्य में अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। नवगठित सरकार के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व में मंत्रियों के विभागों का आधिकारिक बंटवारा कर दिया गया है। तमिलनाडु लोक भवन द्वारा जारी एक विस्तृत अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने सत्ता के संतुलन और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए गृह, पुलिस और लोक प्रशासन जैसे सबसे कद्दावर विभाग अपने नियंत्रण में रखे हैं।
यह कैबिनेट विस्तार और विभागों का यह बंटवारा केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया मात्र नहीं है, बल्कि यह दक्षिण भारत की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। सीएम विजय की इस नई टीम ने राज्य में द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) के बीच दशकों से बारी-बारी से शासन करने की स्थापित परंपरा को पूरी तरह से उखाड़ फेंका है। नई कैबिनेट में कुल 10 मंत्रियों को महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे यह साफ है कि नई सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर तेजी से आगे बढ़ना चाहती है।
सीएम विजय के पास ‘पावर सेंटर’; खेल विकास को बनाया स्वतंत्र मंत्रालय
कैबिनेट पोर्टफोलियो की रूपरेखा को देखें तो मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने अपनी प्रशासनिक दूरदर्शिता का परिचय दिया है। उन्होंने लोक प्रशासन, सामान्य प्रशासन और पुलिस (गृह) जैसे कोर मंत्रालयों के अलावा सामाजिक सरोकारों से जुड़े महिला कल्याण और युवा विकास विभागों की कमान भी खुद संभाली है। इस फैसले से स्पष्ट है कि नई सरकार राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से निगरानी रखना चाहती है।
इस बार के कैबिनेट गठन में सबसे अभिनव और ध्यान खींचने वाला कदम खेल विकास मंत्रालय को लेकर उठाया गया है। मुख्यमंत्री विजय ने खेल विकास को एक पूर्ण और स्वतंत्र मंत्रालय के रूप में अलग स्थापित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पिछली द्रमुक (DMK) सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था से एक बड़ा और रणनीतिक बदलाव है, जिसका उद्देश्य राज्य के युवाओं और खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
महत्वपूर्ण मंत्रालयों का आवंटन: आधव अर्जुन को पीडब्ल्यूडी, सेंगोत्तैयान संभालेंगे खजाना
मुख्यमंत्री के बाद कैबिनेट में दूसरे सबसे बड़े रणनीतिक चेहरे के रूप में उभरे आधव अर्जुन को बेहद महत्वपूर्ण लोक निर्माण विभाग (PWD) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए उन्हें नवनिर्मित खेल विकास विभाग का अतिरिक्त जिम्मा भी दिया गया है। राज्य की वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाने और बजटीय प्रबंधन की कमान अनुभवी नेता के.ए. सेंगोत्तैयान को सौंपी गई है, जिन्हें तमिलनाडु का नया वित्त मंत्री नियुक्त किया गया है।
वहीं, संवेदनशील और जनहित से जुड़े स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी के.जी. अरुणराज को दी गई है। इसके अलावा ग्रामीण विकास, स्कूली शिक्षा, उद्योग, ऊर्जा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और प्राकृतिक संसाधन जैसे अन्य महत्वपूर्ण विभाग भी कैबिनेट मंत्रियों के बीच उनकी विशेषज्ञता और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर आवंटित किए गए हैं।
किसे, कौन सा मंत्रालय मिला? (तमिलनाडु कैबिनेट मंत्रियों की पूरी सूची):
| क्रमांक | मंत्री का नाम | आवंटित विभाग / मंत्रालय |
| 1 | मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय | लोक प्रशासन, सामान्य प्रशासन, पुलिस (गृह), महिला कल्याण और युवा विकास। |
| 2 | आधव अर्जुन | लोक निर्माण विभाग (PWD) और खेल विकास विभाग। |
| 3 | के.ए. सेंगोत्तैयान | वित्त मंत्रालय। |
| 4 | के.जी. अरुणराज | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय। |
| 5 | एन. आनंद | ग्रामीण विकास विभाग। |
| 6 | CTR निर्मल कुमार | ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्रालय। |
| 7 | राजमोहन | स्कूली शिक्षा विभाग, सूचना एवं प्रचार, और तमिल विकास (पुरातत्व सहित)। |
| 8 | एस. कीर्तना | उद्योग मंत्रालय। |
| 9 | पी. वेंकटरमण | खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग। |
| 10 | टी.के. प्रभु | प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय। |
DMK के वॉकआउट और AIADMK में सेंधमारी के बीच हासिल किया विश्वास मत
प्रशासनिक स्तर पर तमिलनाडु में विजय सरकार के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा होने से ठीक पहले, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने विधानसभा के पटल पर अपनी राजनीतिक ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। टीवीके (TVK) सरकार ने विपक्ष द्वारा खड़े किए गए तमाम गतिरोधों के बीच सदन में बेहद आसानी से विश्वास मत (फ्लोर टेस्ट) हासिल कर लिया। मतदान के दौरान मुख्य विपक्षी दल डीएमके (DMK) के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे सरकार की राह और आसान हो गई।
राजनीतिक रूप से सबसे बड़ा उलटफेर अन्नाद्रमुक (AIADMK) के खेमे में देखने को मिला। अन्नाद्रमुक के अध्यक्ष और विधायक दल के नेता एडप्पाडी के पलानीस्वामी के प्रति वफादार रहने वाले केवल 22 विधायकों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया। इसके विपरीत, सी वे शनमुगम और एसपी वेलुमणि जैसे कद्दावर नेताओं के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों ने खुलकर टीवीके सरकार के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की।
विपक्ष के ‘खरीद-फरोख्त’ के आरोपों को मुख्यमंत्री ने नकारा
सदन के भीतर जब मतों की गिनती हुई, तो परिणाम पूरी तरह से मुख्यमंत्री विजय के पक्ष में रहे। सरकार के समर्थन में कुल 144 मत पड़े, जबकि विरोध में केवल 22 वोट आए। इस प्रचंड बहुमत के साथ ही विजय सरकार पर मंडरा रहे अस्थिरता के सारे बादल छंट गए। इस दौरान विपक्ष ने टीवीके सरकार पर विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ (हॉर्स ट्रेडिंग) करने के गंभीर आरोप लगाए और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन की बात कही।
मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने सदन में कहा कि यह जनमत का सम्मान है और जो विधायक राज्य का विकास चाहते हैं, वे स्वेच्छा से उनके सुशासन के मॉडल के साथ आए हैं। टीवीके को इस महीने की शुरुआत में हुए चुनावों में 108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में सफलता मिली थी, और अब इस सफल फ्लोर टेस्ट और पोर्टफोलियो आवंटन के बाद राज्य में एक स्थिर और नई कार्यप्रणाली वाली सरकार के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।

