
अभिनेत्री पूजा बेदी एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। अपनी बेबाक राय और खुलकर जिंदगी जीने के अंदाज के लिए मशहूर पूजा बेदी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में शादी, तलाक, परिवार और रिश्तों को लेकर दिल खोलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह अपनी शादीशुदा जिंदगी के लिए भी शुक्रगुजार हैं और तलाक के बाद भी खुद को खुश महसूस करती हैं।
पूजा बेदी ने यह बातचीत अभिनेत्री सुहासिनी मणिरत्नम के साथ एक यूट्यूब इंटरव्यू में की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शादी केवल एक रिश्ता नहीं बल्कि जिंदगी का एक अनुभव होती है। उन्होंने माना कि हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन अगर दो लोग सम्मान और समझदारी के साथ अलग हों तो तलाक जिंदगी का अंत नहीं होता।
पूजा बेदी ने अपने पूर्व पति फरहान फर्नीचरवाला के बारे में बात करते हुए कहा कि आज भी दोनों के बीच दोस्ती का रिश्ता कायम है। उन्होंने कहा कि उनकी शादी ने उन्हें दो प्यारे बच्चे दिए और यही उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी है। पूजा ने कहा, “मेरे एक्स हस्बैंड आज भी मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में शामिल हैं। हमारे बच्चे ही हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा प्यार हैं। मैं उन 12 सालों के लिए शुक्रगुजार हूं जो हमने साथ बिताए।”
उन्होंने यह भी कहा कि शादी के दौरान उनसे कई गलतियां हुईं, लेकिन शादी करना उनकी गलती नहीं थी। पूजा के मुताबिक हर रिश्ता इंसान को कुछ न कुछ सिखाकर जाता है। उन्होंने कहा कि अगर जिंदगी का एक हिस्सा अच्छा रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि आगे की जिंदगी खराब होगी। इंसान को आगे बढ़कर नई खुशियां तलाशनी चाहिए।
पूजा बेदी ने बताया कि जब उन्होंने अलग होने का फैसला लिया तब उनकी बेटी करीब 5 साल की थी और बेटा महज 2 साल का था। उन्होंने माना कि तलाक का फैसला आसान नहीं था, लेकिन वह अपने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी था। पूजा ने कहा कि शादी के बाद उन्हें महसूस हुआ कि एक पारंपरिक परिवार की बहू और पत्नी बनने के लिए उन्हें अपने करियर और स्वतंत्रता से समझौता करना पड़ रहा था।
इंटरव्यू में पूजा बेदी ने अपने बचपन की यादों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वह खुद भी टूटते रिश्तों के बीच बड़ी हुई हैं। उनके पिता कबीर बेदी और मां प्रोतिमा बेदी का तलाक तब हो गया था जब वह केवल 5 साल की थीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि तलाक के बावजूद उन्होंने अपने माता-पिता के बीच हमेशा सम्मान और दोस्ती का रिश्ता देखा।
पूजा ने कहा, “मैंने अपने माता-पिता को तलाकशुदा होते देखा, लेकिन उनके बीच कभी कड़वाहट नहीं देखी। वे हमेशा एक-दूसरे का सम्मान करते थे। मैंने उन्हें अच्छे दोस्त की तरह देखा। यहां तक कि मेरे पापा अपनी दूसरी पत्नी के साथ हनीमून पर होते हुए भी हमारे घर आकर रुके थे।”
उन्होंने कहा कि बच्चों पर तलाक का असर इस बात पर निर्भर करता है कि माता-पिता अलग होने के बाद अपने रिश्ते को कैसे संभालते हैं। अगर दोनों एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखें तो बच्चों को भावनात्मक रूप से कम नुकसान होता है।
पूजा बेदी ने अपने पूर्व पति की मौजूदा पत्नी लायला के साथ रिश्तों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि लायला उनके लिए परिवार जैसी हैं और दोनों के बीच काफी अच्छा रिश्ता है। पूजा ने बताया कि वह लायला को बचपन से जानती हैं और उनका बेटा भी उनके परिवार का हिस्सा जैसा है।
उन्होंने कहा, “मेरी बेटी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह लायला आंटी और उनके बेटे के बिना अपनी जिंदगी की कल्पना नहीं कर सकती। हमारा परिवार अब पहले से बड़ा हो गया है।” पूजा के इस बयान की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है और लोग उनकी सकारात्मक सोच की तारीफ कर रहे हैं।
अगर पूजा बेदी की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने साल 1994 में फरहान फर्नीचरवाला से शादी की थी। दोनों की बेटी अलाया एफ का जन्म 1997 में हुआ। बाद में उनके बेटे ओमर का जन्म हुआ। हालांकि, कुछ साल बाद दोनों के रिश्ते में दूरियां आने लगीं और 2003 में दोनों अलग हो गए।
वहीं पूजा बेदी के पिता कबीर बेदी की निजी जिंदगी भी लंबे समय तक चर्चा में रही। कबीर बेदी ने अपने जीवन में चार शादियां कीं। पहली शादी प्रोतिमा बेदी से हुई थी, जिनसे बाद में तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी सुसेन हम्फ्रेस से की, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चला। फिर उन्होंने टीवी प्रस्तोता निक्की बेदी से शादी की और बाद में उनसे भी अलग हो गए। साल 2016 में कबीर बेदी ने परवीन दुसांझ से चौथी शादी की।
पूजा बेदी की बातें आज के दौर में रिश्तों को लेकर बदलती सोच को भी दिखाती हैं। जहां पहले तलाक को केवल नकारात्मक नजरिए से देखा जाता था, वहीं अब लोग यह समझने लगे हैं कि किसी रिश्ते का सम्मानपूर्वक खत्म होना भी जरूरी हो सकता है। पूजा का मानना है कि जिंदगी में खुश रहना सबसे ज्यादा जरूरी है, चाहे इंसान शादी में हो या तलाक के बाद नई शुरुआत कर रहा हो।



