
मुंबई/ठाणे। मुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा इलाके में एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाले ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ का खुलासा हुआ है। एक महिला ने अपने शादीशुदा जीवन और अवैध संबंधों के उलझे ताने-बाने के बीच अपने ही प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए महिला ने किसी और का नहीं, बल्कि अपने ही पति और सगे भाई का साथ लिया। आरोपियों ने न सिर्फ युवक की जान ली, बल्कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को एक प्लास्टिक के ड्रम में बंद कर मुंब्रा के एक सुनसान नाले में फेंक दिया।
मुंब्रा पुलिस ने इस उलझी हुई मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल टावर लोकेशन का सहारा लिया, जिसके बाद इस खूनी खेल का पर्दाफाश हो सका। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी प्रेमिका और उसके भाई को धर दबोचा है, जबकि महिला का पति और एक अन्य सहयोगी फिलहाल कानून की गिरफ्त से बाहर हैं।
गुमशुदगी से शुरू हुई मिस्ट्री: काम पर निकला युवक फिर कभी नहीं लौटा
इस खौफनाक दास्तान की शुरुआत अप्रैल महीने की शुरुआत में हुई थी। मुंब्रा का रहने वाला 24 वर्षीय अरबाज मकसूद अली खान बीते 3 अप्रैल 2026 को हर रोज की तरह अपने घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था। अरबाज ने अपने परिवार से कहा था कि वह शाम तक लौट आएगा, लेकिन देर रात तक जब वह घर वापस नहीं पहुंचा, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।
परिजनों ने अरबाज के दोस्तों, रिश्तेदारों और उसके काम करने वाली जगहों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अरबाज का मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था। अनहोनी की आशंका को देखते हुए अरबाज के लाचार पिता ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और बेटे की गुमशुदगी (Missing Complaint) की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच की कमान संभाली।
डिजिटल फुटप्रिंट्स ने खोला राज: मोबाइल लोकेशन से फंसी प्रेमिका
शुरुआती जांच में पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली थे। यह मामला पुलिस के लिए एक ‘ब्लाइंड केस’ की तरह था, क्योंकि अरबाज की किसी से कोई प्रत्यक्ष रंजिश की बात सामने नहीं आई थी। ऐसे में मुंब्रा पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) ने अरबाज के मोबाइल नंबर के डिजिटल फुटप्रिंट्स और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) को खंगालना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को पहला बड़ा सुराग तब मिला, जब अरबाज के मोबाइल की आखिरी एक्टिव लोकेशन मुंबई के वर्सोवा इलाके में पाई गई। पुलिस ने जब इस लोकेशन के आसपास सक्रिय अन्य संदिग्ध नंबरों की कड़ियों को जोड़ा, तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अरबाज की प्रेमिका मेहजबीन शेख का मोबाइल फोन भी उसी समय वर्सोवा के उसी विशिष्ट टावर लोकेशन के अंतर्गत सक्रिय था। इस तकनीकी इनपुट के बाद पुलिस का शक गहरा गया और उन्होंने मेहजबीन को रडार पर ले लिया।
पुलिसिया पूछताछ में टूटा सब्र: तोते की तरह उगल दिए राज
संदेह के पुख्ता आधार पर मुंब्रा पुलिस की एक टीम ने मेहजबीन शेख को हिरासत में ले लिया। शुरुआत में आरोपी महिला बेहद शातिर तरीके से पुलिस को गुमराह करती रही। उसने पुलिस के सामने रोने का नाटक किया और दावा किया कि उसका अरबाज के लापता होने से कोई लेना-देना नहीं है। वह लगातार अपनी लोकेशन को लेकर भी पुलिस से झूठ बोलती रही।
हालांकि, जब महिला पुलिस अधिकारियों और जांच दल ने उसके सामने तकनीकी सबूत, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन का डेटा रखा, तो उसका आत्मविश्वास डगमगा गया। सख्त पूछताछ के आगे आरोपी महिला ज्यादा देर टिक नहीं सकी और उसने जो खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। मेहजबीन ने कबूल किया कि अरबाज की हत्या कहीं और नहीं, बल्कि वर्सोवा में ही सुनियोजित तरीके से की गई थी और इस पूरे कांड की मास्टरमाइंड वह खुद थी।
फिरौती, पाइप से पिटाई और मौत का वो खौफनाक मंजर
मेहजबीन ने पुलिस को बताया कि अरबाज के साथ उसके प्रेम संबंध थे, लेकिन समय के साथ उनके रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। इसके साथ ही वह और उसका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मेहजबीन ने अपने पति हसन और अपने सगे भाई तारिक शेख के साथ मिलकर अरबाज से एक मोटी रकम फिरौती के रूप में वसूलने और उसके बाद उसे रास्ते से हटाने की एक सोची-समझी साजिश रची। इस साजिश में तारिक का एक दोस्त मुजम्मल पठान भी शामिल हुआ।
योजना के मुताबिक:
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बहाने से बुलाया: मेहजबीन ने पैसों के लेन-देन और मिलने के बहाने अरबाज को वर्सोवा स्थित एक ठिकाने पर बुलाया।
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बंधक बनाकर बर्बरता: जैसे ही अरबाज वहां पहुंचा, आरोपियों ने उसे घेर लिया और उसके हाथ-पैर बांध दिए। आरोपियों ने अरबाज से पैसों की मांग की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने प्लास्टिक की भारी पाइपों से उस पर हमला कर दिया।
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क्रूरता की हदें: अरबाज को तब तक बेरहमी से पीटा गया जब तक कि उसने दम नहीं तोड़ दिया।
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साक्ष्य मिटाने की कोशिश: अरबाज की मौत के बाद आरोपी घबराए नहीं, बल्कि उन्होंने बाजार से हरे रंग का एक बड़ा प्लास्टिक का ड्रम खरीदा। लाश को उस ड्रम के अंदर ठूस-ठूस कर भरा गया और उसे अच्छी तरह बंद कर दिया गया। इसके बाद एक गाड़ी की मदद से वे ड्रम को मुंब्रा लाए और वहां के एक सुनसान, अंधेरे नाले में फेंक दिया ताकि लाश गल जाए और किसी को कानों-कान खबर न हो।
मुंब्रा पुलिस की बड़ी कामयाबी: दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
महिला के कबूलनामे के आधार पर मुंब्रा पुलिस ने तुरंत नाले में सर्च ऑपरेशन चलाया और उस हरे रंग के ड्रम को बरामद कर लिया। ड्रम को खोलने पर उसके भीतर से अरबाज का क्षत-विक्षत शव मिला, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुंब्रा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रेमिका मेहजबीन शेख और उसके भाई तारिक शेख को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या (Murder) और साक्ष्य मिटाने (Destroying Evidence) की संगीन धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। हालांकि, इस मुंब्रा का खौफनाक ड्रम मर्डर केस में शामिल महिला का पति हसन और उसका साथी मुजम्मल पठान वारदात के बाद से ही फरार हैं। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।



