
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और उनकी पत्नी Brigitte Macron से जुड़ा एक पुराना वीडियो एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। यह वही वीडियो है, जिसमें वियतनाम दौरे के दौरान विमान का दरवाजा खुलते ही ब्रिजिट मैक्रों अपने पति के चेहरे को हाथ से धक्का देती हुई दिखाई दी थीं। उस समय राष्ट्रपति मैक्रों ने इस घटना को पति-पत्नी के बीच “मस्ती और मजाक” बताया था, लेकिन अब एक नई किताब में इस पूरे मामले को लेकर चौंकाने वाले दावे किए गए हैं।
दरअसल, यह घटना मई 2025 में वियतनाम की राजधानी हनोई एयरपोर्ट पर हुई थी। राष्ट्रपति मैक्रों आधिकारिक दौरे पर वहां पहुंचे थे। जैसे ही विमान का दरवाजा खुला, कैमरों में एक ऐसा दृश्य कैद हो गया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वीडियो में दिखा कि ब्रिजिट मैक्रों ने अचानक राष्ट्रपति के चेहरे की तरफ हाथ बढ़ाया और उन्हें धक्का दिया। इसके बाद दोनों कुछ क्षणों के लिए असहज दिखाई दिए।
यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। विपक्षी नेताओं से लेकर आम लोगों तक ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, राष्ट्रपति मैक्रों ने उस समय सफाई देते हुए कहा था कि यह पति-पत्नी के बीच का सामान्य मजाक था और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
लेकिन अब फ्रांस में प्रकाशित एक नई किताब ने इस घटना को लेकर अलग ही कहानी सामने रखी है। “Un Couple (Presque) Parfait” नाम की इस किताब का हिंदी अर्थ “एक लगभग परफेक्ट जोड़ा” बताया जा रहा है। इस किताब को फ्रांसीसी पत्रकार फ्लोरियन टार्डिफ ने लिखा है, जो पेरिस मैच मैगजीन में राजनीतिक संवाददाता हैं।
किताब में दावा किया गया है कि उस समय ब्रिजिट मैक्रों अपने पति से नाराज थीं क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति के फोन में ईरानी मूल की मशहूर अभिनेत्री Golshifteh Farahani को भेजे गए कथित रोमांटिक संदेश देख लिए थे। लेखक के अनुसार, यही विवाद बाद में बहस का कारण बना और उसी तनाव का असर एयरपोर्ट पर दिखाई दिया।
किताब के मुताबिक, ब्रिजिट मैक्रों को यह डर सताने लगा था कि कहीं राष्ट्रपति मैक्रों अभिनेत्री गोलशिफ्ते फराहानी के करीब न हो जाएं। लेखक ने दावा किया है कि राष्ट्रपति और अभिनेत्री के बीच बातचीत “सिर्फ औपचारिक नहीं” थी और कुछ संदेश काफी निजी अंदाज में भेजे गए थे।
फ्लोरियन टार्डिफ ने एक इंटरव्यू में कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों ने अभिनेत्री को ऐसे संदेश भेजे थे जो “काफी आगे तक चले गए थे।” कथित तौर पर एक संदेश में उन्होंने लिखा था, “मुझे आप बहुत खूबसूरत लगती हैं।” हालांकि लेखक ने यह भी कहा कि दोनों के बीच किसी आधिकारिक प्रेम संबंध का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
वहीं, इस पूरे विवाद पर ब्रिजिट मैक्रों के करीबी सूत्रों ने किताब में किए गए दावों को खारिज कर दिया है। फ्रांसीसी अखबार Le Parisien को दिए बयान में कहा गया कि ब्रिजिट ने कभी अपने पति का फोन नहीं देखा और न ही किसी मैसेज की वजह से कोई झगड़ा हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, किताब में लिखी गई बातें वास्तविकता से मेल नहीं खातीं।
दूसरी तरफ अभिनेत्री गोलशिफ्ते फराहानी ने भी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ किसी भी तरह के रोमांटिक रिश्ते से इनकार किया है। 42 वर्षीय अभिनेत्री ने साफ कहा कि उनके और फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बीच सिर्फ दोस्ताना संबंध हैं। उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
गौरतलब है कि गोलशिफ्ते फराहानी ईरान की चर्चित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। वह लंबे समय से अपने देश से बाहर रह रही हैं और कई अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम कर चुकी हैं। ईरानी सरकार की आलोचना करने के बाद उन्हें निर्वासन जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा था।
इस बीच, किताब के लेखक अपने दावों पर कायम हैं। उन्होंने कहा है कि किताब में जो कुछ भी लिखा गया है, वह “सिर्फ फैक्ट और फैक्ट” है। यही वजह है कि फ्रांस की राजनीति और मीडिया में यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
हालांकि अभी तक राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से इस नई किताब पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग एक बार फिर उस पुराने वीडियो को शेयर कर रहे हैं और तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। कुछ लोग इसे निजी जीवन का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे फ्रांस के राष्ट्रपति की छवि से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल, सच्चाई क्या है यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। एक तरफ किताब में गंभीर दावे किए गए हैं, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति, उनकी पत्नी और अभिनेत्री से जुड़े लोगों ने इन आरोपों को नकार दिया है। लेकिन इतना तय है कि “मैक्रों थप्पड़ कांड” एक बार फिर दुनिया भर की मीडिया में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।



