
केरल की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की शानदार जीत के बाद पिछले दस दिनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार मंथन चल रहा था। आखिरकार गुरुवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेताओं ने आधिकारिक तौर पर वीडी सतीशन के नाम की घोषणा कर दी। इस ऐलान के साथ ही केरल की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, दीपा दास मुंशी और अजय माकन ने संयुक्त रूप से सतीशन के नाम का ऐलान किया। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का नाम भी काफी मजबूत माना जा रहा था, लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व ने जमीनी पकड़ और जनसमर्थन को देखते हुए वीडी सतीशन पर भरोसा जताया।
कोच्चि के पास नेत्तूर में जन्मे वीडी सतीशन लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहे हैं। उनका परिवार भी वर्षों से कांग्रेस विचारधारा का समर्थक रहा है। पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता रहे सतीशन ने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने केरल छात्र संघ के जरिए युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाई और धीरे-धीरे पार्टी में मजबूत स्थान हासिल किया।
वीडी सतीशन वर्ष 2001 से लगातार परवूर विधानसभा सीट से विधायक चुने जाते रहे हैं। छह बार विधायक बनने का रिकॉर्ड उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता को दर्शाता है। विधानसभा में उनके आक्रामक और प्रभावशाली भाषणों ने उन्हें कांग्रेस का मजबूत चेहरा बनाया। वे केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे और पिछले पांच वर्षों में उन्होंने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार के खिलाफ कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एलडीएफ के खिलाफ जनता के बीच माहौल बनाने में सतीशन की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर लगातार सरकार को घेरा। सड़क से लेकर विधानसभा तक वे विपक्ष की सबसे मुखर आवाज बनकर उभरे। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश किया था।
सतीशन के समर्थकों का कहना है कि अगर इतने बड़े जनादेश के बाद उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता तो इससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता था। खासतौर पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मध्यम वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। उनकी साफ-सुथरी छवि और गुटबाजी से दूर रहने की राजनीति ने उन्हें पार्टी के भीतर भी मजबूत समर्थन दिलाया।
कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि वीडी सतीशन के नेतृत्व में केरल में पार्टी नई ऊर्जा के साथ काम करेगी। पार्टी का मानना है कि सतीशन प्रशासनिक अनुभव, जनसंपर्क और संघर्षशील राजनीति के दम पर राज्य को नई दिशा देने में सफल होंगे। अब सबकी निगाहें उनके शपथ ग्रहण समारोह और नई कैबिनेट के गठन पर टिकी हुई हैं।



