By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: NEET-UG पेपर लीक: राजस्थान तक कैसे पहुंचा सवालों का जाल, सीकर के छात्रों तक किसने पहुंचाया लीक पेपर?
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > क्राइम > NEET-UG पेपर लीक: राजस्थान तक कैसे पहुंचा सवालों का जाल, सीकर के छात्रों तक किसने पहुंचाया लीक पेपर?
क्राइमदेशफीचर्ड

NEET-UG पेपर लीक: राजस्थान तक कैसे पहुंचा सवालों का जाल, सीकर के छात्रों तक किसने पहुंचाया लीक पेपर?

The Hill India News
Last updated: May 14, 2026 6:09 am
The Hill India News
Published: May 14, 2026
Share
SHARE

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा। अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और विभिन्न राज्य एजेंसियां तेजी से कर रही हैं। जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं और यह सामने आया है कि लीक हुआ पेपर राजस्थान के सीकर तक कैसे पहुंचा और वहां से छात्रों में कैसे फैल गया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, NEET-UG का लीक प्रश्नपत्र राजस्थान तक पहुंचाने में कई राज्यों में फैले एक संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस नेटवर्क का कनेक्शन महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और केरल तक फैला हुआ था। शुरुआती जांच में पता चला है कि यश यादव नामक व्यक्ति के जरिए यह पेपर राजस्थान पहुंचा। बताया जा रहा है कि उसकी पहचान विकास बिवाल से थी, जिसके बाद पेपर का पूरा खेल शुरू हुआ।

जांच में यह भी सामने आया कि विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने पेपर की हार्डकॉपी को स्कैन कर उसे पीडीएफ फाइल में बदला। इसके बाद इस फाइल को मोबाइल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए आगे भेजा गया। आरोप है कि यही पीडीएफ बाद में सीकर के कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों तक पहुंची। सीकर देशभर में मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग का बड़ा केंद्र माना जाता है, इसलिए वहां पेपर पहुंचने के बाद यह तेजी से कई छात्रों तक फैल गया।

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कुछ छात्रों ने यह स्वीकार किया है कि उनसे लीक पेपर के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपये तक लिए गए थे। वहीं जांच एजेंसियों का दावा है कि कुछ मामलों में यह रकम 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि जयपुर और हरियाणा से जुड़े सिंडिकेट ने इस पेपर को 10 से 15 लाख रुपये में कई अभ्यर्थियों को बेचा। एक ही पेपर को बार-बार बेचकर गिरोह ने करोड़ों रुपये का नेटवर्क तैयार कर लिया था।

इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला शुभम खैरनर बताया जा रहा है। हालांकि उसने खुद को मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है। CBI ने अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनर, जयपुर से मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल तथा हरियाणा के गुरुग्राम से यश यादव को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुणे से भी एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि अभी कई अन्य संदिग्धों से अलग-अलग शहरों में पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। CBI और राज्य पुलिस की टीमें लगातार डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हैं। आरोपियों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर को किस मैसेजिंग ऐप या डिजिटल माध्यम से शेयर किया गया था।

राजस्थान एसओजी के महानिरीक्षक अजय पाल लांबा ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि सीकर के एक छात्र को यह लीक पेपर सबसे पहले उसके दोस्त से मिला था। बाद में उसी छात्र ने यह दस्तावेज दूसरे छात्रों के साथ साझा किया। इसके बाद यह ‘गेस पेपर’ या ‘क्वेश्चन बैंक’ के नाम पर कई छात्रों तक पहुंच गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि परीक्षा से पहले जयपुर और आसपास के इलाकों के कई अभ्यर्थियों तक भी यही पेपर पहुंचाया गया था।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि केरल के एक छात्र ने यह कथित ‘गेस पेपर’ सीकर के एक हॉस्टल मालिक और अपने दोस्तों को भेजा था। हॉस्टल मालिक ने इसे छात्रों के बीच यह कहकर साझा किया कि यह परीक्षा में काम आ सकता है। दिलचस्प बात यह है कि बाद में उसी हॉस्टल मालिक ने स्थानीय पुलिस को इस संदिग्ध प्रश्नपत्र की जानकारी दी। उसने पुलिस को बताया कि बड़ी संख्या में छात्रों को एक विशेष ‘क्वेश्चन बैंक’ बांटा गया है, जिसमें असली परीक्षा से मिलते-जुलते सवाल मौजूद हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान पहुंचने से पहले यह पेपर हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिए भेजा गया था। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब हरियाणा कनेक्शन को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि यह पूरा नेटवर्क पहले से संगठित तरीके से काम कर रहा था और अलग-अलग राज्यों में इसके सदस्य सक्रिय थे।

इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका एक व्हिसल ब्लोअर की भी रही। राजस्थान के सीकर के एक केमिस्ट्री शिक्षक ने सबसे पहले पेपर लीक की शिकायत जांच एजेंसियों से की थी। जांच प्रभावित न हो इसलिए उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रश्नपत्र और छात्रों के पास मौजूद दस्तावेजों में समानता देखकर अधिकारियों को सतर्क किया था। उनकी सूचना के बाद ही जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने लगा।

इस बीच इस मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। बीजेपी की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दावा किया है कि पेपर राजस्थान में लीक नहीं हुआ बल्कि इसकी शुरुआत केरल से हुई थी। हालांकि जांच एजेंसियां अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और किसी एक राज्य को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहरा रही हैं।

NEET-UG पेपर लीक मामला सिर्फ एक परीक्षा घोटाला नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है। लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। अब पूरे देश की नजर CBI जांच पर टिकी हुई है कि आखिर इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और क्या सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पाएगी या नहीं।

You Might Also Like

Amarnath Yatra 2025 शुरू: कौन-सा रूट आपके लिए बेहतर? क्या हैं जरूरी सावधानियां? जानिए हर ज़रूरी जानकारी
नई दिल्ली : भारत अपने नागरिकों के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध : तोमर
रुद्रपुर: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही, SSP ने दो महिला कांस्टेबलों को किया सस्पेंड
तेलंगाना : केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने आज 75वें हैदराबाद मुक्ति दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया
नई दिल्ली : सुशासन का आशय नागरिकों पर भरोसा करते हुए सभी परिणामों को बेहतर बनाना और डिलिवरेबल्स को सुनिश्चित करना है-कैबिनेट सचिव राजीव गौबा
TAGGED:investigationNEET ScamNEET UG Paper LeakRajasthanSikar
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडपर्यटनफीचर्ड

11 हजार फीट की ऊंचाई पर दूध-मक्खन से खेली गई अनोखी होली, दयारा बुग्याल में गूंजा ढोल-दमाऊं; बटर फेस्टिवल में दिखी उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति

The Hill India News
The Hill India News
August 17, 2026
हाईवे पर हाथियों का तांडव! शिक्षकों से भरे टेंपो ट्रैवलर को घेरा, वाहन तहस-नहस; ढाई घंटे तक थमा रहा ट्रैफिक
परवादून कांग्रेस की नई टीम ने संभाली कमान, पहली बैठक में बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प; जनसरोकारों के मुद्दे उठाने पर जोर
उत्तराखंड के तीरथ सिंह रावत को BJP की नई टीम में बड़ी जिम्मेदारी, नितिन नवीन की टीम में मिली अहम जगह
BJP की नई टीम में बड़ा बदलाव: वसुंधरा राजे और राम माधव की वापसी, स्मृति ईरानी को बड़ी जिम्मेदारी
E20 पर फिर छिड़ी जंग! 8 करोड़ पुराने वाहनों के लिए E10 की मांग, CEA के सुझाव से गरमाई बहस
देश में दूध का उत्पादन 248 मिलियन टन, फिर भी क्यों उठ रहे मिलावट के सवाल? मांग, खपत और नकली डेयरी उत्पादों का पूरा गणित
आय से अधिक संपत्ति केस में राहुल गांधी को सुप्रीम राहत, इलाहाबाद HC की कार्यवाही पर रोक; SC ने जांच एजेंसियों से पूछा- ‘खुद जांच क्यों नहीं शुरू की?’
उज्जैन महाकाल मंदिर में नाग पंचमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बैरिकेडिंग में मची अफरा-तफरी; कई श्रद्धालु बेहोश
रांची छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का सीएम सोरेन को पत्र, बोले- ‘युवा देश का भविष्य, उनकी मांगें जायज’, छात्रों से व्यक्तिगत मुलाकात की अपील
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?