
कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज रविवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की प्रचंड जीत के बाद आज ‘जायंट किलर’ के नाम से मशहूर शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान इस भव्य ‘राजतिलक’ का साक्षी बनेगा, जहाँ सुबह 11 बजे हजारों समर्थकों और देश के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी बंगाल के 9वें और बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।
ऐतिहासिक ‘जायंट किलर’ का सफर
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। करीब 6 साल पहले जब गृहमंत्री अमित शाह ने खुद उनका हाथ थामकर उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाई थी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वह 2026 में बंगाल के सबसे बड़े नायक बनकर उभरेंगे।
शुभेंदु ने न केवल बीजेपी को बंगाल की सत्ता तक पहुँचाया, बल्कि लगातार दो चुनावों में निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पटखनी देकर खुद को ‘जायंट किलर’ साबित किया। 2021 में नंदीग्राम की ऐतिहासिक जीत के बाद 2026 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने ममता बनर्जी को भवानीपुर जैसी सुरक्षित सीट पर भी शिकस्त दी। शपथ ग्रहण से ठीक पहले उन्होंने अपने इरादे साफ करते हुए कहा, “अब बंगाल में ‘मैं’ नहीं, ‘हम’ सरकार चलाएंगे।”
दिग्गजों का जमावड़ा और शपथ लेने वाले संभावित चेहरे
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बीजेपी के कई बड़े चेहरे इस जीत का जश्न मनाने कोलकाता पहुँच रहे हैं।
बीजेपी ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए यह साफ कर दिया है कि बंगाल में कोई डिप्टी सीएम (उप-मुख्यमंत्री) नहीं होगा। आज शुभेंदु अधिकारी के साथ जिन प्रमुख चेहरों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जा सकती है, उनमें शामिल हैं:
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दिलीप घोष (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)
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निशिथ प्रमाणिक
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अग्निमित्रा पॉल
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रूद्रा घोष
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दीपक वर्मन
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रत्ना देबनाथ
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पूर्णिमा चक्रवर्ती
तमिलनाडु: विजय की ‘शपथ’ पर गहराया संकट
एक तरफ जहाँ बंगाल में जश्न का माहौल है, वहीं तमिलनाडु की राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। टीवीके (TVK) प्रमुख और सुपरस्टार विजय की मुख्यमंत्री बनने की राह में कानूनी और राजनीतिक बाधाएं आ गई हैं। बहुमत के लिए आवश्यक 118 विधायकों के जादुई आंकड़े से विजय की पार्टी मात्र 2 कदम दूर (116 विधायक) है।
वीसीके (VCK) के समर्थन को लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन असली विवाद एएमएमके (AMMK) चीफ दिनाकरन की एक शिकायत से शुरू हुआ है। दिनाकरन ने चेन्नई पुलिस और राज्यपाल को पत्र लिखकर टीवीके पर ‘जालसाजी’ का गंभीर आरोप लगाया है।
फर्जी दस्तखत और वीडियो वार
एएमएमके प्रमुख का आरोप है कि विजय की पार्टी ने उनके इकलौते विधायक कामराज के फर्जी हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है। हालांकि, टीवीके ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में विधायक कामराज खुद समर्थन पत्र लिखते और हस्ताक्षर करते नजर आ रहे हैं। इस ‘लेटर वॉर’ और कानूनी पेचीदगियों के कारण तमिलनाडु में फिलहाल नई सरकार के गठन पर ग्रहण लगा हुआ है।
बंगाल में नई सरकार की चुनौतियां
शुभेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण समारोह के बाद जब मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे, तो उनके सामने चुनौतियों का पहाड़ होगा। बंगाल की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करना, भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहे प्रशासनिक ढांचे को साफ करना और केंद्र के साथ मिलकर विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता होगी। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करना शुभेंदु के लिए अग्निपरीक्षा जैसा होगा।
आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए विशेष है। एक तरफ बंगाल में एक लंबे समय बाद वैचारिक और राजनीतिक परिवर्तन हो रहा है, तो दूसरी तरफ तमिलनाडु में नई राजनीतिक शक्ति अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान से निकलने वाली गूंज आने वाले समय में देश की राजनीति की दिशा तय करेगी।



