By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: हंता वायरस क्या है? जानिए ‘हंता’ नाम का मतलब, कैसे फैलता है यह खतरनाक वायरस और क्यों दुनिया में मचा है अलर्ट
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > हंता वायरस क्या है? जानिए ‘हंता’ नाम का मतलब, कैसे फैलता है यह खतरनाक वायरस और क्यों दुनिया में मचा है अलर्ट
फीचर्डविदेशस्वास्थय

हंता वायरस क्या है? जानिए ‘हंता’ नाम का मतलब, कैसे फैलता है यह खतरनाक वायरस और क्यों दुनिया में मचा है अलर्ट

The Hill India News
Last updated: May 8, 2026 8:27 am
The Hill India News
Published: May 8, 2026
Share
SHARE

कोरोना वायरस के बाद अब एक और वायरस ने दुनियाभर के देशों की चिंता बढ़ा दी है. इस वायरस का नाम है Hantavirus यानी हंता वायरस. हाल ही में एक समुद्री जहाज में इसके संक्रमण के मामले सामने आने के बाद कई देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. जहाज में मौजूद कुछ लोगों की मौत की खबरों ने भी लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है. सोशल मीडिया से लेकर गूगल तक लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर “हंता” का मतलब क्या होता है, इस वायरस का नाम कैसे पड़ा और यह कितना खतरनाक है.

दरअसल, हंता वायरस का नाम दक्षिण कोरिया की प्रसिद्ध Hantan River यानी हंतान नदी के नाम पर रखा गया है. वैज्ञानिकों ने सबसे पहले इस वायरस की पहचान इसी इलाके के आसपास पाए जाने वाले जंगली चूहों में की थी. साल 1978 में रिसर्च के दौरान पता चला कि कुछ खास तरह के धारीदार चूहे इस वायरस को फैलाते हैं. इसी वजह से इस वायरस को “हंतान वायरस” कहा गया, जो बाद में हंता वायरस नाम से मशहूर हो गया.

इस वायरस का इतिहास कोरियाई युद्ध से भी जुड़ा हुआ माना जाता है. साल 1951 से 1953 के बीच हुए कोरियाई युद्ध के दौरान संयुक्त राष्ट्र के हजारों सैनिक अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे. सैनिकों में तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत और किडनी फेल होने जैसे लक्षण दिखाई दिए थे. उस समय वैज्ञानिकों को बीमारी की वजह समझ नहीं आ रही थी. कई सालों की रिसर्च के बाद पता चला कि इसके पीछे एक खतरनाक वायरस है, जिसे बाद में हंता वायरस का नाम दिया गया.

विशेषज्ञों के मुताबिक हंता वायरस कोई एक वायरस नहीं है, बल्कि यह वायरसों की पूरी फैमिली है. अलग-अलग देशों में इसके अलग प्रकार पाए जाते हैं. उत्तरी अमेरिका में पाया जाने वाला “सिन नोम्ब्रे वायरस” भी इसी परिवार का हिस्सा माना जाता है. यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और दूसरे कुतरने वाले जीवों के जरिए फैलता है. संक्रमित जानवरों के मल, मूत्र और लार के संपर्क में आने से इंसान इसकी चपेट में आ सकता है.

सबसे ज्यादा खतरा उन जगहों पर होता है जहां चूहों की संख्या अधिक होती है या साफ-सफाई की कमी होती है. यदि किसी बंद जगह में संक्रमित चूहों का मल या पेशाब सूख जाए और उसके कण हवा में मिल जाएं, तो सांस के जरिए भी इंसान संक्रमित हो सकता है. यही वजह है कि विशेषज्ञ लोगों को पुराने गोदामों, बंद कमरों और जहाजों जैसी जगहों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

हालांकि वैज्ञानिक यह भी कहते हैं कि हंता वायरस कोरोना वायरस की तरह तेजी से हवा में फैलने वाला संक्रमण नहीं है. इसके फैलने के लिए संक्रमित व्यक्ति या संक्रमित वातावरण के लंबे समय तक संपर्क में रहना पड़ता है. फिर भी यह वायरस बेहद खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसकी मृत्यु दर काफी ज्यादा हो सकती है. साल 2018 में Argentina में एक संक्रमित व्यक्ति से 34 लोगों में वायरस फैलने की पुष्टि हुई थी, जिनमें 11 लोगों की मौत हो गई थी.

हंता वायरस का असर सबसे ज्यादा फेफड़ों और किडनी पर पड़ता है. संक्रमण होने के बाद मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द और कंपकंपी महसूस हो सकती है. धीरे-धीरे मरीज को सांस लेने में परेशानी होने लगती है और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो सकता है. कई मामलों में किडनी फेल होने का खतरा भी बढ़ जाता है. इसके अलावा शरीर के अंदर ब्लीडिंग यानी इंटरनल ब्लीडिंग की समस्या भी देखी गई है.

डॉक्टरों के अनुसार इस वायरस का अभी तक कोई खास इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा उपाय माना जाता है. लोगों को चूहों से दूरी बनाए रखने, घर और आसपास साफ-सफाई रखने और संक्रमित जगहों पर मास्क पहनकर जाने की सलाह दी जाती है. यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ फिलहाल इस वायरस पर नजर बनाए हुए हैं. हालांकि अभी इसे कोरोना जैसी वैश्विक महामारी मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि सतर्कता बेहद जरूरी है. हंता वायरस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि इंसानों और जंगली जीवों के बीच बढ़ता संपर्क नई बीमारियों का बड़ा कारण बन सकता है.

You Might Also Like

राज्‍योंऔर केन्‍द्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की उपलब्‍धता..
Uttarakhand Job Alert: उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारी के पदों पर बंपर सरकारी नौकरी, लेवल-7 का मिलेगा वेतन; 12 जून से शुरू होंगे आवेदन
उत्तराखंड में वनाग्नि का बढ़ता संकट: गढ़वाल मंडल में रिकॉर्ड आग की घटनाएं, बारिश से मिली अस्थायी राहत
जब शादी के 11 साल बाद भी नहीं हुआ बच्चा तो इलाज कराने गई तांत्रिक के पास, उसने कर दिया रेप
चंपावत में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: वन विभाग के दो फॉरेस्ट गार्ड ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
TAGGED:Disease PreventionGlobal HealthHanta Virus AlertHantavirus SymptomsInfectious DiseaseVirus OutbreakWHO
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तर प्रदेशफीचर्डराजनीति

सुबह 5 बजे पहुंचा प्रशासन, दो घंटे में जमींदोज हुआ सपा कार्यालय, सीतापुर में बुलडोजर कार्रवाई से मचा राजनीतिक भूचाल

The Hill India News
The Hill India News
June 22, 2026
राम मंदिर में कथित अनियमितताओं का खुलासा: बिना रसीद चंदा, जेवरों का हिसाब गायब, शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
उद्धव सेना में बढ़ी बेचैनी: 20 में से 14 विधायक भी शिंदे के संपर्क में! इमरजेंसी बैठक से सियासी हलचल तेज
देवभूमि महासभा का संकल्प: दुल्हनिया नदी किनारे होगा वृहद वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल
मसूरी मॉल रोड पर ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा: पालिका टीम से अभद्रता और गाली-गलौज; भड़के कर्मचारियों ने घेरी कोतवाली, कार्य बहिष्कार की चेतावनी
पश्चिम बंगाल: शुभेंदु सरकार आज पेश करेगी ‘डबल इंजन’ राज का पहला पूर्ण बजट; स्वप्न दासगुप्ता के पिटारे से निकलेगा विकास का नया रोडमैप?
प्रयागराज में नाबालिग से हैवानियत करने वाला मुशर्रफ पुलिस मुठभेड़ में घायल, ट्रिपल मर्डर का आरोपी हिमांशु भी दबोचा
Weather Updates: फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, 23 जून को बिहार-झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश; यूपी-विदर्भ में लू का टॉर्चर ज़ारी
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में सीएम धामी के काफिले के आगे कूदे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, दिखाए काले झंडे; दन्या बाजार में भारी हंगामा
UKSSSC वाहन चालक भर्ती विवाद: मेरिट लिस्ट में ‘अजीबो-गरीब’ नामों और जेंडर पर घमासान, आयोग ने कहा- ‘अभिलेख सत्यापन में सीधे होंगे बाहर’
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?