
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह था कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी बीच सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है और वे बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में सुवेंदु अधिकारी का नाम लगभग तय माना जा रहा है। गुरुवार को होने वाली बीजेपी विधायक दल की बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
बंगाल की 293 विधानसभा सीटों में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ा राजनीतिक इतिहास रच दिया है। लंबे समय से सत्ता में रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को इस बार भारी झटका लगा है। 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज टीएमसी को हटाकर बीजेपी ने बंगाल में अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। इसी जीत के बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं।
सुवेंदु अधिकारी का नाम शुरुआत से ही सबसे मजबूत दावेदारों में माना जा रहा था। इसकी सबसे बड़ी वजह उनका आक्रामक चुनावी अभियान और ममता बनर्जी के खिलाफ सीधी लड़ाई रही। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद उनका राजनीतिक कद और भी बढ़ गया। वहीं उन्होंने नंदीग्राम सीट से भी जीत दर्ज की, जो बंगाल की राजनीति में बेहद प्रतीकात्मक मानी जाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने बंगाल में हिंदुत्व और संगठन दोनों स्तरों पर जिस रणनीति के साथ चुनाव लड़ा, उसमें सुवेंदु अधिकारी की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने 2021 से लेकर 2026 के चुनाव तक लगातार ममता बनर्जी और टीएमसी सरकार पर तीखे हमले किए। बंगाल में बीजेपी का सबसे मुखर चेहरा बनकर उभरे सुवेंदु ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम किया।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई अन्य बड़े नाम भी शामिल बताए जा रहे थे। पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य, सांसद रूपा गांगुली और बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल के नाम भी चर्चा में थे। लेकिन सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व ने आखिरकार सुवेंदु अधिकारी के नाम पर सहमति बना ली है। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व भी उन्हें बंगाल में बीजेपी का सबसे प्रभावशाली चेहरा मानता है।
सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वे लंबे समय तक ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। तृणमूल कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। लेकिन दिसंबर 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्होंने बंगाल की राजनीति में पूरी तरह नई दिशा पकड़ ली और ममता बनर्जी के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन गए।
सुवेंदु अधिकारी का संबंध बंगाल के प्रभावशाली महिष्य समुदाय से है। पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में उनके परिवार का काफी राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। उनके पिता शिशिर अधिकारी और अन्य परिवारजन भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। यही वजह है कि ग्रामीण बंगाल में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
अगर सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह बीजेपी के लिए केवल राजनीतिक जीत नहीं बल्कि वैचारिक और रणनीतिक सफलता भी मानी जाएगी। बीजेपी लंबे समय से बंगाल में अपनी सरकार बनाने का सपना देख रही थी और अब पार्टी उस मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां वह राज्य की सत्ता संभालने जा रही है।
हालांकि अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक और पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल बंगाल की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा सुवेंदु अधिकारी के नाम की ही हो रही है। आने वाले कुछ घंटे राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।



