
हरिद्वार: उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कैबिनेट मंत्री का पदभार संभालने के बाद से ही हरिद्वार कुंभ मेले की तैयारियों की कमान अपने हाथों में ले ली है। राज्य सरकार आगामी कुंभ को एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, मंत्री कैड़ा ने मेला नियंत्रण भवन में कुंभ मेले के निर्माण कार्यों और तैयारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। पिछले एक महीने में शहरी विकास मंत्री द्वारा की गई यह दूसरी समीक्षा बैठक है, जो इस आयोजन को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई, पेयजल, परिवहन, जल संस्थान और अन्य संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। मेला प्रशासन द्वारा मंत्री के समक्ष पावरपॉइंट (PPT) के माध्यम से कुंभ मेले से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति और रूपरेखा की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।

अवस्थापना विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाएं
समीक्षा बैठक के दौरान शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कुंभ मेला हेतु प्रस्तावित अवस्थापना विकास कार्यों, निर्माणाधीन परियोजनाओं और यातायात प्रबंधन की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से पार्किंग, घाटों के सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता, पेयजल की आपूर्ति और प्रकाश व्यवस्था पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिद्वार कुंभ को एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंत्री ने कहा कि, “कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और व्यवस्थागत क्षमता का भी प्रतीक है। इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए, जिसका लाभ न केवल कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को बल्कि भविष्य में स्थानीय जनता को भी निरंतर मिलता रहे।”
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी
बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ मेला राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कुंभ से जुड़े प्रत्येक कार्य को तय समयसीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।

मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता की कमी या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मानसून की चुनौतियों और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर
आगामी मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कार्यों की गति को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों को मौसम संबंधी चुनौतियों का अनुमान लगाकर अपनी कार्ययोजना तैयार करने को कहा है, ताकि निर्माण कार्यों में कोई देरी न हो।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कुंभ से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। वे स्वयं नियमित रूप से इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और विभिन्न योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री स्तर से भी समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों पर सुरक्षा, साफ-सफाई, और शौचालयों की पर्याप्त उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।



