अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक सुरक्षा को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। नाटो देशों को दी गई अपनी हालिया सलाह में उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जाहिर की है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर दुनिया को परमाणु खतरे के मुहाने पर नहीं छोड़ेगा। ईरान द्वारा भेजे गए प्रस्तावों से असंतोष जाहिर करते हुए, उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अपनी शर्तों पर ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा।
ईरान को लेकर ट्रंप की दो टूक चेतावनी
नाटो सहयोगियों को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियारों के प्रसार पर गंभीर खतरे की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा:
“…आप ईरान को परमाणु हथियार नहीं दे सकते… क्योंकि वे इसका इस्तेमाल बहुत जल्द इज़राइल पर करेंगे, मध्य पूर्व में करेंगे और यूरोप में भी करेंगे। और मुझे लगता है कि अगला नंबर हमारा होगा, और ऐसा नहीं होने वाला… उनके पास 159 जहाज हैं। हर एक जहाज इस समय समुद्र की तलहटी में डूबा हुआ है…”
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यदि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति दी गई, तो वैश्विक शांति और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान उनके द्वारा अपेक्षित समझौते का ठीक से पालन नहीं कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं, न कि तीन साल बाद फिर से इसी संकट का सामना करने के लिए पीछे हटना।
#WATCH अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प ने कहा, "… आप ईरान को न्यूक्लियर वेपन नहीं दे सकते… क्योंकि वे इसे बहुत जल्दी इज़राइल नाम की जगह पर इस्तेमाल करेंगे, और वे इसे मिडिल ईस्ट में इस्तेमाल करेंगे, और वे इसे यूरोप में इस्तेमाल करेंगे। और मुझे लगता है कि हम अगले होंगे, और… pic.twitter.com/sWDpnPPbIK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 2, 2026
ईरान के प्रस्तावों से अमेरिका नाखुश
व्हाइट हाउस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के साथ किसी भी समझौते की संभावनाओं पर गहरा संदेह व्यक्त किया है। बातचीत में लगातार हो रही देरी और तेहरान की ओर से भेजे जा रहे प्रस्तावों पर ट्रंप ने खुलकर नाखुशी जाहिर की है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें पूरा यकीन नहीं है कि अमेरिका और ईरान किसी ठोस और सार्थक समझौते तक पहुँच पाएंगे। इसके साथ ही, व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर कांग्रेस को अवगत कराया है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सशस्त्र बलों की उपस्थिति के बावजूद, प्रशासन इस युद्ध को ‘समाप्त’ मानता है।
तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दृष्टिकोण
पेट्रोल और तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अन्य क्षेत्रों में कीमतों में कमी आई है, लेकिन पेट्रोल की कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब यह पूरा विवाद और संकट समाप्त हो जाएगा, तो दुनिया को ईरान के परमाणु हथियारों से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा।
उनका मानना है कि इस कदम से न केवल वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता भी वापस आएगी।
मैक्रॉन पर टिप्पणी और टैरिफ की राजनीति
अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन ने 250 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की धमकी देकर फ्रांस को दवाओं की ऊंची कीमतों को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया था। यह बयान उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ (America First) नीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं में उनके आक्रामक रुख को दर्शाता है।
वैश्विक सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियाँ
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व की भू-राजनीति को लेकर किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और नाटो देश इस मुद्दे पर अमेरिकी रुख का किस प्रकार समर्थन करते हैं।



