उत्तराखंडफीचर्ड

लक्सर में नाबालिग के साथ दरिंदगी: आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस ने मांगा दो दिन का समय

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया गया। घटना 27 अप्रैल की बताई जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को खानपुर थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो दिन का समय मांगा है।


घटना का विवरण: क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना लक्सर के खानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की है। पीड़िता के पिता द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, उनका परिवार खेती और पशुपालन से जुड़ा हुआ है। उनकी पशुशाला (घेर) घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, जहाँ परिवार के सदस्यों का अक्सर आना-जाना रहता है।

तहरीर में बताया गया है कि 26 अप्रैल की शाम को उनकी नाबालिग बेटी पशुओं को चारा डालने और पानी पिलाने के लिए घेर में गई थी। आरोप है कि इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। अगले दिन यानी 27 अप्रैल की सुबह जब परिजन उसे खोजने गए, तो वह बेहद बदहवास हालत में घेर के पास मिली। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है।


पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर (FIR)

मामले की जानकारी मिलते ही पीड़िता के पिता ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर खानपुर थाने में तीन अज्ञात/नामजद व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

हालांकि, प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के कई दिन बीत जाने के बावजूद, मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि वे आरोपियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन आरोपियों के फरार होने के कारण पुलिस को अभी तक कोई ठोस कामयाबी नहीं मिल सकी है।


हिंदू संगठनों का विरोध और खानपुर थाने का घेराव

लक्सर में नाबालिग से जुड़े इस जघन्य अपराध में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है। इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर सैकड़ों की संख्या में हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता खानपुर थाने के बाहर एकत्र हुए।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर ढिलाई बरतने का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि इतने संवेदनशील मामले में भी पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है।


अधिकारियों का आश्वासन और धरना समाप्त

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही हरिद्वार के एसपी देहात शेखर सुयाल और लक्सर के सीओ देवेंद्र सिंह नेगी भारी पुलिस बल के साथ खानपुर थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

एसपी देहात शेखर सुयाल ने प्रदर्शनकारी संगठनों से 48 घंटे (दो दिन) का समय मांगा और भरोसा दिलाया कि इस अवधि के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद हिंदू संगठनों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।


सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर उठते सवाल

लक्सर क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे इस तरह के अपराधों ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए और अपराधियों के हौसले पस्त हों।

पुलिस प्रशासन ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और पीड़िता के परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस के दो दिन के अल्टीमेटम पर टिकी हैं, कि क्या वाकई इन दो दिनों के भीतर दरिंदों को सलाखों के पीछे भेजा जा सकेगा या मामला और तूल पकड़ेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button