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RCB vs GT: रजत पाटीदार के विवादित कैच पर बोले जेसन होल्डर, कहा- “उस वक्त सिर्फ गेंद पर था पूरा ध्यान”

आईपीएल 2026 में गुरुवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 4 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। हालांकि मैच खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस घटना की हुई, वह थी आरसीबी कप्तान रजत पाटीदार का विवादित कैच। गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर जेसन होल्डर द्वारा पकड़े गए इस कैच को लेकर सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक में बहस छिड़ गई। कई लोगों का मानना था कि गेंद जमीन को छू गई थी, जबकि थर्ड अंपायर ने उपलब्ध रिप्ले देखने के बाद बल्लेबाज को आउट करार दिया।

मैच के बाद जेसन होल्डर ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और बताया कि उस समय उनके दिमाग में क्या चल रहा था। होल्डर ने कहा कि जैसे ही गेंद हवा में गई, उन्होंने पूरी तरह से खुद को कैच पकड़ने के लिए तैयार कर लिया था। उनका पूरा फोकस सिर्फ गेंद पर था और वे किसी भी हालत में उसे हाथ से निकलने नहीं देना चाहते थे।

होल्डर ने कहा, “उस पल मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी कि गेंद पर नजर बनाए रखनी है। मुझे पता था कि यह आसान मौका नहीं है। गेंद काफी तेजी से नीचे आ रही थी और मुझे आगे की ओर डाइव लगानी पड़ी। मैंने पूरी कोशिश की कि गेंद जमीन को न छूने पाए।”

उन्होंने आगे बताया कि कैच लेते समय उन्हें अपने साथी खिलाड़ी से टकराने का भी डर था। मैदान पर कई बार ऐसे मौके बन जाते हैं जब दो फील्डर एक ही गेंद के पीछे भागते हैं और टक्कर का खतरा पैदा हो जाता है। होल्डर ने कहा कि उस समय भी उनके मन में यही आशंका थी, लेकिन उन्होंने जोखिम लेने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, “एक पल के लिए लगा कि शायद किसी खिलाड़ी से टक्कर हो सकती है, लेकिन मैंने पीछे हटने के बजाय गेंद पकड़ने का फैसला किया। राहत की बात यह रही कि कोई टक्कर नहीं हुई और कैच सुरक्षित हो गया।”

यह विवादित घटना आरसीबी की पारी के दौरान आठवें ओवर में हुई। उस समय टीम 35 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी और देवदत्त पडिक्कल कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर पारी संभालने की कोशिश कर रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच तेजी से रन बन रहे थे और ऐसा लग रहा था कि आरसीबी मैच में मजबूत स्थिति की ओर बढ़ रही है।

इसी दौरान रन गति बढ़ाने के प्रयास में रजत पाटीदार ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद हवा में गई और जेसन होल्डर ने तेजी से आगे बढ़ते हुए डाइव लगाकर शानदार कैच पकड़ लिया। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों ने तुरंत आउट की अपील की, लेकिन मामला काफी करीबी था, इसलिए थर्ड अंपायर की मदद ली गई।

रिप्ले देखने पर यह साफ नहीं हो पा रहा था कि गेंद पूरी तरह जमीन से दूर रही या उसने हल्का सा संपर्क किया। कई एंगल्स देखने के बावजूद तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने फैसला गुजरात के पक्ष में दिया और पाटीदार को आउट घोषित कर दिया।

इस फैसले के बाद आरसीबी खेमा काफी नाराज नजर आया। विराट कोहली को बाउंड्री लाइन के पास फोर्थ अंपायर से लंबी बातचीत करते हुए देखा गया। ऐसा लग रहा था कि वे फैसले पर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी फैंस ने इस निर्णय पर सवाल उठाए और कई लोगों ने इसे मैच का टर्निंग पॉइंट बताया।

रजत पाटीदार का विकेट आरसीबी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। उनकी हालिया फॉर्म शानदार रही है और मध्यक्रम में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जाती है। कप्तान के आउट होने के बाद आरसीबी की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम ने अगले चार ओवरों के भीतर तीन और विकेट गंवा दिए, जिससे गुजरात टाइटंस ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली।

हालांकि इस मुश्किल स्थिति में देवदत्त पडिक्कल ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पडिक्कल ने नियमित अंतराल पर चौके और छक्के लगाते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने 24 गेंदों में 40 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल थे।

लेकिन 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर राशिद खान ने उन्हें बोल्ड कर दिया। पडिक्कल के आउट होते ही आरसीबी की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गईं। पूरी टीम 19.2 ओवरों में सिर्फ 155 रन पर ऑल आउट हो गई।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। टीम के बल्लेबाजों ने आरसीबी के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मैच को एकतरफा बना दिया। गुजरात ने 15.5 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इस जीत के बावजूद अंक तालिका में गुजरात टाइटंस की स्थिति में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। टीम 9 मैचों में 5 जीत के साथ पांचवें स्थान पर बनी हुई है। वहीं आरसीबी 9 मैचों में तीन हार के बावजूद दूसरे स्थान पर कायम है।

हालांकि मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जेसन होल्डर के उसी कैच की हो रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के इस दौर में ऐसे फैसलों को लेकर पारदर्शिता और ज्यादा जरूरी हो गई है। दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस के खिलाड़ी और समर्थक इसे मैच बदलने वाला शानदार प्रयास बता रहे हैं।

जेसन होल्डर के मुताबिक, उन्होंने सिर्फ अपनी टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि फील्डिंग में ऐसे मौके बहुत कम आते हैं और जब मौका मिले तो खिलाड़ी को पूरी जान लगा देनी चाहिए। यही वजह रही कि उन्होंने बिना किसी डर के डाइव लगाई और उस मुश्किल कैच को पकड़ने की कोशिश की।

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