
देशभर में इस समय भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा तक तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई जगहों पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि लोगों को एसी और कूलर से भी राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है, वहीं प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
सबसे चिंताजनक स्थिति महाराष्ट्र में देखने को मिल रही है, जहां भीषण गर्मी और लू के कारण 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 31 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। प्रशासन ने इसे देखते हुए हीट एक्शन प्लान लागू कर दिया है।
महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से सामने आए मामलों ने गर्मी की भयावहता को उजागर कर दिया है। वाशिम जिले के डोंगरकीन्ही गांव में 25 वर्षीय युवक गोपाल ठाकरे की खेत में काम करते समय मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह 43 डिग्री तापमान में हल्दी प्रोसेसिंग का काम कर रहे थे, तभी अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। लातूर जिले में 60 वर्षीय किसान लक्ष्मण भंडारे की भी खेत में काम करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
अहिल्यानगर जिले में 45 वर्षीय महिला किसान हर्षदा चौधरी की चारा काटते समय लू लगने से जान चली गई। इसी जिले में एक अन्य किसान की भी इसी तरह मौत हुई है। अकोला में एक ऑटो चालक अपने वाहन में मृत पाया गया, जबकि जलगांव और सोलापुर में भी गर्मी से जुड़ी मौतों के मामले सामने आए हैं।
महाराष्ट्र के करीब 15 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। अकोला देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है, जहां तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है। अमरावती में तापमान 43.4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जलगांव, नागपुर और परभणी में तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है। मुंबई और कोंकण क्षेत्रों में भी गर्मी के साथ उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए हैं। अमरावती में 21 से 30 अप्रैल तक स्कूल और आंगनवाड़ी सुबह 7 से 10 बजे तक ही खुलेंगे। नागपुर में स्कूलों का समय सुबह 10:30 बजे तक सीमित कर दिया गया है। अकोला में कोचिंग क्लास और कॉलेज 11 बजे के बाद बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर ठंडे पानी और पंखों की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। अकोला जिला अस्पताल में 14 बेड का विशेष हीटस्ट्रोक वार्ड बनाया गया है, जबकि जलगांव और परभणी के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेष सुविधाएं शुरू की गई हैं। अकोला में दोपहर 12 से 5 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने की अपील की गई है ताकि लोग धूप में फंसे न रहें।
देश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है और मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। बुधवार से शुक्रवार तक राजधानी में लू चलने की संभावना जताई गई है। ओडिशा में 14 स्थानों पर तापमान 40 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण-गोवा, आंध्र प्रदेश और केरल में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है।
राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और मौसम शुष्क है। गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, भरतपुर और धौलपुर जैसे जिलों में हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इस बीच, पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हीटस्ट्रोक को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मृतकों के परिवारों को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गर्मी से बचाव के लिए लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और हल्के व ढीले कपड़े पहनने चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, देश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।



