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उत्तराखंड: विकासनगर में बंद घरों को निशाना बनाने वाले चोर गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

विकासनगर क्षेत्र में बंद घरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—इश्तियाक, अनीश और नफीस—को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई ज्वैलरी, नकदी, वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब अजीतनगर इलाके के एक निवासी ने अपने बंद घर में चोरी होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि घर बंद होने का फायदा उठाकर चोरों ने ताला तोड़कर लाखों रुपये की ज्वैलरी और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली विकासनगर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने उन लोगों का भी भौतिक सत्यापन किया, जो पहले इस प्रकार की घटनाओं में शामिल रह चुके थे। लगातार प्रयासों के बाद 20 अप्रैल को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति चोरी का सामान लेकर बाईपास रोड स्थित त्यागी फार्म हाउस के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इश्तियाक (47 वर्ष, निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश), अनीश (28 वर्ष, थाना पटेलनगर, देहरादून) और नफीस (45 वर्ष, थाना सहसपुर, देहरादून) के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान इनके पास से चोरी की गई ज्वैलरी, नकदी, वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।

चौकी प्रभारी बाजार अर्जुन सिंह गुसाईं ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे दिन के समय बंद घरों की रेकी करते थे और रात के समय मौका देखकर ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस की सख्त चेकिंग के चलते आरोपी चोरी का सामान घटनास्थल से कुछ दूरी पर छिपा देते थे और बाद में मौका देखकर उसे ले जाने की योजना बनाते थे।

गौरतलब है कि तीनों आरोपी पहले भी चोरी और अन्य आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इससे साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था।

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का संबंध अन्य चोरी की घटनाओं से तो नहीं है।

इस सफलता को पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिणाम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

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