डबल इंजन पर AAP का तीखा वार: संजय सिंह बोले—अब ‘कबाड़ इंजन’ बन चुकी है सरकार, रोजगार और सामाजिक न्याय पर घेरा

मथुरा: आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश और केंद्र की सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए ‘डबल इंजन सरकार’ को अब ‘कबाड़ इंजन’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां आम जनता की समस्याओं को हल करने के बजाय समाज को बांटने और सत्ता में बने रहने पर केंद्रित हैं। मथुरा में ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा के समापन अवसर पर उन्होंने यह बयान दिया।
यह पदयात्रा 3 अप्रैल को आगरा से शुरू हुई थी और 9 अप्रैल को मथुरा में समाप्त हो रही है। इस दौरान पार्टी ने प्रदेशभर में बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और युवाओं की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया। मथुरा पहुंचने पर संजय सिंह ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई सवाल उठाए।
बेरोजगारी को बताया सबसे बड़ा संकट
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी आज सबसे बड़ा संकट बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब युवा नौकरी मांगते हैं, तो उन्हें लाठियां मिलती हैं। कई परीक्षाओं में पेपर लीक हो जाता है, और जो परीक्षाएं पूरी भी हो जाती हैं, उनमें कोर्ट से स्टे लग जाता है। इससे युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाता है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने एक स्पष्ट प्रस्ताव रखा है कि 18 साल से ऊपर के हर युवा को रोजगार दिया जाए। अगर सरकार रोजगार देने में सक्षम नहीं है, तो कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। इसके बदले में युवाओं से प्रतिदिन दो घंटे का सामाजिक या सरकारी कार्य लिया जा सकता है।
हर वर्ग की समस्याओं को उठाने का दावा
AAP नेता ने कहा कि उनकी पदयात्रा सिर्फ बेरोजगार युवाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और विभिन्न संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये के कर्ज से दबे छोटे व्यापारी, शिक्षा मित्र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहुएं और अनुदेशक सभी आज संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही।
‘बांटो और राज करो’ की राजनीति का आरोप
संजय सिंह ने बीजेपी पर ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है, जिससे असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य या आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर बात नहीं करते, बल्कि अन्य विषयों के जरिए वोट मांगते हैं। उन्होंने सवाल किया कि दो करोड़ रोजगार का वादा क्या हुआ, काला धन कितना वापस आया, और रुपया कमजोर क्यों हो रहा है—इन मुद्दों पर सरकार चुप क्यों है?
शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर भी सवाल
AAP नेता ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा पर गंभीर असर पड़ा है। इसके अलावा उन्होंने बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह पानी की टंकियां उद्घाटन से पहले ही गिर जाती हैं, जो भ्रष्टाचार और लापरवाही का संकेत है।
2027 में बदलाव का दावा
संजय सिंह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार से निराश है और बदलाव चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगार युवा, किसान, महिलाएं और आम नागरिक सभी परेशान हैं और आने वाले समय में इसका असर चुनावी नतीजों पर दिखेगा।
गठबंधन पर फिलहाल चुप्पी
प्रदेश में संभावित विपक्षी गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि इस पर फैसला पंचायत चुनाव के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान पंचायत चुनाव पर केंद्रित है और पार्टी इसे मजबूती के साथ लड़ेगी।
पदयात्रा को बताया ‘जन समर्थन से भरी’
अंत में उन्होंने कहा कि ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा को प्रदेशभर में व्यापक जन समर्थन मिला है और यह आने वाले समय में एक बड़े राजनीतिक बदलाव का आधार बनेगी। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी अब उत्तर प्रदेश में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है।
इस तरह मथुरा में पदयात्रा के समापन के साथ ही AAP ने रोजगार, सामाजिक न्याय और सरकारी नीतियों को लेकर अपनी राजनीतिक रणनीति का स्पष्ट संकेत दे दिया है।



