
चौरास परिसर स्थित शैक्षणिक क्रियाकलाप केंद्र में सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति की बैठक कुलपति प्रो. Shriprakash Singh की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेंडर को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया Common University Entrance Test (CUET) के माध्यम से संचालित की जाएगी, जबकि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (UET) आयोजित की जाएगी, जिसकी प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी। साथ ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा प्रारंभ करने पर भी सहमति बनी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy 2020) के अंतर्गत आगामी सत्र से उन विषयों में एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे, जिनमें चतुर्थ वर्ष में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसके साथ ही संबंधित पाठ्यक्रमों के लिए सीटों का निर्धारण भी किया गया तथा पीएचडी सीटों के रोस्टर को स्वीकृति प्रदान की गई।
छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के निर्देशानुसार आगामी सत्र से स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेकअप) को लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक समिति गठित की जाएगी, जो विश्वविद्यालय के पैनल में शामिल अस्पतालों एवं चिकित्सकों के सहयोग से सभी परिसरों एवं संस्थानों में इस व्यवस्था को सुनिश्चित करेगी।
इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को 10 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में अंतिम अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, टिहरी, पौड़ी एवं चौरास परिसर के निदेशक, वित्त अधिकारी, कुलसचिव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओ. पी. गुसाईं, बाह्य सदस्य प्रो. सुधीर प्रताप सिंह, डी.डब्ल्यू.टी. कॉलेज देहरादून की प्राचार्य प्रो. आरती दीक्षित तथा बी.एस.एम. पीजी कॉलेज हरिद्वार के प्राचार्य डॉ. गौतमवीर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

