
नई दिल्ली। मार्च के विदा होते ही और अप्रैल की दहलीज पर खड़े भारत में कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां सूरज की तपिश मैदानी इलाकों में पसीने छुड़ाने लगी है, वहीं दूसरी ओर सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का डबल अटैक: पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में हलचल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इसका सीधा असर भारत मौसम पूर्वानुमान अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में स्पष्ट नजर आ रहा है। आने वाले चार से पांच दिनों के भीतर उत्तर-पश्चिमी भारत के तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक का बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 3 और 4 अप्रैल को ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में मध्यम बारिश का अनुमान है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
इन राज्यों में ‘ओलावृष्टि’ का कहर: किसान रहें सावधान
मौसम विभाग ने पूर्वी और मध्य भारत के लिए विशेष बुलेटिन जारी किया है। 31 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में आसमानी बिजली गिरने और ओले पड़ने की प्रबल संभावना है।
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पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में 31 मार्च और 1 अप्रैल को ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश का अलर्ट है।
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मध्य भारत: विदर्भ, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 1 अप्रैल तक ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है। बेमौसम की यह मार रबी की कटी हुई फसलों और बागवानी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर: बादलों की आवाजाही और हल्की बूंदाबांदी
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में भी मौसम के तेवर तल्ख रहने वाले हैं। मंगलवार को दिल्ली का आसमान बादलों से घिरा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के बाद दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
दिल्ली में इस सप्ताह अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास बना रहेगा। हालांकि, 3 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
राजस्थान और यूपी: धूल भरी आंधी और बारिश का मेल
मरुधरा यानी राजस्थान में भी मौसम करवट ले रहा है। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 4 अप्रैल और पूर्वी राजस्थान में 3-4 अप्रैल को धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 4 और 5 अप्रैल को मौसम बिगड़ने के आसार हैं। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि भारत मौसम पूर्वानुमान अप्रैल 2026 के अनुसार हवाओं की गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पर्यटकों के लिए विशेष सलाह
अगर आप इस वीकेंड उत्तराखंड या हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों की ओर रुख करने की योजना बना रहे हैं, तो सावधानी बरतना जरूरी है। 3 और 4 अप्रैल को होने वाली बर्फबारी और बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ सकता है। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा गाइडलाइंस जरूर चेक कर लें।
बदलता पर्यावरण और अनिश्चित मौसम
मार्च के अंत में इस तरह का व्यापक मौसमी बदलाव जलवायु परिवर्तन के उन संकेतों की ओर इशारा करता है, जहां ऋतुओं का चक्र अब पहले जैसा नहीं रहा। फिलहाल, 5 अप्रैल तक राहत और आफत का यह खेल जारी रहेगा। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे ओलों और आंधी के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।



