
नैनीताल/भवाली। उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कैंची धाम में आगामी पर्यटन सीजन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बाबा नीम करौली की इस पावन स्थली पर देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार को उन्होंने कैंची धाम क्षेत्र का सघन स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए।
ग्राउंड जीरो पर एडीजी का निरीक्षण: व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन
निरीक्षण के दौरान एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने मंदिर परिसर, संवेदनशील रास्तों और भवाली-अल्मोड़ा हाईवे का सूक्ष्मता से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन सीजन के दौरान कैंची धाम यातायात व्यवस्था पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, जिसे इस बार नई रणनीति के साथ हल किया जाएगा। एडीजी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीजन शुरू होने से पूर्व ही सभी तकनीकी और व्यावहारिक कमियों को दूर कर लिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को घंटों लगने वाले जाम से निजात मिल सके।
ट्रैफिक मैनेजमेंट: नो-पार्किंग जोन और शटल सेवा पर जोर
पर्यटन सीजन में भवाली और कैंची धाम के बीच लगने वाला लंबा जाम यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनता रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एडीजी ने एक व्यापक ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा:
“यातायात प्रबंधन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। चिन्हित किए गए नो-पार्किंग जोन में वाहनों का खड़ा होना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि यातायात का प्रवाह बना रहे।”
इसके साथ ही, मुख्य मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए शटल सेवा को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया है। प्रशासन की योजना है कि निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोककर श्रद्धालुओं को शटल बसों के जरिए मंदिर तक पहुंचाया जाए।
जनसुविधाओं के साथ आधुनिक सुरक्षा तंत्र
सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी एडीजी ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पार्किंग स्थलों पर पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय और दिशा-सूचक साइनबोर्ड की पर्याप्त व्यवस्था हो। सुरक्षा को आधुनिक रूप देते हुए पूरे क्षेत्र में एडवांस फीचर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और एक प्रभावी पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो सके।
स्थानीय निवासियों की सहूलियत का रखा जाएगा ध्यान
अक्सर पर्यटन सीजन के दौरान स्थानीय निवासियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डॉ. मुरुगेशन ने विशेष रूप से कहा कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित न हो। उन्होंने निर्माणाधीन पार्किंग स्थलों और बाईपास मार्गों के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान एडीजी के साथ नैनीताल के पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ भवाली रविकांत सेमवाल, प्रभारी निरीक्षक भवाली प्रकाश सिंह मेहरा और यातायात निरीक्षक महेश चंद्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
चुनौतीपूर्ण है नीम करौली बाबा का ‘धाम’
विश्व प्रसिद्ध नीम करौली बाबा के दर्शन के लिए साल दर साल श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है। संकरी पहाड़ियों और सीमित सड़कों के कारण यहाँ कैंची धाम यातायात व्यवस्था को संभालना पुलिस-प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। हालांकि, एडीजी के इस सक्रिय हस्तक्षेप और नए ‘एक्शन प्लान’ से इस बार श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।



