
चेन्नई/मामल्लापुरम। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के बीच दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) के प्रमुख विजय ने राजनीति के मैदान में अपनी पहली बड़ी ‘चुनावी स्ट्राइक’ कर दी है। चेन्नई के पास मामल्लापुरम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक भव्य कार्यक्रम में विजय ने महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं का ऐसा पिटारा खोला है, जिसने द्रविड़ राजनीति के दिग्गजों की नींद उड़ा दी है।
विजय ने अपनी पार्टी की ओर से ‘अन्नपूर्णा सुपर सिक्स योजना’ समेत कई बड़ी गारंटियों का ऐलान किया है, जिसे राज्य में सत्ता परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है।
शादी पर सोना और हर महीने आर्थिक मदद
महिलाओं को साधने के लिए विजय ने भावनात्मक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर दांव खेला है। उन्होंने घोषणा की कि यदि TVK सत्ता में आती है, तो राज्य की हर युवती को उसकी शादी के अवसर पर सरकार की ओर से 8 ग्राम सोना (एक संप्रभु) और एक सिल्क की साड़ी उपहार स्वरूप दी जाएगी।
इसके साथ ही, उन्होंने तमिलनाडु की आधी आबादी के लिए मासिक आर्थिक सहायता का भी वादा किया। विजय ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर, 60 वर्ष तक की आयु की सभी महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
‘अन्नपूर्णा सुपर सिक्स’ और फ्री गैस सिलेंडर
बढ़ती महंगाई के बीच रसोई के बजट को नियंत्रित करने के लिए विजय ने ‘अन्नपूर्णा सुपर सिक्स’ योजना पेश की। इस योजना के तहत:
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हर परिवार को साल में 6 एलपीजी गैस सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे।
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महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को और अधिक सुदृढ़ और व्यापक बनाया जाएगा।
शिक्षा और ‘कामराजार कालवी उरुथी थिट्टम’
स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे (Zero Dropout), इसके लिए विजय ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी घोषणा की है। उन्होंने ‘कामराजार कालवी उरुथी थिट्टम’ योजना का प्रस्ताव रखा, जिसके तहत प्रत्येक छात्र की माँ या अभिभावक को 15,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। विजय ने कहा कि शिक्षा ही समाज के सशक्तिकरण का एकमात्र रास्ता है और उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने।
नवजात शिशुओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए उपहार
विजय की चुनावी गारंटियों का दायरा नवजात शिशुओं तक भी पहुँच गया है। उन्होंने वादा किया कि राज्य सरकार के ‘आशीर्वाद’ के रूप में प्रत्येक नवजात शिशु को सोने की अंगूठी और एक ‘बेबी वेलकम किट’ दी जाएगी।
इसके अलावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए विजय ने 5 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण के आवंटन की घोषणा की है। यह कदम राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विजय की पार्टी की पैठ मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
द्रविड़ राजनीति के बीच ‘तीसरा विकल्प’
तमिलनाडु दशकों से DMK और AIADMK के बीच झूलता रहा है। ऐसे में थलपति विजय की एंट्री ने इस द्विध्रुवीय राजनीति को त्रिकोणीय मुकाबले में बदल दिया है। विजय के ये वादे सीधे तौर पर उन वर्गों को प्रभावित करते हैं जो चुनाव में हार-जीत तय करते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की ‘अन्नपूर्णा सुपर सिक्स’ योजना द्रविड़ दलों की ‘मुफ्तखोरी’ (Freebies) वाली राजनीति को कड़ी चुनौती देगी।
बजट और संसाधनों पर उठ रहे सवाल
हालांकि, विपक्षी दलों ने इन घोषणाओं को ‘अवास्तविक’ करार देना शुरू कर दिया है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि राज्य के मौजूदा कर्ज और सीमित संसाधनों के बीच इन भारी-भरकम योजनाओं के लिए फंड कहाँ से आएगा? इसके जवाब में विजय के समर्थकों का कहना है कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और राजस्व के सही प्रबंधन से ये योजनाएं पूरी तरह से संभव हैं।
थलपति का ‘विजय’ संकल्प
मामल्लापुरम की सभा में उमड़ी भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विजय की लोकप्रियता केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं है। उनकी कल्याणकारी योजनाएं विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के बीच एक नई उम्मीद जगा रही हैं। अब देखना यह होगा कि तमिलनाडु की जनता इस ‘सिनेमैटिक’ करिश्मे को चुनावी वोट में कितना तब्दील करती है।



