By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का जनसैलाब, 14 घंटे की वेटिंग की लाइन में लगे यूपी-बिहार के यात्री
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का जनसैलाब, 14 घंटे की वेटिंग की लाइन में लगे यूपी-बिहार के यात्री
देशफीचर्ड

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का जनसैलाब, 14 घंटे की वेटिंग की लाइन में लगे यूपी-बिहार के यात्री

The Hill India News
Last updated: February 22, 2026 4:11 am
The Hill India News
Published: February 22, 2026
Share
SHARE

सूरत | हीरा और टेक्सटाइल नगरी के नाम से मशहूर सूरत में होली का उत्साह तो है, लेकिन यहां काम करने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों के लिए यह त्योहार खुशियों से ज्यादा संघर्ष की कहानी बयां कर रहा है। सूरत और खासकर उधना रेलवे स्टेशन (Udhna Railway Station) पर इन दिनों जो मंजर है, वह किसी मानवीय संकट से कम नहीं नजर आता। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जाने वाली ट्रेनों के लिए यात्रियों को घंटों पहले नहीं, बल्कि आधे दिन पहले से स्टेशन की खाक छाननी पड़ रही है।

Contents
स्टेशन बना मेला: प्लेटफॉर्म से प्रवेश द्वार तक सिर्फ ‘भीड़’कन्फर्म टिकट एक ‘सपना’: जनरल कोच बना आखिरी सहाराक्या स्पेशल ट्रेनें हैं नाकाफी? उठ रहे हैं गंभीर सवालऔद्योगिक पहिए पर ‘ब्रेक’ और घर की ‘उम्मीद’नीतिगत सुधारों की दरकार

स्टेशन बना मेला: प्लेटफॉर्म से प्रवेश द्वार तक सिर्फ ‘भीड़’

जैसे-जैसे होली की तारीख नजदीक आ रही है, सूरत के औद्योगिक इलाकों से प्रवासियों का पलायन तेज हो गया है। उधना स्टेशन परिसर में हालात किसी बड़े मेले जैसे नजर आ रहे हैं। प्लेटफॉर्म, वेटिंग एरिया और प्रवेश द्वार—हर जगह सिर्फ यात्रियों का सिर दिखाई दे रहा है।

Surat Railway Station Crowd का आलम यह है कि ट्रेन आने के निर्धारित समय से 12 से 14 घंटे पहले ही लोग स्टेशन पहुंच रहे हैं। उनका मकसद सिर्फ इतना है कि वे जनरल बोगी की लंबी लाइन में अपनी जगह सुरक्षित कर सकें। आसमान से बरसती गर्मी और स्टेशन की अव्यवस्था के बीच हजारों लोग फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।


कन्फर्म टिकट एक ‘सपना’: जनरल कोच बना आखिरी सहारा

त्योहारों के सीजन में रेलवे की रिजर्वेशन प्रणाली पूरी तरह चरमरा गई है। कई यात्रियों का कहना है कि उन्होंने तीन-चार महीने पहले ही टिकट बुक किया था, लेकिन लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण उनका टिकट कन्फर्म नहीं हो सका।

  • बुजुर्ग और बच्चों की पीड़ा: भीषण गर्मी में छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्टेशन पर रुकना दूभर हो रहा है। पीने के पानी और बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों में रोष देखा जा रहा है।

  • मजबूरी का सफर: वेटिंग टिकट कन्फर्म न होने की स्थिति में यात्रियों के पास जनरल कोच के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। एक बोगी में क्षमता से चार गुना ज्यादा लोग सवार होने को मजबूर हैं।


क्या स्पेशल ट्रेनें हैं नाकाफी? उठ रहे हैं गंभीर सवाल

रेलवे की ओर से हर साल की तरह इस बार भी Holi Special Trains 2026 चलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर ये इंतजाम ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रहे हैं।

  1. मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर: सूरत जैसे शहर में जहां लाखों की आबादी यूपी और बिहार से आती है, वहां ट्रेनों की संख्या मांग के अनुरूप नहीं बढ़ाई गई है।

  2. फ्रीक्वेंसी की कमी: प्रमुख रूटों पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम होने के कारण एक ही ट्रेन पर दबाव बढ़ जाता है।

  3. स्थायी समाधान का अभाव: यात्रियों का सवाल है कि जब हर त्योहार (दीवाली, छठ, होली) पर यही स्थिति बनती है, तो रेलवे कोई स्थायी मास्टर प्लान क्यों नहीं बनाता?


औद्योगिक पहिए पर ‘ब्रेक’ और घर की ‘उम्मीद’

सूरत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक इन Migrant Laborers पर टिकी है। होली पर जब ये मजदूर अपने गांवों की ओर रुख करते हैं, तो सूरत की मिलों और कारखानों में सन्नाटा पसरने लगता है। लेकिन इन मजदूरों के लिए घर पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

यात्रियों का कहना है कि वे पूरे साल मेहनत करते हैं ताकि त्योहार पर अपनों के बीच जा सकें, लेकिन रेलवे की बदहाली उनकी खुशियों पर ग्रहण लगा देती है। “साहब, घर जाने की खुशी तो है, लेकिन यह सफर किसी सजा से कम नहीं लगता,” उधना स्टेशन पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे एक श्रमिक ने आंखों में नमी के साथ अपनी व्यथा सुनाई।


नीतिगत सुधारों की दरकार

सूरत और उधना रेलवे स्टेशन की यह तस्वीरें प्रशासन और रेल मंत्रालय के लिए एक चेतावनी हैं। जब तक प्रमुख रूटों पर ट्रेनों की संख्या स्थायी रूप से नहीं बढ़ाई जाएगी और त्योहारों के लिए विशेष ‘पैसेंजर कॉरिडोर’ नहीं बनाया जाएगा, तब तक आम आदमी इसी तरह पटरी पर अपनी किस्मत और जान की बाजी लगाता रहेगा।

होली रंगों का त्योहार है, लेकिन स्टेशन पर पसरी यह बदहाली और मजदूरों के चेहरे की थकान व्यवस्था पर गहरे सवालिया निशान खड़े कर रही है।

You Might Also Like

New Delhi: सीएम केजरीवाल ने भाकपा नेता डी राजा से मुलाकात कर, केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ मांगा उनका समर्थन
तेज रफ्तार से आ रहा चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ इन राज्यों पर पड़ेगा असर, मछुआरों को दी गई तट पर लौटने की सलाह
उत्तराखण्ड : 13 में से 8 जनपद 100 दिवसीय टी.बी उन्मूलन अभियान हेतु चिन्हित हैं
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भर्ती पर बवाल: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने धांधली का लगाया आरोप, आंदोलन की चेतावनी
हार नहीं मानूंगा: 35 असफलताओं के बाद भी नहीं टूटा हौसला, IPS बनने के बाद फिर UPSC क्रैक कर बने IAS
TAGGED:Holi Special Trains 2026Migrant Laborers IssuesSurat Railway Station CrowdUdhna Railway Station
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

हरिद्वार में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना; 35 लाख नकद और लग्जरी कार न मिलने पर विवाहिता को पीटा, गंगा घाट पर दी जान से मारने की धमकी

The Hill India News
The Hill India News
July 13, 2026
Monsoon Rain Alert: मैदानी इलाकों में थमा मॉनसून फिर पकड़ेगा रफ्तार, उत्तराखंड-हिमाचल में ‘रेड अलर्ट’; दिल्ली समेत 18 राज्यों में आफत की बारिश की चेतावनी
कतर के ‘फादर अमीर’ शेख हमद के निधन पर भारत में आज एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा तिरंगा; पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
Bankok Pub Fire: थाईलैंड की राजधानी में बड़ा हादसा, पब में आग लगने से 27 लोगों की जिंदा जलकर मौत; सोशल मीडिया पर खौफनाक वीडियो वायरल
ऋषिकेश–डोईवाला हाईवे पर 3000 से अधिक पेड़ों के प्रस्तावित कटान का विरोध तेज, कांग्रेस और सामाजिक संगठनों ने सात मोड़ पर किया प्रदर्शन
J&K में सियासी भूचाल: उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा- ‘NC विधायक को तोड़ने के लिए मिला ₹30 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर’, BJP का पलटवार
देहरादून में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शंखनाद: उत्तराखंड बना केंद्र का पहला साझीदार, सीएम धामी और किरेन रिजिजू ने बढ़ाया शिल्पकारों का मान
सहसपुर में बोले सीएम धामी- सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेगी जनता, अब खुद उनके द्वार पहुंचेगी सरकार
जमानत मिलते ही हैवान बना POCSO का आरोपी: तेलंगाना में पत्नी, दो मासूम बच्चों और पीड़िता समेत 6 लोगों की बेरहमी से हत्या, दहला रंगा रेड्डी
भवाली नरेश पांडे कांड में नया मोड़: मूल पीड़िता को ही पुलिस ने बनाया आरोपी, अदालत ने रिमांड अर्जी खारिज कर दी जमानत
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?