By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भर्ती पर बवाल: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने धांधली का लगाया आरोप, आंदोलन की चेतावनी
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भर्ती पर बवाल: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने धांधली का लगाया आरोप, आंदोलन की चेतावनी
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भर्ती पर बवाल: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने धांधली का लगाया आरोप, आंदोलन की चेतावनी

The Hill India News
Last updated: September 22, 2025 3:49 pm
The Hill India News
Published: September 22, 2025
Share
CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v62), quality = 82?
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड में एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) का है। बोर्ड द्वारा हाल ही में घोषित भर्ती प्रक्रिया पर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी (RRP) ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया कि बोर्ड ने अवर अभियंता, सहायक पर्यावरण अभियंता और सहायक वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 17 पदों पर केवल साक्षात्कार के आधार पर चयन की प्रक्रिया अपनाई है, जो पारदर्शिता और नियमों के खिलाफ है।

Contents
साक्षात्कार आधारित चयन पर आपत्ति25 साल बाद भी नियमावली अधूरीभर्ती घोटालों की कड़ी से जोड़ा मुद्दायुवाओं का बढ़ता आक्रोशआंदोलन की चेतावनीसरकार और बोर्ड पर दबावविशेषज्ञों की राययुवाओं की उम्मीदों पर संकट

साक्षात्कार आधारित चयन पर आपत्ति

सेमवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही ग्रुप-सी पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद बोर्ड द्वारा इंटरव्यू आधारित भर्ती की पहल यह दर्शाती है कि कहीं न कहीं नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बोर्ड किसके दबाव या इशारे पर ऐसा कदम उठा रहा है।

पार्टी का कहना है कि केवल इंटरव्यू के आधार पर भर्ती करना न सिर्फ संदेहास्पद है बल्कि इससे धांधली और भाई-भतीजावाद की संभावना भी बढ़ जाती है।


25 साल बाद भी नियमावली अधूरी

RRP प्रमुख ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही को भी उजागर किया। उनका कहना है कि उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नियमावली तैयार नहीं हो सकी है।
कई बार इस दिशा में निर्देश दिए गए, लेकिन अधिकारियों ने नियमावली बनाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। सेमवाल का आरोप है कि नियमावली न होने के कारण भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की संभावना और बढ़ जाती है।


भर्ती घोटालों की कड़ी से जोड़ा मुद्दा

सेमवाल ने कहा कि हाल ही में हुए पेपर लीक कांड और विभिन्न भर्ती घोटालों ने बेरोजगार युवाओं के भरोसे को बुरी तरह हिला दिया है। लेकिन इसके बावजूद अधिकारी और विभाग सबक नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट और संदिग्ध प्रक्रियाएं बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं और इससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।


युवाओं का बढ़ता आक्रोश

भर्ती विवाद ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के बीच नया आक्रोश पैदा कर दिया है। सेमवाल ने कहा कि युवा पहले से ही कई बार भर्ती घोटालों और धांधलियों के शिकार हो चुके हैं। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का यह कदम आग में घी डालने जैसा है।
पार्टी का कहना है कि यदि भर्ती केवल साक्षात्कार के आधार पर हुई तो बेरोजगार युवा सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।


आंदोलन की चेतावनी

RRP ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया और नियमावली तैयार किए बिना इंटरव्यू आधारित चयन किया गया तो पार्टी बेरोजगार युवाओं के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ेगी।
सेमवाल ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी और किसी भी कीमत पर युवाओं के साथ अन्याय नहीं होने देगी।


सरकार और बोर्ड पर दबाव

इस पूरे मामले ने राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दोनों को दबाव में ला दिया है।

  • सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि उसने बोर्ड की नियमावली अब तक क्यों नहीं बनाई।
  • विपक्षी दलों को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है।
  • वहीं, बेरोजगार युवाओं के संगठन भी इस मुद्दे पर लामबंद होने की तैयारी कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

प्रशासनिक मामलों के जानकार मानते हैं कि भर्ती प्रक्रिया में केवल साक्षात्कार का आधार रखना हमेशा विवादों को जन्म देता है।

  • इसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
  • लिखित परीक्षा या मेरिट आधारित मूल्यांकन से ही चयन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और भरोसेमंद बन सकती है।
    विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में हालिया भर्ती घोटालों के बाद सरकार को और अधिक पारदर्शी व्यवस्था लानी चाहिए थी।

युवाओं की उम्मीदों पर संकट

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया ने एक बार फिर राज्य के बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों को झटका दिया है।
जहां एक ओर सरकार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर इंटरव्यू आधारित चयन ने उन दावों की पोल खोल दी है।

अब देखना होगा कि सरकार इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है – क्या वह भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमसंगत बनाती है या फिर युवाओं और विपक्ष की नाराज़गी को नजरअंदाज करती है।

You Might Also Like

Uttarakhand: ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड एनर्जी कॉन्क्लेव’ में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुए 40 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू
चारधाम यात्राः कपाटोद्घाटन के समय हुई पुष्पवर्षा
Uttarakhand : 4 कास्टेबल को किया लाईन हाजिर। तीन 3 होमगार्डों पर हुई कार्यवाही ! दिए ये निर्देश…
IAS आयुक्त दीपक रावत ने लगाई अधिकारियो की जमकर क्लास, दे दिया अल्टीमेटम
डिजिटल ठगी का ‘पेट्रोल पंप’ कनेक्शन: मुंबई पुलिस ने उजागर किया मनी लॉन्ड्रिंग का नया और खतरनाक पैंतरा
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

CM थलापति विजय की पार्टी TVK का केंद्र पर बड़ा हमला, NEET परीक्षा रद्द व मेडिकल शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने की माँग

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी डटे छात्र: JP नड्डा ने अस्पताल में वांगचुक से की मुलाकात, सड़क से संसद तक क्यों गरमाई नीट पेपर लीक पर सियासत?
दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?