हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इन दिनों उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं। गुरुवार 10 सितंबर को उनके दौरे का दूसरा दिन रहा। उन्होंने अपने दिन की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ करते हुए हल्द्वानी स्थित मां अष्टभुजा मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
नितिन नवीन के मंदिर पहुंचने के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पौड़ी गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मंदिर परिसर में भाजपा नेताओं की मौजूदगी के बीच नितिन नवीन ने मां अष्टभुजा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की तरक्की एवं जनता के कल्याण की प्रार्थना की।
मां अष्टभुजा के दरबार में की पूजा-अर्चना
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार सुबह मां अष्टभुजा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की और मां से देश एवं प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।
धार्मिक स्थल पर दर्शन के दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नितिन नवीन ने उत्तराखंड की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं की विशेष रूप से प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के कारण भी पूरे देश में एक अलग पहचान रखता है। देवभूमि की धार्मिक परंपराएं और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा लोगों को लगातार आकर्षित करती हैं।
‘उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास’
मां अष्टभुजा मंदिर में दर्शन के बाद नितिन नवीन ने उत्तराखंड की संस्कृति और धार्मिक विरासत की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है और यहां की संस्कृति भारतीय परंपराओं की समृद्ध तस्वीर पेश करती है।
नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल एक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि देवभूमि के रूप में है। यहां की धार्मिक परंपराएं, तीर्थ स्थल, लोक संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने कामना की कि उत्तराखंड की यह धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान आने वाले समय में और मजबूत हो तथा देवभूमि अपनी परंपराओं और विरासत को देश-दुनिया में इसी तरह स्थापित करती रहे।
शहीदों की भूमि को किया नमन
भाजपा अध्यक्ष ने उत्तराखंड को वीरों और शहीदों की भूमि भी बताया। उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती का देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उत्तराखंड के बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना और सुरक्षा बलों में सेवा देते हैं। ऐसे में नितिन नवीन ने राज्य की वीर परंपरा और जवानों के बलिदान को सम्मान के साथ याद किया।
उन्होंने कहा कि देवभूमि की आध्यात्मिक शक्ति और यहां के लोगों की राष्ट्रभक्ति दोनों ही उत्तराखंड को विशेष बनाती हैं। धार्मिक आस्था के साथ देश के लिए समर्पण की भावना इस प्रदेश की विशिष्ट पहचान है।
2027 को लेकर भाजपा अध्यक्ष ने जताया भरोसा
नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हल्द्वानी में आयोजित भाजपा की प्रदेश विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने पार्टी संगठन को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की भूमिका और पार्टी को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नितिन नवीन ने कहा कि जिस तरह भाजपा ने उत्तराखंड के लोगों के लिए सेवाभाव के साथ काम किया है, उसी तरह आगे भी जनता का आशीर्वाद पार्टी को मिलेगा।
उनके बयान को आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि राज्य की जनता एक बार फिर पार्टी को अपना समर्थन देगी और भाजपा के पक्ष में अपना आशीर्वाद बनाए रखेगी।
‘जनता का आशीर्वाद फिर मिलेगा’
नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा ने जिस सेवाभाव के साथ राज्य के लोगों के लिए काम किया है, उसका सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता एक बार फिर भाजपा को अपना आशीर्वाद देगी।
उनके इस बयान को पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए चुनावी संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। भाजपा पहले से ही आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को तेज करने में जुटी है।
हल्द्वानी में आयोजित कार्यसमिति की बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का मंदिर पहुंचना भी राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से चर्चा में रहा। एक तरफ उन्होंने संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर धार्मिक स्थल पर पहुंचकर उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान जाहिर किया।
उत्तराखंड की विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर
नितिन नवीन ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति भारतीय संस्कृति की गहराई और विविधता को देखना चाहता है तो उसे उत्तराखंड की देवभूमि में इसकी झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां की संस्कृति, धार्मिक परंपराएं और आध्यात्मिक वातावरण भारतीय सभ्यता की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं।
उन्होंने कामना की कि उत्तराखंड की यह पवित्र भूमि हमेशा इसी तरह ऊर्जावान बनी रहे और राज्य की सांस्कृतिक पहचान देश-दुनिया में और मजबूत हो।
धार्मिक आस्था के साथ चुनावी संदेश भी
नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे का दूसरा दिन धार्मिक आस्था और राजनीतिक संदेश, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। सुबह मां अष्टभुजा मंदिर में पूजा-अर्चना कर उन्होंने देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति, विरासत और शहीदों की भूमि के रूप में राज्य की विशेष पहचान का उल्लेख किया।
वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर जनता के दोबारा आशीर्वाद मिलने की उम्मीद जताकर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह भरने का प्रयास किया।
नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और सांसद अनिल बलूनी जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस पूरे कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया। भाजपा के लिए उत्तराखंड आगामी चुनावी दौर में अहम राज्य है और ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, नितिन नवीन ने मां अष्टभुजा के दरबार में पूजा-अर्चना के साथ अपने उत्तराखंड दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत की। उन्होंने देवभूमि की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नमन किया, शहीदों के बलिदान को याद किया और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही 2027 में जनता का दोबारा आशीर्वाद मिलने का भरोसा जताकर भाजपा के चुनावी अभियान के लिए एक स्पष्ट संदेश भी दिया।
