By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ऋषिकेश में रजिस्ट्री ‘घोटाले’ पर धर-पकड़ तेज: DM सविन बंसल की जांच में करोड़ों की स्टाम्प चोरी उजागर, सब रजिस्ट्रार निलंबित
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देहरादून > ऋषिकेश में रजिस्ट्री ‘घोटाले’ पर धर-पकड़ तेज: DM सविन बंसल की जांच में करोड़ों की स्टाम्प चोरी उजागर, सब रजिस्ट्रार निलंबित
देहरादूनफीचर्ड

ऋषिकेश में रजिस्ट्री ‘घोटाले’ पर धर-पकड़ तेज: DM सविन बंसल की जांच में करोड़ों की स्टाम्प चोरी उजागर, सब रजिस्ट्रार निलंबित

The Hill India News
Last updated: February 14, 2026 12:55 pm
The Hill India News
Published: February 14, 2026
Share
SHARE

देहरादून | उत्तराखंड सरकार ने भ्रष्टाचार और कार्यप्रणाली में लापरवाही के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए ऋषिकेश के उप-निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की कड़क कार्यशैली और औचक निरीक्षण के बाद शासन द्वारा यह बड़ी कार्रवाई की गई है। उप-निबंधक को निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

Contents
जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण और भ्रष्टाचार का ‘भंडाफोड़’बिना सब-रजिस्ट्रार के हो रही थीं रजिस्ट्रियां: ‘घोस्ट’ कार्मिक का खेलकरोड़ों की स्टाम्प चोरी और औद्योगिक भूमि का आवासीय खेलअलमारियों में धूल फांक रहे थे जनता के मूल दस्तावेजमुख्य अनियमितताएं जो जांच में सामने आईं:भविष्य के लिए सख्त संकेत: अन्य कार्यालयों में भी मचेगा हड़कंप

जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण और भ्रष्टाचार का ‘भंडाफोड़’

विगत दिनों ऋषिकेश सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में आम जनता द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों और पीड़ा को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने अचानक छापा मारा था। इस निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसने विभाग की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। डीएम के साथ उप जिलाधिकारी ऋषिकेश और जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) भी मौजूद थे। संयुक्त जांच में पाया गया कि कार्यालय केवल अव्यवस्थाओं का अड्डा नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका था।

बिना सब-रजिस्ट्रार के हो रही थीं रजिस्ट्रियां: ‘घोस्ट’ कार्मिक का खेल

जांच की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उप-निबंधक ऋषिकेश कार्यालय से बिना किसी सूचना के गायब थे और उनकी अनुपस्थिति में एक कनिष्ठ लिपिक द्वारा अवैध रूप से विलेखों (Deeds) के पंजीकरण की प्रक्रिया संपादित की जा रही थी। हद तो तब हो गई जब निरीक्षण के दौरान कार्यालय में एक ‘घोस्ट कार्मिक’ (फर्जी कर्मचारी) पाया गया। इस व्यक्ति के पास न तो कोई आधिकारिक नियुक्ति पत्र था और न ही उपस्थिति पंजिका में नाम, फिर भी वह सरकारी विलेखों के पंजीकरण जैसे संवेदनशील कार्यों को अंजाम दे रहा था।

करोड़ों की स्टाम्प चोरी और औद्योगिक भूमि का आवासीय खेल

डीएम सविन बंसल की रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिकेश क्षेत्र में बड़े स्तर पर स्टाम्प चोरी का खेल खेला जा रहा था। दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के नियमों को दरकिनार कर ग्राम माजरी ग्रांट (तहसील डोईवाला) में आरक्षित औद्योगिक भूमि को आवासीय दरों पर पंजीकृत किया गया। औद्योगिक भू-उपयोग वाली जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर दर्जनों रजिस्ट्रियां की गईं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की प्रत्यक्ष क्षति हुई है।

लिपिक और संबंधित अधिकारियों को संपत्ति के मूल्य आकलन (Valuation) का बुनियादी ज्ञान तक नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नियमों का उल्लंघन जानबूझकर निजी स्वार्थ के लिए किया गया। भारतीय स्टाम्प अधिनियम की धारा 47-क और भारतीय रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियमों की खुलेआम अवहेलना पाई गई।


“जनता की शिकायतों पर यह कार्रवाई की गई है। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। राजस्व की क्षति और आमजन का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अन्य कार्यालय भी रडार पर हैं।” > — सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून


अलमारियों में धूल फांक रहे थे जनता के मूल दस्तावेज

निरीक्षण के दौरान कार्यालय में उपस्थित फरियादियों ने डीएम के सामने अपनी आपबीती सुनाई। नियमानुसार, रजिस्ट्री के बाद मूल अभिलेख अधिकतम तीन कार्यदिवसों के भीतर आवेदक को वापस मिल जाने चाहिए, लेकिन ऋषिकेश कार्यालय में सैकड़ों मूल विलेख महीनों और वर्षों से अलमारियों में धूल फांक रहे थे।

इतना ही नहीं, ‘अर्जेंट रजिस्ट्री नकल’ जो कि 24 घंटे के भीतर मिलनी चाहिए, उसके लिए आम जनता को महीनों तक परेशान किया जा रहा था। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर दस्तावेजों को दबाकर रखा जाता था ताकि अवैध वसूली की जा सके।

मुख्य अनियमितताएं जो जांच में सामने आईं:

  • अनाधिकृत संचालन: उप-निबंधक की अनुपस्थिति में लिपिक द्वारा रजिस्ट्री निष्पादन।

  • फर्जी कर्मचारी: बिना किसी नियुक्ति के बाहरी व्यक्ति द्वारा सरकारी कार्य का संपादन।

  • राजस्व क्षति: औद्योगिक भूमि को आवासीय दिखाकर करोड़ों की स्टाम्प चोरी।

  • दस्तावेजों की पेंडेंसी: वर्षों से मूल विलेखों और नकल का लंबित होना।

  • नियमों का उल्लंघन: भारतीय रजिस्ट्रेशन मैनुअल और सुराज भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिसूचनाओं की अनदेखी।

भविष्य के लिए सख्त संकेत: अन्य कार्यालयों में भी मचेगा हड़कंप

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी हड़कंप मच गया है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक शुरुआत है। जिलाधिकारी देहरादून ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य तहसीलों और निबंधक कार्यालयों का भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।

उप-निबंधक ऋषिकेश के निलंबन को मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की मुहिम से जोड़कर देखा जा रहा है। शासन ने जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी फाइल की गहनता से जांच करें ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।

You Might Also Like

Assembly Election Results Today Live: 5 राज्यों के चुनावी नतीजे आज, बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक सभी की निगाहें
New Delhi: भीषण लू से फिलहाल झारखंड में राहत नहीं, 19 जून के बाद मानसून पहुंचने की संभावना
“अब तो मुझे नरेंदर नाम से ही नफरत हो गई है…” पाकिस्तानी बॉक्सर का मजेदार किस्सा सुनकर ठहाकों से गूंज उठा PM मोदी का आवास
West Bengal: एक्शन में है ED, फरार TMC नेता शेख शाहजहां के करीबियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
एक यात्रा ने पहुंचाया जेल… श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे गिरफ्तार
TAGGED:District Magistrate Savin BansalRegistry Scam DehradunRishikesh Sub-Registrar SuspendedStamp Theft RishikeshSub-Registrar Rishikesh Suspendedzero tolerance on corruption
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

बिहार में शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म! BPSC ने जारी किया TRE-4 नोटिफिकेशन, 32,388 पदों पर बंपर भर्ती

The Hill India News
The Hill India News
August 18, 2026
पीपलकोटी टनल हादसे में खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, सभी 10 लापता मजदूरों के शव बरामद; 12 घायल अस्पताल में भर्ती
‘आरक्षण के लिए भाजपा के साथ आए थे, अब तक लागू क्यों नहीं किया?’ यूपी चुनाव से पहले संजय निषाद के तीखे तेवर, बोले- निषाद समाज अपना हक मांग रहा है
राजपाल यादव की लगी ‘लॉटरी’! 1200 करोड़ की 12 फिल्मों की डील साइन, 10 साल तक बड़े पर्दे पर छाएंगे कॉमेडी के किंग
‘गांधी, नेहरू और पटेल पर भी FIR करिए’, वंदे मातरम विवाद पर खरगे का भाजपा को करारा जवाब
पान मसाला ऐड पर सनी देओल का बयान और वायरल हुआ पुराना विज्ञापन, बोले- ‘मेरा जमीर गवाही नहीं देता’
इमरान खान को जेल से अस्पताल शिफ्ट करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 48 घंटे में होगा ट्रांसफर; परिवार से हर हफ्ते मुलाकात की भी मंजूरी
देहरादून में कल से बदलेगा ट्रैफिक का पूरा रूट! उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर 19-20 अगस्त तक डायवर्जन, घर से निकलने से पहले देखें पूरा प्लान
पंजाब में अनोखा लंगर! अब पूड़ी-सब्जी नहीं, मुफ्त में मिलेगा पेट्रोल; दोपहिया को ₹500 और कार वालों को ₹1,000 का तेल
1.20 करोड़ के लालच में खौफनाक कत्ल! YouTube के झूठे दावे पर नाबालिग की हत्या, शरीर का हिस्सा लेकर 3 दिन तक भटकते रहे आरोपी
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?