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हल्द्वानी में नवीन गल्ला मंडी में युवक-युवती की बेरहमी से हत्या, पत्थर से कुचले चेहरे; इलाके में सनसनी

हल्द्वानी (नैनीताल)। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर की व्यस्ततम नवीन गल्ला मंडी परिसर में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां दो लहूलुहान शव बरामद हुए। अज्ञात हमलावरों ने करीब 22 वर्षीय युवती और 30 वर्षीय युवक की पत्थर से सिर कुचलकर नृशंस हत्या कर दी। हत्या की संवेदनशीलता और क्रूरता को देखते हुए पुलिस इसे किसी गहरी रंजिश या प्रतिशोध का परिणाम मान रही है।

घटनास्थल का खौफनाक मंजर

गुरुवार सुबह जब मंडी में कामगारों और व्यापारियों का पहुंचना शुरू हुआ, तो उनकी नजर शवों पर पड़ी। घटनास्थल का दृश्य इतना वीभत्स था कि देखने वालों की रूह कांप गई। हमलावरों ने हत्या के लिए किसी धारदार हथियार के बजाय पास में ही पड़े एक भारी-भरकम और वजनी पत्थर का इस्तेमाल किया। पत्थर पर खून के गहरे निशान मौजूद थे, जिसे फॉरेंसिक टीम ने मुख्य साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया है।

शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि चेहरों को पहचानना लगभग नामुमकिन था। पुलिस के अनुसार, हत्यारों ने जानबूझकर चेहरों पर प्रहार किया ताकि मृतकों की पहचान छिपाई जा सके और अपराध की प्रकृति ‘कोल्ड ब्लडेड’ नजर आए।


मृतक युवक की शिनाख्त, युवती की पहचान अभी भी पहेली

सूचना मिलते ही पुलिस बल ने घेराबंदी शुरू की। तलाशी के दौरान मृतक युवक की जेब से एक आधार कार्ड बरामद हुआ, जिससे उसकी शिनाख्त शुभम कुमार टम्टा (30 वर्ष) के रूप में हुई है। आधार कार्ड के अनुसार, शुभम मूल रूप से अल्मोड़ा का निवासी है और उसकी जन्मतिथि 31 दिसंबर 1995 दर्ज है।

हालांकि, शुभम के साथ मारी गई युवती की शिनाख्त अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस युवती की पहचान के लिए सोशल मीडिया, गुमशुदगी के रिकॉर्ड और आसपास के जिलों के थानों से संपर्क साध रही है। पुलिस का मानना है कि युवती की पहचान होने के बाद इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

रंजिश या प्रेम-प्रसंग? जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम

इस हल्द्वानी डबल मर्डर केस की जांच के लिए पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है। जिस तरह से सिर को बुरी तरह कुचला गया है, उससे प्रथम दृष्टया यह किसी भयंकर निजी रंजिश का मामला लग रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह ‘ऑनर किलिंग’ या किसी त्रिकोणीय प्रेम-प्रसंग का परिणाम भी हो सकता है।

घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने घंटों बारीकी से निरीक्षण किया। मिट्टी के नमूने, खून से सना पत्थर और मृतकों के पास मिले अन्य सामानों को लैब जांच के लिए भेजा गया है।


पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी मनोज कत्याल स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया:

“हमें सुबह मंडी चौकी क्षेत्र में दो अज्ञात शव पड़े होने की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पत्थर से कुचलकर दोनों की हत्या की गई है। युवक की पहचान शुभम निवासी अल्मोड़ा के रूप में हो गई है, जबकि युवती की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। मामले के त्वरित खुलासे के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया जा चुका है।” — मनोज कत्याल, एसपी सिटी, हल्द्वानी

सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर डंप पर टिकी उम्मीद

पुलिस अब मंडी परिसर और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मंडी एक ऐसा स्थान है जहाँ रात भर आवाजाही रहती है, ऐसे में हमलावरों का वहां पहुंचना और इस वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

पुलिस की सर्विलांस सेल शुभम के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाल रही है ताकि यह पता चल सके कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में था और युवती के साथ उसका क्या संबंध था। साथ ही, घटना के समय उस इलाके में सक्रिय मोबाइल सिग्नल्स (टावर डंप) का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

मंडी व्यापारियों में भय का माहौल

दिनदहाड़े मंडी परिसर के अंदर हुए इस दोहरे हत्याकांड के बाद स्थानीय व्यापारियों और मजदूरों में दहशत व्याप्त है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, क्योंकि यहाँ रोजाना करोड़ों का कारोबार होता है और बाहरी लोगों की आवाजाही अनियंत्रित रहती है।

हल्द्वानी डबल मर्डर ने न केवल नैनीताल पुलिस प्रशासन को चुनौती दी है, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस की तफ्तीश पर है। क्या शुभम और उस युवती को किसी करीबी ने ही मौत के घाट उतारा? या वे किसी संगठित अपराधी गिरोह का शिकार हुए? इन सवालों के जवाब पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएंगे।

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के सटीक समय और संघर्ष की स्थिति का पता चलेगा।

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