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संसद के बजट सत्र में आज फिर हो सकता है महाहंगामा: ट्रेड डील और असम CM के वीडियो पर आर-पार के मूड में विपक्ष

नई दिल्ली | संसद का बजट सत्र आज एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां सरकार की प्राथमिकता आज से शुरू होने वाली ‘आम बजट’ पर चर्चा को सुचारू रूप से चलाने की है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ने दो प्रमुख मुद्दों—भारत-अमेरिका ट्रेड डील और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के कथित विवादित वीडियो—को लेकर सरकार की घेराबंदी करने की पूरी तैयारी कर ली है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के तेवर तीखे रहेंगे। इसकी रणनीति सुबह 10 बजे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होने वाली विपक्षी दलों की साझा बैठक में तय की गई।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ‘राष्ट्रहित’ बनाम ‘चुनावी लाभ’ की बहस

विपक्ष का सबसे बड़ा हमला भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में संपन्न हुई व्यापारिक संधि (Trade Deal) को लेकर है। कांग्रेस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस समझौते में भारतीय हितों की अनदेखी की गई है।

  • विपक्ष का तर्क: कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार ने अमेरिकी प्रशासन के दबाव में आकर घरेलू उद्योगों, विशेषकर कृषि और डेयरी सेक्टर को संकट में डाल दिया है।

  • सरकार का पक्ष: हालांकि, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह डील भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। लेकिन विपक्ष अब इस पर सदन के भीतर विस्तार से बहस और जवाबदेही की मांग पर अड़ा है।

सदन में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और माणिकम टैगोर ने इस मुद्दे पर ‘स्थगन प्रस्ताव’ (Adjournment Motion) दिया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। अब विपक्ष इसे ‘लोकतंत्र की आवाज दबाने’ के रूप में पेश कर रहा है।

असम के सीएम का कथित वीडियो: ध्रुवीकरण के आरोपों से गरमाया माहौल

सदन के भीतर दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से जुड़े एक विवादित एनिमेटेड वीडियो का है। विपक्षी दलों का दावा है कि असम भाजपा के आधिकारिक हैंडल से साझा किए गए इस वीडियो में मुख्यमंत्री को प्रतीकात्मक रूप से एक विशेष समुदाय पर कार्रवाई करते दिखाया गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि, भाजपा ने इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटा लिया है, लेकिन कांग्रेस ने इसे ‘सबूत’ के तौर पर संभाल कर रखा है और इसे सरकार की ‘नैतिक हार’ करार दे रही है। सदन में इस मुद्दे पर शून्यकाल (Zero Hour) के दौरान भारी शोर-शराबे की उम्मीद है।

खरगे के आवास पर विपक्षी एकजुटता का प्रदर्शन

आज सुबह मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर विपक्षी दलों की बैठक हुई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस, सपा, डीएमके और एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख नेता शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट चर्चा के दौरान सरकार को किन-किन बिंदुओं पर घेरना है, उसका ‘रोडमैप’ तैयार करना था।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे जनहित के मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार ‘संख्या बल’ के आधार पर उनकी आवाज को अनसुना कर रही है। सूत्रों की मानें तो आज विपक्ष एकजुट होकर वेल में आकर विरोध प्रदर्शन कर सकता है।

बजट पर चर्चा: क्या सुचारू रूप से चल पाएगा सदन?

आज से संसद में आम बजट पर आधिकारिक चर्चा शुरू होनी है। यह सरकार के लिए अग्निपरीक्षा जैसा है, क्योंकि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बीच विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की थी।

लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के लिए आज सदन को व्यवस्थित रखना एक बड़ी चुनौती होगी। यदि विपक्ष ट्रेड डील और असम विवाद पर अड़ा रहता है, तो बजट पर चर्चा बाधित हो सकती है, जिससे विधायी कार्यों में देरी होने की आशंका है।

लोकतंत्र की गरिमा और राजनीतिक रस्साकशी

देश की जनता की नजरें आज संसद की कार्यवाही पर टिकी हैं। एक ओर जहां देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला ‘बजट’ चर्चा की राह देख रहा है, वहीं दूसरी ओर ज्वलंत राजनीतिक मुद्दे सदन के पटल पर आने को बेकरार हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब कैसे देती है या फिर एक बार और हंगामा चर्चा पर भारी पड़ता है।

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