आगरा में ‘श्रद्धा मर्डर केस’ जैसी खौफनाक वारदात: शक में पागल प्रेमी ने प्रेमिका के शरीर को टुकड़ों में काटा; यमुना और नाले में फेंकी लाश
आगरा | उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जिसने दिल्ली के चर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं। ताजनगरी के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में एक सनकी प्रेमी ने अपनी ही प्रेमिका की गला रेतकर हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को कई हिस्सों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। आगरा पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 12 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
सनसनीखेज वारदात: बोरे में मिले शरीर के हिस्से
घटना का आगाज शनिवार शाम को हुआ जब एत्माद्दौला पुल के समीप यमुना किनारे एक संदिग्ध बोरा पड़ा मिला। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब बोरा खोला, तो वहां मौजूद हर शख्स के होश उड़ गए। बोरे के अंदर एक युवती का धड़ बरामद हुआ था, लेकिन उसका सिर और पैर गायब थे। शहर के बीचों-बीच मिली इस कटी-फटी लाश ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त (CP) दीपक कुमार ने तुरंत कड़े निर्देश जारी किए। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया गया ताकि कातिल तक जल्द से जल्द पहुँचा जा सके।
12 घंटे की मैराथन जांच और सैकड़ों CCTV का जाल
आगरा पुलिस के लिए मृतका की पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती थी। डीसीपी सिटी खुद फील्ड में उतरे और पूरी मॉनिटरिंग संभाली। पुलिस ने इलाके के लगभग 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक की आवाजाही ने पुलिस का ध्यान खींचा। डिजिटल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस विनय राजपूत नामक युवक तक पहुंची, जो मृतका के साथ एक ही प्राइवेट कंपनी में काम करता था। कड़ाई से पूछताछ करने पर विनय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की जो पटकथा सुनाई, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया।
शक का वह ‘खूनी’ मंजर: क्यों की हत्या?
आरोपी विनय राजपूत ने पुलिस को बताया कि वह और मृतका एक ही कंपनी में काम करते थे और लंबे समय से प्रेम संबंध में थे। हालांकि, बीते कुछ समय से विनय को अपनी प्रेमिका के चरित्र पर संदेह होने लगा था। उसे शक था कि युवती का संबंध उसके अलावा अन्य लड़कों के साथ भी है।
इसी शक की आग में जलते हुए विनय ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। वारदात के दिन आरोपी ने युवती को एकांत में बुलाया और पहले उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए:
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सिर काटा: पहचान छिपाने के लिए उसने चाकू से युवती का सिर धड़ से अलग किया।
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पैरों को किया अलग: लाश को ठिकाने लगाने में आसानी हो, इसके लिए पैरों को भी काट दिया।
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साक्ष्य मिटाने की कोशिश: सिर को उसने दूर ले जाकर झरना नाले में फेंक दिया, जबकि धड़ को बोरे में भरकर यमुना पुल के पास फेंक दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: ‘ऑपरेशन क्लीन’
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और युवती के शरीर के अन्य हिस्से (सिर और पैर) बरामद कर लिए हैं।
“यह एक जघन्य अपराध था। आरोपी ने न केवल हत्या की बल्कि शव के साथ बर्बरता भी की। 12 घंटे के भीतर केस का खुलासा करना हमारी टीम की बड़ी उपलब्धि है। आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक पैरवी की जाएगी।” – सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी, आगरा
प्रेम का हिंसक चेहरा और सुरक्षा पर सवाल
आगरा की इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और प्रेम संबंधों में हिंसा के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘शक’ की वजह से एक हंसती-खेलती जिंदगी का ऐसा वीभत्स अंत रोंगटे खड़े करने वाला है। फिलहाल, आरोपी विनय राजपूत जेल की सलाखों के पीछे है और पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुटी है।



