
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित ऐतिहासिक परेड ग्राउंड सोमवार को युवा ऊर्जा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के गौरवशाली रंगों से सराबोर रहा। राष्ट्रीय युवा दिवस के पावन अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं का आह्वान करते हुए उन्हें ‘विकसित भारत’ का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करने वाले महिला एवं युवक मंगल दलों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया और राज्य में पर्यटन एवं आध्यात्म को नई दिशा देने के लिए ‘स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर’ के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणा की।
महिला एवं युवक मंगल दलों का सम्मान: सेवा और समर्पण को मिली पहचान
समारोह के मुख्य आकर्षण रहे राज्य के वे युवा और महिलाएं जिन्होंने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की अलख जगाई है। मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मंगल दलों को क्रमशः 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये और 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की।
महिला मंगल दल श्रेणी में विजेता:
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प्रथम: महिला मंगल दल धापला, नैनीताल
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द्वितीय: महिला मंगल दल सेमा, चमोली
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तृतीय: महिला मंगल दल बनाली, टिहरी गढ़वाल
युवक मंगल दल श्रेणी में विजेता:
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प्रथम: युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली
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द्वितीय: युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल
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तृतीय: युवक मंगल दल चौडीराय, चम्पावत
पुरस्कार वितरण के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं और एन.एस.एस. (NSS) अवार्ड प्राप्त युवाओं को भी सम्मानित किया। युवाओं के जज्बे को देखते हुए एन.एस.एस. की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2,24,320 रुपये का चेक भी भेंट किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।
स्वामी विवेकानंद: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता
स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए सीएम धामी ने उन्हें एक ऐसा युगद्रष्टा ऋषि बताया, जिन्होंने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारत को उसकी आध्यात्मिक शक्ति का स्मरण कराया। मुख्यमंत्री ने कहा, “स्वामी जी का शिकागो उद्बोधन केवल भाषण नहीं था, बल्कि सनातन संस्कृति के ज्ञान और विवेक का विश्वव्यापी विजय घोष था। उन्होंने सिखाया कि मानवता का कल्याण केवल भारतीय मूल्यों में ही निहित है।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विवेकानंद जी का युवा शक्ति पर अटूट विश्वास था। वे युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे। आज की पीढ़ी को उनके ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको’ के मंत्र को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
उत्तराखंड में बनेगा ‘स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर’
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का स्वामी विवेकानंद जी से गहरा नाता रहा है। उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तपस्या कर आत्मज्ञान प्राप्त किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने उन सभी पवित्र स्थानों को चिन्हित कर लिया है जहाँ स्वामी जी ने प्रवास किया था। इन स्थानों को जोड़ते हुए एक भव्य ‘स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर’ बनाया जाएगा, जो न केवल युवाओं को प्रेरणा देगा बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।”
आत्मनिर्भर भारत और युवा शक्ति का संकल्प
मुख्यमंत्री ने आर्थिक और सामाजिक विकास में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित और राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत न हो। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसे प्रयासों से भारतीय युवाओं को ‘फ्यूचर रेडी’ (Future Ready) बनाया जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार की प्रमुख योजनाएं: मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा युवाओं के सशक्तिकरण हेतु चलाई जा रही योजनाओं का विवरण भी साझा किया:
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नई स्टार्टअप नीति: राज्य में उद्यमशीलता के इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए।
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मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना: स्थानीय स्तर पर युवाओं को उद्यमी बनाने हेतु वित्तीय सहायता।
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कौशल विकास: तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं की कार्यक्षमता में वृद्धि।
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दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना: ग्रामीण युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करना।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या का संबोधन
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि स्वामी विवेकानंद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनके आदर्शों पर चलकर ही 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार खेल और युवा कल्याण के बजट को लगातार बढ़ाकर राज्य की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रही है।
युवाओं के कंधे पर नए उत्तराखंड की जिम्मेदारी
परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड सरकार केवल बुनियादी ढांचे पर ही नहीं, बल्कि राज्य की मानव पूंजी यानी युवाओं के निवेश पर भी विशेष ध्यान दे रही है। ‘विवेकानंद कॉरिडोर’ जैसी पहल सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करेगी, जबकि नकद पुरस्कार ग्रामीण नेतृत्व को प्रोत्साहित करेंगे।
इस अवसर पर राजपुर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा और खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश भर से आए हजारों युवा उपस्थित रहे।



