By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: दिल्ली में साइबर अपराधियों का खौफनाक खेल: बुजुर्ग डॉक्टर दंपति 15 दिनों तक रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’, ठग लिए 14 करोड़ रुपये
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > दिल्ली > दिल्ली में साइबर अपराधियों का खौफनाक खेल: बुजुर्ग डॉक्टर दंपति 15 दिनों तक रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’, ठग लिए 14 करोड़ रुपये
दिल्लीफीचर्ड

दिल्ली में साइबर अपराधियों का खौफनाक खेल: बुजुर्ग डॉक्टर दंपति 15 दिनों तक रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’, ठग लिए 14 करोड़ रुपये

The Hill India News
Last updated: January 11, 2026 3:56 am
The Hill India News
Published: January 11, 2026
Share
SHARE

नयी दिल्ली (भाषा)। देश की राजधानी के सबसे सुरक्षित और पॉश इलाकों में शुमार दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश से साइबर ठगी की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। यहाँ रहने वाले एक बुजुर्ग चिकित्सक (डॉक्टर) दंपति को शातिर साइबर अपराधियों ने दो सप्ताह से अधिक समय तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और उनके जीवन भर की जमा पूंजी, करीब 14 करोड़ रुपये हड़प लिए।

Contents
15 दिनों तक घर में ‘कैद’, खौफ के साये में बीता वक्तकिस्तों में पार किए 14 करोड़ रुपये‘डिजिटल अरेस्ट’ क्या है? कैसे बुनते हैं जाल?पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच में जुटी स्पेशल सेलबुजुर्गों को सॉफ्ट टारगेट बना रहे हैं अपराधीपड़ोसी और परिजन रहे अनजान

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह संभवतः राजधानी में किसी व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट के जरिए की गई अब तक की सबसे बड़ी ठगी में से एक है। यह पूरी साजिश 24 दिसंबर से शुरू हुई और 9 जनवरी तक चलती रही।

15 दिनों तक घर में ‘कैद’, खौफ के साये में बीता वक्त

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ठगों ने बुजुर्ग दंपति को इतना डरा दिया था कि वे अपने ही घर में बंधक बन गए थे। अपराधियों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को सीबीआई, नारकोटिक्स ब्यूरो और कभी पुलिस अधिकारी बताकर दंपति से संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि उनके बैंक खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर अपराधों में हुआ है।

अपराधियों ने ‘कानूनी प्रक्रिया’ और ‘गोपनीयता’ का हवाला देकर उन्हें कैमरा ऑन रखने और किसी से भी बात न करने की चेतावनी दी। खौफ का आलम यह था कि करीब 16 दिनों तक यह बुजुर्ग दंपति न तो घर से बाहर निकला और न ही अपने सगे-संबंधियों को इसकी जानकारी दे सका।

किस्तों में पार किए 14 करोड़ रुपये

ठगी का यह खेल बेहद पेशेवर तरीके से खेला गया। अपराधियों ने दंपति को विश्वास दिलाया कि अगर वे अपनी संपत्ति और बचत को एक ‘सरकारी सुरक्षित खाते’ में ट्रांसफर कर देते हैं, तो जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट मिल जाएगी और पैसे वापस कर दिए जाएंगे।

  • 24 दिसंबर: ठगों ने पहली बार संपर्क किया और फर्जी अरेस्ट वारंट दिखाया।

  • दिसंबर का अंतिम सप्ताह: डरा-धमकाकर अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कराए गए।

  • 09 जनवरी: जब दंपति का बैंक बैलेंस पूरी तरह खत्म हो गया और ठगों ने संपर्क तोड़ दिया, तब जाकर उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ।

‘डिजिटल अरेस्ट’ क्या है? कैसे बुनते हैं जाल?

साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ असल में कोई कानूनी शब्द नहीं है, बल्कि ठगी का एक मनोवैज्ञानिक तरीका है। अपराधी स्काइप (Skype) या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पुलिस स्टेशन जैसा सेटअप बनाकर बैठते हैं। वे वर्दी में होते हैं और उनके पास फर्जी अदालती आदेश और वारंट होते हैं। पीड़ित को कैमरा बंद करने या फोन काटने की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे पीड़ित मानसिक दबाव में आकर उनकी हर बात मानने लगता है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच में जुटी स्पेशल सेल

दक्षिण दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इस मामले की पुष्टि की है। पीड़ित दंपति की शिकायत पर अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और स्पेशल सेल इस मामले की तकनीकी जांच कर रही है। जिन बैंक खातों में 14 करोड़ रुपये भेजे गए हैं, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ठगों ने पैसे को तुरंत कई अन्य खातों या क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया होगा।

बुजुर्गों को सॉफ्ट टारगेट बना रहे हैं अपराधी

ग्रेटर कैलाश और साउथ दिल्ली के अन्य पॉश इलाकों में रहने वाले अकेले बुजुर्ग साइबर अपराधियों के आसान लक्ष्य (Soft Targets) बन रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि:

  1. कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार या ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती।

  2. सीबीआई या पुलिस कभी भी फोन पर आपसे धन की मांग नहीं करती।

  3. ऐसे किसी भी कॉल आने पर तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

पड़ोसी और परिजन रहे अनजान

हैरानी की बात यह है कि पॉश कॉलोनी में रहने के बावजूद दो सप्ताह तक किसी को कानो-कान खबर नहीं हुई। ठगों ने दंपति को पूरी तरह आइसोलेट (अलग-थलग) कर दिया था। यह घटना दिल्ली के हाई-प्रोफाइल इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता पर भी सवाल उठाती है।


14 करोड़ रुपये की यह बड़ी लूट समाज के लिए एक चेतावनी है। तकनीकी रूप से सक्षम होने के बावजूद डर किसी को भी शिकार बना सकता है। दिल्ली पुलिस अब उन इंटरनेशनल कॉल्स और आईपी एड्रेस को ट्रैक कर रही है, जिनके जरिए इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया। उम्मीद है कि जल्द ही अपराधियों का सुराग मिल सकेगा।

You Might Also Like

Uttarakhand: हवाई कनेक्टिविटी पर उत्तराखंड सरकार का बड़ा फोकस, सीएम धामी बोले— हेलीकॉप्टर सेवाओं में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
शशि थरूर द्वारा PM मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी मामले के, मानहानि केस में आज आएगा फैसला
आतिशी के अनशन पर बैठने के बाद AAP का बड़ा आरोप, कहा- ‘हरियाणा ने दिल्ली का पानी और कम किया’
उत्तर प्रदेश: होमगार्ड भर्ती परीक्षा पर सीएम योगी की सख्ती, नकल, लापरवाही और अफवाहों पर जीरो टॉलरेंस
Kedarnath Dham Yatra: सुरक्षा बल ही नहीं अधिकारी भी यात्रियों की जीवन रक्षा के लिए निभा रहे हैं अहम भूमिका
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
दिल्लीफीचर्ड

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर: क्या बदलेगा विरोध प्रदर्शन का केंद्र? केंद्र सरकार से मांगा जवाब

The Hill India News
The Hill India News
August 3, 2026
बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट से बरी होने के बाद बोले— “अगर एक भी आरोप साबित होता तो खुद फांसी पर लटक जाता”
ऐतिहासिक फैसला! राष्ट्रपति मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक कानून को दी मंजूरी, अब 2 महीने में जांच, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की जेल
गलत नंबर पर हो गया मोबाइल रिचार्ज? घबराएं नहीं! Airtel और Jio यूजर्स ऐसे वापस पा सकते हैं अपने पैसे, जानिए पूरा प्रोसेस
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
सृष्टि कंडारी मौत मामला: अब CB-CID करेगी हर पहलू की जांच, सीएम धामी के बड़े फैसले से बढ़ी न्याय की उम्मीद; देवप्रयाग विधायक की मांग पर हुई कार्रवाई
देहरादून की चर्चित सृष्टि कंडारी मौत मामला: पति और ननद गिरफ्तार, सास की भूमिका जांच के घेरे में; वीडियो बना जांच का सबसे अहम सबूत
E20 फ्यूल पर देशभर में सियासी घमासान: केजरीवाल ने सरकार के सामने रखीं 3 बड़ी मांगें, कहा- ‘शुद्ध पेट्रोल का विकल्प दो, E20 सस्ता करो’
यूपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: लखनऊ से वाराणसी और गोरखपुर तक 15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले, कई ADG को मिली नई जिम्मेदारी
मसूरी में 200 साल पुरानी कब्रगाह पर प्रशासन का एक्शन: अंतिम नमाज स्थल भी हटाया गया, विरोध में सड़क पर उतरा मुस्लिम समुदाय; जानिए पूरा मामला
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?